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तमिलनाडु में विजय की कैबिनेट का विस्तार, 23 मंत्रियों ने शपथ ली, शपथ ग्रहण में कांग्रेस के सबसे ज्यादा चर्चे

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चेन्नई। तमिलनाडु में तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार, सरकार बनने के करीब दो सप्ताह बाद गुरुवार को किया गया। मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय नीत सरकार में कांग्रेस के दो विधायकों सहित 23 नए सदस्यों को शामिल किया गया। कांग्रेस विधायक एस राजेश कुमार और पी विश्वनाथन गुरुवार को विजय की कैबिनेट में शामिल हुए। राजेश कुमार किलियूर और विश्वनाथन मेलूर सीट से विधायक हैं। बता दें कि विजय ने 10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वहीं गुरुवार को कैबिनेट का विस्तार हुआ। शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10 बजे से लोक भवन में शुरू हुआ, जहां राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने मंत्री पद के लिए चुने गए टीवीके विधायक श्रीनाथ, एस. कमाली, सी. विजयलक्ष्मी और आर.वी. रंजितकुमार, कांग्रेस के एस. राजेश कुमार व पी. विश्वनाथन को मंत्री पद की शपथ दिलाई।

दशकों बाद सरकार का हिस्सा बनी कांग्रेस

तमिलनाडु में काफी दशकों बाद कांग्रेस सरकार का हिस्सा बन गई। दरअसल, 1952 से 1967 तक जब तमिलनाडु में कांग्रेस की सरकार रही थी। इस दौरान सी. राजगोपालाचारी, के. कामराज और एम. भक्तवत्सलम मुख्यमंत्री रहे। 1967 में DMK के सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने DMK और AIADMK दोनों के साथ गठबंधन किया, लेकिन सरकार का हिस्सा नहीं बनी।

VCK और IUML को भी कैबिनेट में मिल सकती है जगह

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विदुथलाई चिरुथइगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के प्रतिनिधियों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। वहीं, AIADMK के बागी नेताओं को कैबिनेट में जगह मिलने की संभावना नहीं है। TVK के सीनियर नेता और मंत्री आधव अर्जुना ने कांग्रेस, VCK और IUML से सरकार में शामिल होने की अपील की। उन्होंने इसे सीएम विजय की बताई।

DMK से अलग होने के बाद सत्ता में हिस्सेदारी मिली

कांग्रेस लंबे समय से तमिलनाडु में सत्ता में हिस्सेदारी की मांग कर रही थी। पार्टी के कुछ नेताओं ने विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन सरकार की वकालत भी की थी। कांग्रेस का पहले DMK के साथ गठबंधन था। हालांकि, DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन ने चुनाव से पहले साफ कहा था कि तमिलनाडु में सत्ता साझेदारी का फॉर्मूला काम नहीं करेगा। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद 4 मई को कांग्रेस ने DMK गठबंधन छोड़कर विजय की अगुआई वाली सरकार को समर्थन देने का फैसला किया। कांग्रेस के पास फिलहाल 5 विधायक हैं।

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CBI जांच की मांग

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को एक याचिका दायर की गई है। इसमें टीवीके चीफ और मुख्यमंत्री विजय पर विश्वास मत जीतने में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। साथ ही मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई है। मुख्यमंत्री विजय ने 13 मई को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर मतदान के दौरान 144 वोट हासिल किए, जबकि उनके खिलाफ 22 वोट पड़े।

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