Loading...

बिहार विधानसभा चुनाव में जनस्वराज और एमआईएम, एनडीए और इंडिया गठबंधन को नुकसान पहुंचाएगी !

जयपुर

Follow us

Share

प्रशांत किशोर और ओवैसी बढ़ाएंगे अपना जनआधार

(रॉयल पत्रिका)। बिहार विधानसभा चुनाव में एमआईएम और जनस्वराज पार्टी प्रभाव कम नहीं है। एमआईएम ने विधानसभा चुनाव 2020 में पांच विधानसभा सीटे जीती थी। जिनमें से बाद में चार विधायक राजद में चले गए। बिहार के मुसलमानो में एमआईएम प्रमुख सांसद असदुद्दीन ओवैसी को काफी पसंद किया जाता है। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों जिनमें मुसलमानों की आबादी 40 से 70 प्रतिशत तक है एमआईएम कुछ सीटे जीत सकती है। वैसे एमआईएम इंडिया गठबंधन से समझौता करना चाहती है और करीब 6 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। लेकिन इंडिया ग्रुप एमआईएम से गठबंधन नहीं करना चाहता है। ऐसी स्थिति में एमआईएम 18 से 20 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। इसी तरह प्रशांत किशोर की पार्टी जनस्वराज बिहार की सभी सीटों पर चुनावी मैदान में है। प्रशांत किशोर को चुनाव रणनीतिकार माना जाता है। प्रशांत किशोर की पार्टी बिहार में शिक्षा, रोजगार और विकास के मुद्दे पर चुनावी मैदान में है। बिहार में जनस्वराज पार्टी एवं एमआईएम दोनों ही विधानसभा में अपना प्रभाव बढ़ाना चाहती है। प्रशांत किशोर की चुनावी रणनीति से दोनों गठबंधन एनडीए और इंडिया गठबंधन में घबराहट है। लेकिन स्वराज और एमआईएम का गठबंधन की बात अभी तक सामने नहीं आई है। वैसे राजनीति में कुछ भी संभव है।

कितना नुकसान होगा एनडीए और इंडिया गठबंधन को-

प्रशांत किशोर की स्वराज पार्टी दोनों गठबंधनों को नुकसान पहुंचाएंगी। क्योंकि स्वराज पार्टी किसी जाति, धर्म एवं वर्ग विशेष की पार्टी नहीं है। स्वराज पार्टी में सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व है। प्रशांत किशोर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जेडीयू का ज्यादा विरोध करते हैं। लेकिन यह माना जा रहा है कि प्रशांत किशोर दोनों गठबंधन की पार्टियों को नुकसान पहुंचाएंगे। बिहार में स्वराज पार्टी को अच्छा जनसमर्थन मिल रहा है। इसलिए प्रशांत किशोर की पार्टी के कुछ विधायक जीत कर जरूर आएंगे। इसी तरह एमआईएम पार्टी के पिछली विधानसभा में पांच विधायक जीतकर आए थे और कांग्रेस एवं राजद को बड़ा नुकसान पहुंचा था। इस बार भी एमआईएम पार्टी, राजद और कांग्रेस दोनों को नुकसान पहुंचाएंगी। माना जा रहा है कि एमआईएम फिर से 5-10 सिटे जीत सकती है। एमआईएम सिर्फ मुस्लिम बाहुल्य सीटों पर चुनावों में सीमित रहेगी। लेकिन नुकसान इंडिया गठबंधन को और फायदा एनडीए को करेंगी।

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।