जयराम रमेश का बयान: राहुल गांधी ‘राजनीतिक बम’ फोड़ने वाले
बिहार में महागठबंधन सरकार का काउंटडाउन शुरू
पटना । 24 सितंबर 2025 को पटना में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की अहम बैठक आयोजित की गई। यह बैठक आज़ादी के बाद पहली बार आयोजित की गई CWC की बैठक थी, जिसमें कांग्रेस के सीनियर लीडर मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक लगभग साढ़े चार घंटे तक चली और इसमें पार्टी के भविष्य और आगामी राजनीतिक रणनीति पर गहन चर्चा हुई। बैठक में कुल 51 नेताओं ने हिस्सा लिया और अपनी राय व्यक्त की। इस बैठक में दो मुख्य प्रस्ताव पारित किए गए। पहला था राजनीतिक प्रस्ताव, जो आगामी चुनाव और पार्टी की रणनीति से जुड़ा था। दूसरा प्रस्ताव बिहार की जनता को लेकर था, जिसमें उन्हें महागठबंधन की योजनाओं और उनके अधिकारों की जानकारी देने का उद्देश्य रखा गया। बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने बड़ी बातें कहीं। जयराम रमेश ने कहा कि, “तेलंगाना में सितंबर 2023 में कांग्रेस की CWC की बैठक हुई थी और उसके दो महीने के अंदर कांग्रेस की सरकार बनी थी। अब पटना में भी उसी तरह का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने वाली है।” जयराम रमेश ने आगे कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में वोट चोरी के खिलाफ अभियान शुरू किया गया था और यह अभियान अब भी जारी है। उन्होंने दावा किया कि आगामी समय में राहुल गांधी विभिन्न तरह के राजनीतिक बम फोड़ने वाले हैं। जयराम रमेश ने इसे प्रतीकात्मक भाषा में व्यक्त किया और कहा, “आगे एक महीने में राहुल गांधी मिनी हाइड्रोजन बम, हाइड्रोजन बम और यूरेनियम बम समेत अलग-अलग बम फोड़ने वाले हैं।” इस बयान को सुनकर राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। हालांकि यह बयान प्रतीकात्मक और राजनीतिक रूपक के रूप में लिया जा रहा है। इसे वास्तविक हथियारों या किसी तरह के हिंसक कृत्यों के संदर्भ में नहीं देखा जाना चाहिए। जयराम रमेश का यह बयान राहुल गांधी की सक्रिय राजनीतिक भूमिका और आगामी चुनाव में महागठबंधन की रणनीति को मज़बूत करने के उद्देश्य से माना जा रहा है। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि बिहार में अगले चुनाव में महागठबंधन की स्थिति मजबूत है। कांग्रेस, राजद और अन्य सहयोगी दलों के बीच सहयोग के साथ राज्य में सत्ता में आने की संभावनाओं पर जोर दिया गया। जयराम रमेश ने इस मौके पर कहा कि पार्टी की प्राथमिकता यह है कि बिहार में विकास, सामाजिक न्याय और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी लाया जाए। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने यह भी निर्णय लिया कि आगामी महीनों में जनता के बीच राहुल गांधी और अन्य नेताओं की सक्रियता बढ़ाई जाएगी। इसमें विभिन्न रैलियों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और जनसंपर्क कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य जनता को महागठबंधन की नीतियों और चुनावी घोषणाओं से अवगत कराना है। विशेष रूप से, जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्पष्ट किया कि भाजपा के खिलाफ महागठबंधन की रणनीति तैयार है। उन्होंने कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने से राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इस बैठक से यह संकेत भी मिला कि कांग्रेस आगामी चुनाव में अधिक संगठित और रणनीतिक तरीके से चुनाव लड़ने जा रही है। राहुल गांधी का नेतृत्व और पार्टी की सक्रियता महागठबंधन की संभावनाओं को और मजबूत कर रही है। CWC बैठक ने कांग्रेस की राजनीतिक दिशा और आगामी चुनावों की रूपरेखा को स्पष्ट किया। जयराम रमेश के बयान ने मीडिया और राजनीतिक दलों के बीच चर्चा का केंद्र बन गया। बिहार में महागठबंधन की संभावित सरकार और राहुल गांधी की सक्रिय राजनीतिक भूमिका अब आने वाले महीनों में मुख्य राजनीतिक विषय बने रहने वाले हैं।
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