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सेंसेक्स 1677 अंक गिरकर 76,504 पर बंद, ट्रम्प के बयान से बढ़ा तनाव, सेंसेक्स 20 मिनट में 1000 अंक गिरा, निवेशकों में मचा हड़कंप

सेंसेक्स 1677 अंक गिरकर 76,504 पर बंद, ट्रम्प के बयान से बढ़ा तनाव, सेंसेक्स 20 मिनट में 1000 अंक गिरा, निवेशकों में मचा हड़कंप

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मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म होने के ऐलान के बाद भारतीय शेयर बाजार में बुधवार दोपहर के सत्र में भारी भूचाल आ गया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक दो प्रतिशत से अधिक टूट गए। सेंसेक्स 20 मिनट में 1000 अंक गिर गया। दोपहर 1 बजकर 40 मिनट में यह 77,600 था। 2 बजे तक यह 1000 अंक गिरकर 76700 के करीब आ गया। वहीं निफ्टी में भी करीब 600 अंक (2.45%) की गिरावट है, ये 23,800 पर आ गया है। बैंक और FMCG शेयर्स सबसे ज्यादा टूटे हैं। हालांकि बाजार बंद होने तक सेंसेक्स 1677 अंक गिरकर 76,504 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 516 गिरकर 23,882 रहा।

वैश्विक बाजार में कमजोरी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और बढ़े भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों का भरोसा पूरी तरह हिला दिया। बिकवाली का यह दौर दोपहर में तब और तेज हो गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- ईरान के साथ हुआ समझौता अब खत्म हो चुका है। जिससे मध्य पूर्व में दोबारा संघर्ष भड़कने की आशंका बढ़ गई है। वहीं अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें भी 6% चढ़कर दोबार 75 डॉलर के करीब पहुंच गई हैं। वहीं मजबूत डॉलर और कच्चे तेल के दबाव में रुपया 95.50 के पार चला गया।

बाजार में तबाही के प्रमुख आंकड़े?

बुधवार दोपहर 2:20 बजे तक, सेंसेक्स 1,784 अंक लुढ़ककर 76,396 के स्तर पर आ गया। वहीं, निफ्टी 50 सूचकांक 541 अंक की गिरावट के साथ 23,900 के स्तर से नीचे चला गया। इस भारी गिरावट से महज कुछ ही घंटों के भीतर निवेशकों के 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक डूब गए। इसके साथ ही, बीएसई का कुल मार्केट कैप घटकर करीब 472 लाख करोड़ रुपये रह गया।

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चौतरफा बिकवाली के बीच अलग-अलग सेक्टर्स का क्या हाल?

सबसे अधिक गिरावट वाले शेयरों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, इंटरग्लोब एविएशन, मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और भारती एयरटेल रहे। इनमें दो से चार प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडेक्स इंडिया वीआईएक्स (India VIX) 26 फीसदी उछलकर 14.67 पर पहुंच गया। निफ्टी बैंक, एफएमसीजी और ऑयल एंड गैस सूचकांक दो प्रतिशत से अधिक टूटे, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी दो प्रतिशत तक लुढ़क गए। एनएसई पर केवल 694 शेयरों में तेजी के मुकाबले 2,525 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

बाजार को गिराने वाले पांच सबसे बड़े कारण क्या है?

ट्रंप का ईरान पर बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ समझौता ज्ञापन को समाप्त बताते हुए वहां के नेताओं को बीमार लोग करार दिया। अमेरिका ने ईरान पर नए सिरे से हवाई हमले शुरू कर उसके कच्चे तेल की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।

कच्चे तेल में उछाल : तेल आपूर्ति बाधित होने के डर से ब्रेंट क्रूड करीब 5 फीसदी उछलकर 78.09 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई भी 74 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

वैश्विक बाजारों में मंदी : यूरोप के प्रमुख सूचकांक जैसे ब्रिटेन का FTSE, फ्रांस का CAC और जर्मनी का DAX 2% तक टूट गए, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 6% धराशायी हो गया।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी : अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.565 फीसदी और 30-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5.068 फीसदी पर पहुंच गई, जिससे निवेशक शेयरों से पैसा निकालकर सुरक्षित बॉन्ड में लगा रहे हैं।

इन सेक्टरों पर पड़ सकता है असर : तेल महंगा होने से एयरलाइंस, पेंट, केमिकल, टायर, FMCG और लॉजिस्टिक्स कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। वहीं ONGC और ऑयल इंडिया जैसी तेल उत्पादन करने वाली कंपनियों को ऊंचे दाम का फायदा मिल सकता है।

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