मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम के शिकार? जानिए बचाव के घरेलू नुस्खे
सर्दी-जुकाम का खतरा मौसम बदलने पर क्यों बढ़ता है?
मौसम का बदलना यानी तापमान और वातावरण में अचानक बदलाव आना। कई बार यह बदलाव हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) पर सीधा असर डालता है। ऐसे में शरीर को नए वातावरण में ढलने का समय नहीं मिल पाता और हम सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। खासकर बच्चे, बुज़ुर्ग और कमजोर इम्युनिटी वाले लोग जल्दी इसकी गिरफ्त में आ जाते हैं। मौसम बदलते समय शरीर का तापमान और बाहरी तापमान में तालमेल बैठाने के लिए शरीर को ज्यादा ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। अगर हमारी डाइट, दिनचर्या और देखभाल सही नहीं हो, तो सर्दी-जुकाम की समस्या आम हो जाती है।
सर्दी-जुकाम के सामान्य लक्षण
नाक बहना या बंद होना, गले में खराश या सूजन, छींक आना, हल्का बुखार, सिरदर्द, थकान और कमजोरी, खांसी
ये लक्षण आमतौर पर मौसम बदलने के शुरुआती दिनों में ज्यादा दिखते हैं।
सर्दी-जुकाम से बचने के घरेलू नुस्खे
नीचे कुछ आसान और असरदार घरेलू नुस्खे दिए जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप इस परेशानी से बच सकते हैं:
अदरक और शहद का सेवन
अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। यह गले की खराश और नाक बंद होने में राहत देता है। अदरक का छोटा टुकड़ा कूटकर शहद में मिलाकर दिन में दो बार लें। चाहे तो अदरक की चाय बनाकर पी सकते हैं।
तुलसी और काली मिर्च
तुलसी में रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की शक्ति होती है। काली मिर्च में एंटी-ऑक्सीडेंट और विटामिन-C होता है। 5-6 तुलसी की पत्तियां और 2-3 काली मिर्च उबालकर काढ़ा बना लें। इसमें थोड़ा शहद डालकर पीने से सर्दी-जुकाम से राहत मिलेगी।
हल्दी वाला दूध
हल्दी को प्राकृतिक एंटीबायोटिक कहा जाता है। रात को सोते समय गुनगुने दूध में आधा चम्मच हल्दी डालकर पीने से गले की खराश और खांसी कम होती है। यह इम्युनिटी को भी मजबूत करता है।
भाप लेना (स्टीम)
भाप लेने से बंद नाक खुल जाती है और सांस लेने में आसानी होती है। एक बर्तन में पानी गर्म करके उसमें अजवाइन या पुदीना की पत्तियां डालें और भाप लें। दिन में 2 बार भाप लेने से काफी आराम मिलेगा।
गुनगुना पानी पीना
मौसम बदलते समय ठंडे पानी से परहेज़ करें। गुनगुना पानी पीने से गला ठीक रहता है और इंफेक्शन का खतरा कम होता है। यह शरीर को हाइड्रेटेड भी रखता है।
लहसुन का इस्तेमाल
लहसुन में एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। लहसुन की 1-2 कलियां कच्ची चबाकर खाएं। चाहें तो लहसुन को सरसों के तेल में भूनकर उसकी मालिश भी कर सकते हैं।
अजवाइन और गुड़
अजवाइन पाचन सुधारती है और ठंड से बचाती है। थोड़ी अजवाइन और गुड़ को मिलाकर खाने से गले की खराश और जुकाम में राहत मिलती है। अजवाइन को कपड़े में बांधकर सूंघने से भी नाक खुल जाती है।
नींबू और शहद
नींबू में विटामिन-C भरपूर मात्रा में होता है, जो इम्युनिटी को मजबूत करता है। एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू का रस और शहद डालकर सुबह पीने से फायदा होगा।
दालचीनी का काढ़ा
दालचीनी शरीर को गर्म रखती है और बैक्टीरिया से लड़ती है। दालचीनी का छोटा टुकड़ा पानी में उबालकर उसमें शहद डालकर पी सकते हैं।
च्यवनप्राश और गिलोय
रोजाना सुबह च्यवनप्राश खाने से रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। गिलोय का रस भी इम्युनिटी को मजबूत करता है और सर्दी-जुकाम से बचाव करता है।
सर्दी-जुकाम से बचने के लिए जीवनशैली में बदलाव
संतुलित आहार लें
मौसम बदलते वक्त विटामिन-C युक्त फल जैसे संतरा, अमरूद, आंवला और मौसमी ज़रूर खाएं।
हरी सब्ज़ियां और दालें भी डाइट में शामिल करें।
पर्याप्त नींद लें
कम नींद लेने से शरीर थका हुआ रहता है और इम्युनिटी कमजोर होती है। रोज़ाना 7-8 घंटे की नींद ज़रूर लें।
व्यायाम और योग
हल्का व्यायाम, प्राणायाम और योग करने से शरीर मजबूत होता है और मौसम बदलने पर जल्दी बीमार नहीं पड़ते।
गर्म कपड़े पहनें
मौसम के हिसाब से कपड़े पहनें। अचानक ठंडी हवा या बारिश में भीगने से बचें।
हाथ धोना न भूलें
वायरस और बैक्टीरिया सबसे ज्यादा हाथों के ज़रिए फैलते हैं। इसलिए दिन में कई बार साबुन से हाथ धोएं।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए?
छोटे बच्चे, बुज़ुर्ग, गर्भवती महिलाएं, डायबिटीज, अस्थमा या हृदय रोगी, इन लोगों को मौसम बदलते समय खास ध्यान रखना चाहिए क्योंकि उनकी इम्युनिटी जल्दी प्रभावित होती है। मौसम बदलना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन अगर हम अपनी दिनचर्या, आहार और जीवनशैली में थोड़े से बदलाव करें तो सर्दी-जुकाम जैसी समस्या से बच सकते हैं। घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल न केवल सुरक्षित है बल्कि लंबे समय तक फायदेमंद भी साबित होता है। याद रखें: अगर सर्दी-जुकाम लंबे समय तक ठीक न हो या तेज बुखार के साथ हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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