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मां गई थी राशन लेने, पिता मजदूरी पर, पीछे से उजड़ गई दुनिया… घर में जिंदा जले 3 मासूम भाई-बहन

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सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले की एक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक गरीब परिवार के तीन मासूम बच्चे आग की भेंट चढ़ गए। सीधी जिला मुख्यालय से सिर्फ 10 किलोमीटर दूर जमोड़ी इलाके के काशीहावा गांव में कच्चे मकान में भीषण आग लई। आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे घर को चपेट में ले लिया। अंदर मौजूद बच्चे बाहर नहीं निकल सके। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश शुरू की, लेकिन तब तक बच्चों की मौत हो चुकी थी। यह हादसा शनिवार सुबह करीब 11:20 से दोपहर 1 बजे के बीच हुआ। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना को ‘‘अत्यंत दुखद और हृदयविदारक’’ बताते हुए मृत बच्चों के परिजनों को 18 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की। वहीं राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक बच्चे के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड की ओर से चार-चार लाख रुपये की राहत राशि दी जाएगी।

शॉर्ट सर्किट से लगी आग

पुलिस के अनुसार, पास के बिजली के पोल से शॉर्ट सर्किट हुआ और चिंगारी मिट्टी-खपरैल के घर पर गिरी। आग इतनी तेजी से फैली कि घर के अंदर मौजूद तीनों बच्चे उसमें फंस गए। तीनों बच्चे आग में जिंदा जल गए। मृत बच्चों की पहचान डेढ़ वर्षीय रिधि साकेत, 6 वर्षीय धुम्मू उर्फ संध्या साकेत और 3 वर्षीय एक अन्य बच्चे के रूप में हुई है। सभी जमोड़ी के काशीहवा गांव के रहने वाले थे।

मजदूरी पर गए थे पिता, राशन लेने गई थी मां

बच्चों के पिता रामरतन साकेत ने बताया कि उन्हें उनके सुपरवाइजर का फोन आया था, जिसने घर में आग लगने की जानकारी दी। उस समय उनकी पत्नी राशन लेने दुकान गई थी, जबकि तीनों बच्चे घर में अकेले थे। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि घर के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन में स्पार्किंग हुई। चिंगारी पास में रखे बांस और सूखे सामान पर गिरी, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। देखते ही देखते पूरा कच्चा मकान आग की लपटों में घिर गया। घटना के समय घर बाहर से बंद था और अंदर तीनों बच्चे मौजूद थे। बच्चों की मां घर से जाते समय दरवाजा बाहर से बंद कर गई थी, जिससे बच्चे अंदर ही फंस गए।

कक्षा एक में पढ़ती थी रिधि

रामरतन साकेत ने बताया कि उनके चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा हैं। बड़ी बेटी स्कूल की छुट्टियों के कारण नानी के घर गई हुई थी। दूसरे नंबर की बेटी रिधि कक्षा एक में पढ़ती थी। हादसे में रिधि समेत तीन मासूमों की मौत हो गई।

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आधे घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड

जमोड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम काशीहवा में शनिवार दोपहर करीब 1 बजे आग लगी थी। सूचना मिलने के करीब आधे घंटे बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक तीनों बच्चों की मौत हो चुकी थी।

प्रशासन ने मदद का दिलाया भरोसा

सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर विकास मिश्रा और जमोड़ी थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक तीनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। जिला प्रशासन ने अंतिम संस्कार के लिए 15 हजार रुपये तथा जिला रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से तत्काल राहत के रूप में 20-20 हजार रुपये की सहायता भी प्रदान की है।

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