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जंतर-मंतर पर कौन भेज रहा खाना! रैपर बने सुराग, रेस्टोरेंट और कैफे तक पहुंची पुलिस

जंतर-मंतर पर कौन भेज रहा खाना! रैपर बने सुराग, रेस्टोरेंट और कैफे तक पहुंची पुलिस

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Jantar Mantar Protest Food : नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शन ने देश-दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के धरना-प्रदर्शन में बीते दो दिनों से एक अलग तरह का सहयोग देखने को मिल रहा है। अब यहां सिर्फ नारे नहीं गूंज रहे, बल्कि प्रदर्शनकारियों के खाने के लिए पिज्जा, पराठे, बिस्किट और पानी की बोतलें भी लगातार पहुंच रही हैं। जंतर-मंतर पर लगातार डिलीवरी पार्टनर पहुंच रहे हैं। कोई पिज्जा लेकर आ रहा है, कोई बिरयानी, तो कोई गरमा-गरम पराठे और पानी की बोतलें। ये ऑर्डर उन लोगों की ओर से भेजे जा रहे हैं जो खुद प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते, लेकिन किसी न किसी तरह अपना समर्थन दर्ज कराना चाहते हैं। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बड़ी मात्रा में खाना भेजने वाले लोग कौन हैं और कौन-कौन से रेस्टोरेंट या कैफे इसमें शामिल हैं।

रैपर से सुराग, पुलिस कर रही पूछताछ

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन के बीच खाने की लगातार सप्लाई के बाद दिल्ली पुलिस भी सक्रिय हो गई है। पुलिस अब उन रेस्टोरेंट और कैफे की जानकारी जुटा रही है, जहां से बड़ी संख्या में फूड पैकेट जंतर-मंतर भेजे जा रहे हैं। इसके लिए पुलिस ने एक अलग तरीका अपनाया है। पुलिस इन फूड आउटलेट्स तक पहुंचने के लिए जंतर-मंतर पर फेंके गए खाली रैपर और फूड पैकेजिंग का सहारा ले रही है।

दिल्ली पुलिस के अधिकारी कई रेस्टोरेंट और कैफे में जाकर पिछले कुछ दिनों के ऑर्डर और डिलीवरी का रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। कुछ ढाबों और रेस्टोरेंट मालिकों से पेड और फ्री, दोनों तरह के ऑर्डर्स के सबूत मांगे गए हैं। कई मालिकों का दावा है कि उन्हें पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन भी बुलाया गया।

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जानें पूरा मामला?

दक्षिण दिल्ली के एक रेस्टोरेंट मालिक ने बताया कि वे पिछले तीन दिनों से औसतन 800 फूड पैकेट रोज जंतर-मंतर भेज रहे थे। गुरुवार को पुलिस उनके स्टोर पर पहुंची और पूछताछ की। पुलिस ने बताया कि उन्हें इस स्टोर का पता जंतर-मंतर पर पड़े पैकेजिंग मटेरियल से चला। रेस्टोरेंट मालिक के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें थाने बुलाकर कहा कि प्रदर्शन में मौजूद कई ‘असामाजिक तत्व’ उनके खाने का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए वे आगे से वहां खाना न भेजें।

स्विगी और जोमैटो के ऑर्डर पर भी नजर

पुलिस ने जोमैटो और स्विगी जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से मिलने वाले बल्क ऑर्डर्स को लेकर भी हिदायत दी है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के ऑर्डर्स को ‘रेड फ्लैग’ माना जाना चाहिए और इनकी डिलीवरी नहीं की जानी चाहिए। जंतर-मंतर पर कई लोकल कैफे ने प्रदर्शनकारियों को मुफ्त रिफ्रेशमेंट और शरण देने के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। एक कैफे कर्मचारी ने बताया कि पुलिस की पूछताछ और दबाव के बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट कर दिए हैं।

आंदोलन पर असर की चर्चा

20 जून से शुरू हुए इस प्रदर्शन में देशभर के अलावा विदेशों से भी लोग डिलीवरी ऐप्स के जरिए खाना, स्नैक्स और पानी भेज रहे हैं। रेस्टोरेंट इंडस्ट्री से जुड़े एक सीनियर एग्जीक्यूटिव का मानना है कि यह सब आंदोलन की रफ्तार को कम करने की एक कोशिश है। इंटरनेट शटडाउन और मेट्रो सेवाएं प्रभावित होने के बाद, अब पुलिस की तरफ से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रदर्शन स्थल पर खाने-पीने की सप्लाई आसानी से न पहुंच सके।

दिल्ली पुलिस ने अफवाहों को किया खारिज

इस बीच, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सोशल मीडिया एक्स पर एक एडवाइजरी जारी करते हुए नागरिकों से प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से बचने की अपील की है। साथ ही फूड डिलीवरी, कैब और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से भी प्रतिबंधित क्षेत्र में अपनी सेवाओं को रेगुलेट करने को कहा गया है। हालांकि, नई दिल्ली इलाके में फूड डिलीवरी ऐप सर्विस पर बैन लगाने की अफवाहों का दिल्ली पुलिस ने सख्ती से खंडन किया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फूड डिलीवरी पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है और इस तरह के दावे पूरी तरह से भ्रामक हैं।

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