मामले में निष्पक्ष जांच व निर्दोषों को परेशान नहीं करने को लेकर एसडीपीआई ने आयोजित की प्रेस वार्ता
बारां (रॉयल पत्रिका)। सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया राजस्थान की प्रदेश कमेटी द्वारा शुक्रवार को बारां में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशफ़ाक़ हुसैन, प्रदेश महासचिव नदीम अख्तर और बारां ज़िला उपाध्यक्ष अल्ताफ हुसैन ने संबोधित किया। प्रदेश अध्यक्ष अशफ़ाक़ हुसैन ने बताया कि बारां की यह घटना दुःखद है जिससे बारां के सौहार्द को क्षति पहुंची और कानून व्यवस्था प्रभावित हुई परन्तु इस घटना को स्थानीय थाना अधिकारी व पुलिस जाब्ते द्वारा टाला जा सकता था, क्यूंकि इस से पहले भी इस प्रकार के पथ संचलन कई अलग अलग मुस्लिम क्षेत्रों से निकलते रहें परन्तु मुस्लिम समुदाय ने कभी उनका विरोध नहीं किया, लेकिन इस बार निकलने वाले पथ संचलन को प्रस्तावित मार्ग से निकाला ही नहीं गया। उक्त प्रकरण में दर्ज एफआईआर संख्या 494/25 में यह अंकित है कि प्रस्तावित मार्ग तालाब पाड़ा था जबकि विवाद का घटना स्थल कौसर कॉलोनी है जो प्रस्तावित मार्ग में शामिल ही नहीं है और प्रशासन द्वारा भी लिखित में कौसर कॉलोनी से संचलन निकालने की कोई अनुमति या जानकारी नहीं दी गई थी। प्रस्तावित मार्ग से निकाले जाने वाले क्षेत्रों के निवासियों को अवगत नहीं कराया गया था। शहर कोतवाल की अदूरदर्शिता व क्षेत्र की पहचान न कर पाने के कारण वह स्वयं इस बात पर आमादा हुए कि पथ संचलन कौसर कॉलोनी से ही निकलाया जाए जबकि प्रस्तावित मार्ग तालाबपाड़ा था। कौसर कॉलोनी के मार्ग से बलपूर्वक पथ संचलन निकालने की कार्यवाही से पुलिस और स्थानीय क्षेत्र के लोगों में आमना सामना हुआ और इसमें दोनों तरफ से लोग घायल भी हुए जिस से प्रतीत होता है कि इस कार्यवाही में प्रस्तावित मार्ग के निवासियों की भावनाएं आहत हुई, जबकि यह विवाद कोई साम्प्रदायिक या दो समुदाय के बीच न हो कर पुलिस प्रशासन व आम मुस्लिम समुदाय के बीच था। तदुपरांत पुलिस द्वारा दर्ज़ मुकदमे में जो भी मुस्लिम समुदाय के लोग समझाइश कर व्यवस्था संभाल कर प्रशासन के साथ सहयोग कर रहे थे उनको ही न सिर्फ आरोपी बनाया गया बल्कि मौक़े पर उनके साथ दुर्व्यहार भी किया गया। इस संबंध में ज़िला प्रशासन से अलग अलग संस्थाओं व राजनैतिक दलों के द्वारा संपर्क कर यह अवगत कराया गया कि जो घटना घट चुकी है इसमें साक्ष्य के आधार पर जो लोग व्यवधान कर रहें हैँ उन पर ही विधिवत कानूनी कार्यवाही की जाए न कि जो लोग वहां शांत खड़े थे अथवा थाना अधिकारी से वार्ता कर रहे थे किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न नहीं कर रहे थे उनको इस मुक़दमें में अकारण परेशान नहीं किया जाए लेकिन अभी भी नाहक कुछ लोगों को बुलाकर हिरासत में लिया जा रहा है। पूरे प्रकरण में अन्य 50 लोगों के नाम पर मात्र केवल सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां की जा रही है। घटना के समय वहां पर कई ऐसे लोग जो किसी प्रकार से शारीरिक विरोध नहीं कर रहे थे उनको भी मुक़दमें में शामिल किया गया, स्थानीय पुलिस की कार्यवाही से रोष व्याप्त है और पूरे प्रकरण में राजनैतिक प्रभाव दिखाई प्रतीत हो रहा है। प्रेस वार्ता के माध्यम से ज़िला प्रशासन से मांग करतें हैं कि पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जाँच कर के ही कार्यवाही की जाए, पूरे प्रकरण की जाँच किसी तटस्थ अधिकारी द्वारा करवाई जाए एवं जिनके नाम मुकदमें में नहीं है उनको पुलिस कार्यवाही के नाम पर परेशान नहीं किया जाए। इस से पूर्व प्रतिनिधि मंडल ने ज़िला पुलिस अधीक्षक से भी मुलाक़ात कर मामले में निर्दाेषों पर कार्यवाही नहीं करने की बात कही। शुक्रवार 12 सितम्बर की इस प्रेस वार्ता में प्रदेश महासचिव नदीम अख्तर ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बारां ज़िला कमेटी उपाध्यक्ष अल्ताफ हुसैन व अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
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