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जयपुर नगर निगम अतिक्रमण शाखा की कार्रवाई पर विवाद, पार्षद ने विरोध किया

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जयपुर, (रॉयल पत्रिका)। नगर निगम जयपुर हैरिटेज के अतिक्रमण शाखा द्वारा वार्ड नंबर 05 में की गई हालिया कार्रवाई ने स्थानीय निवासियों और पार्षद अब्दुल वहीद खान के बीच विवाद पैदा कर दिया है। पार्षद ने आरोप लगाया है कि निगम की ओर से अतिक्रमण का गलत आक्षेप लगाया जा रहा है, जिससे कई परिवार प्रभावित हो रहे हैं। पार्षद अब्दुल वहीद खान ने एक पत्र में निगम के अधिकारियों से आग्रह किया है कि विजय नगर, भौमिया जी के मन्दिर के क्षेत्र में निवास कर रहे मो. अल्ताफ सहित कई अन्य लोगों को अतिक्रमण के आरोप में हटाने की सूचना को तत्काल रोका जाए। उन्होंने बताया कि अल्ताफ 2003 से इसी स्थान पर निवास कर रहे हैं और निगम के 2004 के सर्वे में उनका नाम शामिल है। उन्होंने कहा, “यह स्पष्ट है कि इन लोगों ने कोई नया अतिक्रमण नहीं किया है। वे काफी वर्षों से यहाँ रह रहे हैं और अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।” खान ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि उनकी वार्ड में किसी प्रकार का नया अतिक्रमण नहीं हुआ है, और निगम द्वारा पूर्व में उठाई गई शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। दूसरी ओर, पार्षद ने यह भी कहा कि उनके वार्ड में कुछ लोग सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर रहे हैं। जिसमें सायरा पत्नी मोहम्मद शफीक, राघनी पुत्री स्य. राजू और नजमा पत्नी पप्पू शामिल हैं। पार्षद का कहना है कि इन लोगों ने अतिक्रमण के लिए असामाजिक तत्वों से सहायता ली है, जिसके खिलाफ उन्होंने कई बार शिकायतें दर्ज करवाई हैं। अब्दुल वहीद खान ने निगम के अधिकारियों से आग्रह किया है कि आवासीय और व्यावसायिक स्थलों पर हो रहे अवैध अतिक्रमण के खिलाफ करवाई की जाए ताकि वार्डवासियों के अधिकारों की रक्षा हो सके। इस विवाद में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखना होगा, लेकिन स्थानीय निवासियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पार्षद की सक्रियता सराहनीय है।

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