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World First Trillionaire : मस्क ने पूरा किया ट्रिलियन डॉलर का सफर, खत्म होने में लगेंगे 2,740 साल! इतना बड़ा पैसा समझना सोच से परे

World First Trillionaire : मस्क ने पूरा किया ट्रिलियन डॉलर का सफर, खत्म होने में लगेंगे 2,740 साल! इतना बड़ा पैसा समझना सोच से परे

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Elon Musk Net Worth: नई दिल्ली। टेस्ला कंपनी के सीईओ एलन मस्क हमेशा अपनी सुर्खियों बने रहते है। दुनिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में एलन मस्क का नाम हमेशा टॉप पर रहता है, लेकिन अब वे एक ऐसे मुकाम पर हैं जहां से वे दुनिया के पहले ‘ट्रिलियनेयर’ बन गए हैं। फोर्ब्स की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मस्क की नेट वर्थ बढ़कर लगभग 982 बिलियन डॉलर हो गई है। इसका मुख्य कारण उनकी कंपनी ‘स्पेसएक्स’ (SpaceX) का आईपीओ (IPO) है, जिसे 135 डॉलर प्रति शेयर के भाव पर लॉन्च किया गया है। इस लिस्टिंग के बाद रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स की वैल्यू करीब 1.8 ट्रिलियन डॉलर हो गई है, लेकिन ये सिर्फ पैसे की बात नहीं है। यह इतिहास की सबसे बड़ी दौलत है और इसने दुनिया में अमीरी और गरीबी के फर्क पर एक नई बहस छेड़ दी है। आखिर पैसे का यह पहाड़ कैसे बना और इससे क्या-क्या खरीदना मुमकिन है।

आखिर कितना बड़ा होता है ‘ट्रिलियन’?

सबसे पहले जानते लेते हैं कि 1 ट्रिलियन का मतलब क्या है। एक ट्रिलियन डॉलर (करीब 95 लाख करोड़ रुपये) का मतलब है एक हजार बिलियन (यानी एक लाख करोड़ डॉलर)। इसे आम इंसान के नजरिए से समझना लगभग नामुमकिन है। अगर आप हर दिन, हर घंटे 1 मिलियन डॉलर (9.5 करोड़ रुपये) खर्च करें, तो भी 1 ट्रिलियन डॉलर (95 लाख करोड़ रुपए) खर्च करने में आपको 100 साल (एक सदी) से ज्यादा का वक्त लग जाएगा।

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर एलन मस्क एक ट्रिलियन यानी हर दिन 10 लाख डॉलर खर्च करें, तो भी ये पैसा खत्म होने में 2,740 साल लग जाएंगे। अगर आप हर सेकंड एक डॉलर गिनें, तो एक ट्रिलियन डॉलर गिनने में 31,700 साल लगेंगे। यानी यह पैसा इतना बड़ा है कि इसे समझना हमारी सोच से परे है।

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स्पेसएक्स के IPO ने कैसे बनाया मस्क को ट्रिलियनेर?

एलन मस्क पहले से ही दुनिया के सबसे अमीर इंसान थे। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स में उनकी कुल संपत्ति करीब 696 अरब डॉलर थी, लेकिन असली धमाका 12 जून 2026 को हुआ जब स्पेसएक्स ने Nasdaq स्टॉक एक्सचेंज पर अपनी लिस्टिंग की। कंपनी ने लगभग 55.56 करोड़ शेयर बेचे, जिनमें से हर एक की कीमत 135 डॉलर रखी गई। इससे स्पेसएक्स की कुल कीमत बन गई 1.77 ट्रिलियन डॉलर। यह अब तक के इतिहास का सबसे बड़ा IPO है। अब मस्क के पास स्पेसएक्स में करीब 42 फीसदी हिस्सेदारी है। उनकी इस हिस्सेदारी की कीमत 743 अरब से लेकर 866.5 अरब डॉलर के बीच है।

रॉयटर्स और फोर्ब्स के अनुमानों के मुताबिक, टेस्ला और दूसरे कारोबारों को मिलाकर मस्क की नेट वर्थ 1.1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा हो गई है। बाजार बंद होने से पहले ही वह आधिकारिक तौर पर दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन गए। यह दौलत कागजों पर है, मतलब यह नकदी में नहीं बल्कि उनकी कंपनियों के शेयरों में बंद है, लेकिन इसका आकार इतना बड़ा है कि दुनिया देखती रह गई।

इतनी दौलत से क्या-क्या खरीदा जा सकता है?

इस रकम को समझने के लिए कुछ उदाहरण देखते हैं कि आखिर 1 ट्रिलियन डॉलर से क्या-क्या खरीदना मुमकिन है।

पूरे शहर और देश: 1 ट्रिलियन डॉलर में आप ताइवान (जिसकी इकोनॉमी 977 अरब डॉलर है) या स्वीडन और बेल्जियम जैसे विकसित देशों की पूरी सालाना इकोनॉमी खरीद सकते हैं।

हर भारतीय को 60,000 रुपए: अगर आप यह रकम भारत की आबादी में बांट दें, तो हर भारतीय को करीब 60,000 रुपए मिलेंगे।

दुनिया की टॉप कंपनियां: इस एक पैसे से आप अमेरिका की तेल दिग्गज कंपनियों एक्समोबिल, शेवरॉन और कोनोको फिलिप्स के साथ टोयोटा, फॉक्सवैगन, फोर्ड और जीएम सबको एक साथ खरीद सकते हैं. फिर भी अरबों डॉलर बच जाएंगे।

हवाई के सभी घर: CNN के मुताबिक, 1 ट्रिलियन डॉलर में आप पूरे हवाई द्वीप का हर एक घर खरीद सकते हैं।

333 गगनचुंबी इमारतें: आप 3 अरब डॉलर प्रति इमारत के हिसाब से 333 सुपरटॉल स्काईस्क्रैपर (गगनचुंबी इमारतें) बना सकते हैं।

पूरा कोका-कोला: आप कोका-कोला जैसी बड़ी कंपनी खरीद सकते हैं और फिर दुनिया के हर व्यक्ति को एक-एक कोका-कोला भी दे सकते हैं।

किन-किन देशों की GDP से ज्यादा है मस्क की दौलत?

अब इस रकम की तुलना पूरे देशों की अर्थव्यवस्था (GDP) से करते हैं. IMF के मुताबिक, दुनिया में सिर्फ 20 देशों की अर्थव्यवस्था 1.1 ट्रिलियन डॉलर से बड़ी है. बाकी के 175 से ज्यादा देशों की पूरी सालाना आमदनी मस्क की प्राइवेट प्रॉपर्टी से कम है।

मस्क की दौलत भारत की GDP (4.15 ट्रिलियन डॉलर) का लगभग एक-चौथाई है।
यह पाकिस्तान की GDP (लगभग 400 अरब डॉलर) से 2.5 गुना ज्यादा है।
यह ताइवान की GDP (लगभग 977 अरब डॉलर) से भी ज्यादा है।
यह वियतनाम, पुर्तगाल, ग्रीस और न्यूजीलैंड जैसे दर्जनों देशों की GDP से बड़ी है।
यानी अगर मस्क अपनी दौलत से एक नया देश बसाना चाहें, तो वह दुनिया के टॉप 20 अमीर देशों में शुमार होगा।

मस्क की तुलना इतिहास के सबसे अमीर लोगों में कहां होती है?

इतिहास में कुछ ही लोग इतने अमीर हुए हैं, लेकिन मस्क ने सबको पीछे छोड़ दिया है। अल जजीरा के मुताबिक, अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े अरबपतियों से भी मस्क कहीं आगे हैं। उनकी दौलत उस वक्त के अमेरिकी GDP के 3 फीसदी के बराबर है। इस नज़रिए से देखें तो:

जॉन जैकब एस्टोर (1848): 20-30 मिलियन डॉलर, जो उस वक्त अमेरिकी GDP का 1 फीसदी था।
एंड्रयू कार्नेगी (1919): 380 मिलियन डॉलर, जो 0.5 फीसदी GDP के बराबर था।
जॉन डी. रॉकफेलर (1937): 1.4 अरब डॉलर, जो 1.5 फीसदी GDP के बराबर था।
एलन मस्क (2026): 1.1 ट्रिलियन डॉलर, जो अमेरिकी GDP का करीब 3 फीसदी है।

इतिहासकार गुइडो अल्फानी का कहना है कि अगर दौलत की तुलना ‘कितने लोगों की मेहनत खरीदी जा सकती है’ के आधार पर करें, तो मस्क ने भी सबको पीछे छोड़ दिया। 2025 में मस्क 5,57,800 लोगों की मेहनत खरीद सकते थे, जबकि रॉकफेलर 1937 में 1,16,000 लोगों की और कार्नेगी 1901 में 48,000 लोगों की।

यूनाइटेड नेशंस के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के मुताबिक, 2026 में दुनिया भर में 31.8 करोड़ लोग गंभीर भूख का सामना कर रहे हैं, जो 2019 के मुकाबले दोगुना है। 2026 में 11 करोड़ लोगों को खाना खिलाने का अनुमानित खर्च 13 अरब डॉलर है। 1 ट्रिलियन डॉलर से आप WFP का बजट लगभग 60 साल तक चला सकते हैं। यानी 2060 तक दुनिया के भूखे लोगों को खाना खिला सकते हैं।

मस्क की दौलत पर बवाल क्यों?

इतनी बड़ी दौलत ने दुनिया भर में बहस छेड़ दी है. अंतरराष्ट्रीय गरीबी-रोधी संगठन ऑक्सफैम ने इस पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया दी है. उसका कहना है कि एक व्यक्ति के पास इतनी दौलत का जमा होना ‘लोकतंत्र के लिए एक काला दिन’ है. मस्क की दौलत अकेले दुनिया के सबसे गरीब 46 फीसदी लोगों की कुल संपत्ति से भी ज्यादा है. अगर मस्क की इस दौलत पर 10 फीसदी टैक्स लगाया जाए, तो उस पैसे से दुनिया भर की गरीबी को एक साल के लिए खत्म किया जा सकता है.

मस्क को लग्जरी जेट और महंगी कारों का शौक?

एलन मस्क की ज्यादातर संपत्ति कागजों और शेयरों में सिमटी हो, लेकिन उनके पास दुनिया की बेहतरीन लग्जरी चीजों का कलेक्शन भी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके पास ‘गल्फस्ट्रीम G700’ जैसा शानदार जेट है, जिसकी कीमत करीब 78 मिलियन डॉलर है। इसमें पांच लिविंग एरिया और बीस ओवल खिड़कियां हैं। साथ ही, उनके पास गल्फस्ट्रीम G650ER जेट भी है। कारों की बात करें तो मस्क के गैराज में ‘मैकलारेन F1’ (कीमत 1 मिलियन डॉलर से ज्यादा) और जेम्स बॉन्ड वाली प्रसिद्ध सबमरीन कार ‘लोटस एस्प्रिट’ भी शामिल है। इसके अलावा, 1920 फोर्ड मॉडल टी, जगुआर ई-टाइप और पोर्श 935 जैसी क्लासिक कारें भी उनके कलेक्शन का हिस्सा हैं।

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