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अल बयान एजुकेशनल सोसाइटी कोटा ने होनहार और जरूरतमंद विद्यार्थियों को वितरित की छात्रवृत्तियाँ

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कोटा (रॉयल पत्रिका)। शिक्षा में समान अवसर और समावेशिता की मिसाल पेश करते हुए अल बयान एजुकेशनल सोसाइटी, कोटा द्वारा अल बयान पब्लिक स्कूल और मल्टीवर्स एकेडमी, कोटा के तत्वावधान में रविवार 24 अगस्त 25 को एक ऐतिहासिक कदम उठाया। रविवार को आयोजित उद्घाटन समारोह के अवसर पर आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को “MVSAT स्कॉलरशिप” प्रदान की गई। यह छात्रवृत्ति उन विद्यार्थियों के लिए आशा की एक नई किरण है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ा सपना देख रहे हैं। इस दौरान सोनाक्षी, महिरा, गौरी योगी, तल्हा, शर्रान, दीक्षा, करण, अजय समेत 20 विद्यार्थियों को यह छात्रवृत्ति प्रदान की गई। कार्यक्रम का आयोजन दादाबाड़ी (वक्फ नगर), कोटा स्थित नए परिसर में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक, शिक्षक एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। यह अवसर सिर्फ एक स्कूल की शुरुआत नहीं, बल्कि भविष्य की शिक्षा के प्रति एक प्रतिबद्धता और मूल्य-आधारित समग्र विकास की ओर ठोस पहल का प्रतीक बना। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के सीईओ तौसीफ मडिकरी एवं संरक्षक प्रोफेसर मोहम्मद नईम फलाही (पूर्व संयुक्त सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार) ने अपनी उपस्थिति से समारोह की शोभा बढ़ाई। प्रो. मोहम्मद नईम फलाही ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी का माध्यम होनी चाहिए। अल बयान पब्लिक स्कूल आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ठोस और सशक्त नींव रख रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तौसीफ मडिकेरी ने कहा कि एक प्रगतिशील विद्यालय वही है जो परंपरा और तकनीक का संतुलन बनाए रखे। अल बयान पब्लिक स्कूल इस विचारधारा का सुंदर उदाहरण है, जहां नवाचार और नैतिकता साथ-साथ चलते हैं। सही दिशा, उचित संसाधन और संकल्प से हम एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। मनीष गौर (सेवानिवृत्त प्रोफेसर, राजकीय कला महाविद्यालय कोटा) ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने अल बयान एजुकेशनल सोसाइटी की स्थापना को गुणवत्तापूर्ण और मूल्यनिष्ठ शिक्षा की दिशा में एक प्रशंसनीय पहल बताया। आरएफपी डिजिटल मीडिया के डायरेक्टर मकसूद खान ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा को तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है, और अल बयान एजुकेशनल सोसाइटी इस दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है। संस्थान के संस्थापक एडवोकेट सैफुल इस्लाम ने अपने संबोधन में अल बयान एजुकेशनल सोसाइटी की स्थापना की प्रेरणा और उद्देश्य को साझा किया। उन्होंने बताया कि इस सोसाइटी की नींव एक ऐसे शैक्षणिक मंच के रूप में रखी गई है, जहाँ शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम न होकर, बच्चों के चरित्र निर्माण, सोचने की क्षमता और नेतृत्व विकास का जरिया बने। उन्होंने यह भी कहा कि हमारा लक्ष्य है – हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और मूल्य-आधारित शिक्षा पहुँचाना। संस्थान की निदेशक निकहत तरन्नुम ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि शिक्षा केवल जानकारी देने का माध्यम नहीं, बल्कि सोचने, समझने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति है। उन्होंने बताया कि अल बयान एजुकेशनल सोसाइटी का उद्देश्य छात्रों को न केवल अकादमिक रूप से, बल्कि नैतिक और सामाजिक रूप से भी सशक्त बनाना है। इस मौके पर नवचयनित प्रोफेसर और दिल्ली शिक्षक भर्ती में चयनित हुए छात्रों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में अल बयान एजुकेशनल सोसाइटी प्रबंधन ने सभी अतिथियों, छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले छात्रों, अभिभावकों और शुभचिंतकों का धन्यवाद ज्ञापित किया और इस मिशन में निरंतर सहयोग की अपेक्षा जताई।

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