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12 साल की मोदी सरकार में पहला इस्तीफा: एक बवाल से शुरू हुई CJP; कौन हैं कॉकरोच जनता पार्टी बनाने वाले अभिजीत दीपके

12 साल की मोदी सरकार में पहला इस्तीफा: एक बवाल से शुरू हुई CJP; कौन हैं कॉकरोच जनता पार्टी बनाने वाले अभिजीत दीपके

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CJP Protest In Delhi : नई दिल्ली। नीट पेपर लीक को लेकर राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन जारी है। छात्रों की मांगों को लेकर केंद्र सरकार और सीजेपी के बीच तीसरे दौर की वार्ता जारी है। इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।

मोदी सरकार में पहली बार विरोध के बाद इस्तीफा

साल 2014 में पहली बार मोदी सरकार बनने के बाद 12 साल के कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान पहले मंत्री हैं, जिन्हें विरोध के चलते इस्तीफा देना पड़ा है। हालांकि, इससे पहले 2018 में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने इस्तीफा दिया था, लेकिन तब दुनियाभर में ‘मी टू’ आंदोलन चल रहा था और अकबर पर पत्रकारिता के दिनों में यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे। वहीं धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की एक पुरानी प्रेस कॉन्फ्रेंस की क्लिप तेजी से वायरल हो रही है। 24 जून 2015 के वायरल क्लिप में राजनाथ सिंह कहते नजर आ रहे हैं कि ‘मंत्रियों के त्यागपत्र नहीं होते हैं भैया, ये UPA सरकार नहीं है, NDA सरकार है।’

दरअसल, नीट पेपर लीक मुद्दे पर सरकार की चौतरफा आलोचना हो रही थी। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़े कदम के तौर देखा जा रहा है। पेपर लीक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने शुरू से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और अपने फैसले पर अड़ी रही। सरकार और सीजेपी के तीसरे दौर की वार्ता से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा सौंपा है, लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि तीन महीने पहले जिस पार्टी की शुरुआत हुई, उसके आगे धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। आखिर अभिजीत दीपके कौन हैं, और कॉकरोच जनता पार्टी कैसे बनीं। इसके बारे में जानते हैं।

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सीजेपी पार्टी की कैसे हुई शुरूआत

15 मई को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत का एक बयान वायरल हुआ। एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से कर दी। इसके बाद अभिजीत दीपके ने 16 मई को इस पार्टी की शुरुआत की। महज 6 दिन में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के इंस्टाग्राम पर भाजपा से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए। जिसके बाद यूजर्स ने सीजेआई को घेरना शुरू कर दिया। विवाद बढ़ता देख सीजेआई ने बयान पर सफाई दी। सीजेआई का बयान सामने आने के बाद इस ऐतिहासिक उपलब्धि को शेयर करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल ने बीजेपी पर सीधा तंज कसते हुए लिखा है कि युवाओं की ताकत को हल्के में मत लेना। पार्टी ने लिखा, “युवाओं की ताकत को कभी हल्के में मत लेना। इसे ‘दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी’ कहते थे न।” जिसके बाद सीजेपी पार्टी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। खासकर जेन जी के बीच यह एक नया इंटरनेट ट्रेंड बन गया। अब यह पार्टी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।

कौन हैं अभिजीत दीपके?

कॉकरोच जनता पार्टी महाराष्ट्र के अभिजीत दीपके (30) ने बनाई है। दीपके खुद इस पार्टी का संस्थापक और अध्यक्ष हैं। इस पार्टी का नारा है- ‘सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, लेजी।’ अभिजीत एक प्रोफेशनल पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रेटेजिस्ट हैं। उन्होंने पुणे से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। इसके बाद वह हायर एजुकेशन के लिए अमेरिका चले गए। अभिजीत ने अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर ऑफ साइंस की ड्रिगी ली है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने 2020 से 2023 के बीच आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के साथ भी काम किया है। इसके साथ ही अभिजीत दिल्ली के शिक्षा विभाग में कम्युनिकेशंस एडवाइजर के तौर पर भी काम किया है। अभिजीत दीपके ने अपनी शुरुआती उच्च शिक्षा महाराष्ट्र के पुणे से की है। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की, जहां से उन्होंने मीडिया, रिपोर्टिंग, लेखन और जनसंचार से जुड़ी बारीकियां सीखीं।

क्या है सीजेपी का मेनिफेस्टो?

कॉकरोच जनता पार्टी का मेनिफेस्टो भी काफी मजेदार अंदाज में बनाया गया है। पार्टी खुद को सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक और लेजी बताती है। इसके कुछ वादों में अगर सीजेपी पार्टी सरकार में आती है तो रिटायरमेंट के बाद किसी भी CJI को राज्यसभा जाने का रिवॉर्ड नहीं मिलेगा। अगर कोई वैध वोट डिलीट किया जाएगा, तो मुख्य चुनाव आयुक्त को UAPA में गिरफ्तार किया जाएगा क्योंकि किसी के वोटिंग का अधिकार छीनना आतंकवाद से कम नहीं। पार्टी के महिलाओं के लिए 50% का आरक्षण होगा, न कि 33 फीसदी इसके लिए सांसदों की संख्या भी नहीं बढ़ाई जाएगी। कैबिनेट में भी महिलाओं के लिए 50% आरक्षण होगा। अंबानी और अडाणी के सभी मीडिया संस्थानों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे, ताकि वास्तव में स्वतंत्र मीडिया को जगह मिल सके। गोदी मीडिया एंकरों के बैंक अकाउंट्स की जांच कराई जाएगी। अगर कोई विधायक या सांसद दलबदल कर दूसरी पार्टी में जाता है तो उसके चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगाई जाएगी। उसे अगले 20 साल तक किसी भी पब्लिक ऑफिस में पद नहीं दिया जाएगा।

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