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बाढ़ आपदा को लेकर एडवोकेट अब्दुल हासिब ने लोक अदालत में लगाई याचिका

सवाई माधोपुर

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शादाब अली

सवाई माधोपुर (रॉयल पत्रिका)। जिला मुख्यालय पर 29 एवं 30 जुलाई की रात्रि को हुई तेज बारिश के बाद जिला मुख्यालय पर आयी बाढ़ आपदा को लेकर जिला मुख्यालय के मनिहारी मोहल्ला शहर निवासी एडवोकेट अब्दुल हासिब पुत्र अब्दुल खालिद ने स्थायी लोक अदालत, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर में अपील दायर की है। जिसे लोक अदालत में स्वीकार कर लिया गया है जिसकी आगामी सुनवाई 28 अगस्त को होनी है। एडवोकेट अब्दुल हासिब द्वारा दायर की अपील में राजस्थान राज्य को जरिये जिला कलेक्टर सवाईमाधोपुर, आयुक्त नगर परिषद सवाई माधोपुर, अधीक्षण अभियंता, राजस्थान स्टेट रोड डवलपमेण्ट एण्ड कॉरपोरेषन लिमिटेड तथा संवेदक, एलीवेटेड रोड शहर सवाई माधोपुर को जरिये अधीक्षण अभियंता, राजस्थान स्टेट रोड डवलपमेण्ट एण्ड कॉरपोरेषन लिमिटेड (आरएसआरडीसी) सवाई माधोपुर को पार्टी बनाया गया है। दायर की गई अपील में बताया गया है कि जिला मुख्यालय का सबसे बड़ा प्राकृतिक लटिया नाला शहर राजबाग से निकलकर सूरवाल बॉध में जाकर मिलता है। जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण लटिया नाले के दोनों किनारों पर भुमाफिया द्वारा पट्टे जारी कर दिये गये। वहीं नगर परिषद द्वारा लटिया नाले को डम्पिंग यार्ड बनाया हुआ जिसमें शहर का सारा कचरा भैरू दरवाजा, बंबोरी सहित कई जगह डालकर नाले को भर दिया गया है। वहीं भैरव दरवाजा हटवाडा से राजबाग बस स्टेण्ड तक निर्माणाधीन एलीवेटेड सड़क के लिए संवेदक ने लटिया नाले पर खुदाई करके मलबे को वहीं एकत्रित कर दिया है और अपने वाहनों, जे.सी बी. ट्रेक्टर्स, ट्रक, लोडिंग वाहनों के आवागमन के लिए आबादी की सड़क एवं बरसाती नाले के प्राकृतिक स्वरूप को पूर्णतया मौके पर बदल दिया है। एडवोकेट अब्दुल हासिब ने बताया कि इन कारणांे से बरसाती पानी के निकास में अवरोध होने के कारण पिछले वर्ष 19 अगस्त 2024 को तथा इस वर्ष 30 जुलाई 2025 को बरसात का पानी आबादी के बडे हिस्से में प्रवेष करने से कई कच्चे पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो गये, घरों में पानी के प्रवेष करने से लाखों रूपयो का नुकसान हो गया। लोगों को देर रात्रि में छतों पर भीगते हुए अपनी जान को बचाने को मजबूर होना पड़ा। दुकानों और मकानों में बरसात का पानी करीब 5 से 6 फिट तक प्रवेष कर जाने से अत्यधिक तबाही हुई। उन्होने सम्बन्धित अधिकारियों पर लापरवाही से और जानबूझकर स्थानीय लोगों के जीवन को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। एडवोकेट हासिब ने मांग की है कि लटिया नाला क्षेत्र में आने वाले सभी पटटाग्रहिताओं को पर्याप्त मुआवजा राषि देकर जयपुर के अमानीशाह पर बसे रिहायषी मकानों की तरह नियमानुसार हटाया जावे। जिससे उक्त बरसाती नाले की चौडाई को प्राकृतिक स्वरूप मे लाया जा सके। लटिया नाले के दोनों ओर सुरक्षा दीवारें बनाई जावे जिससे भविष्य में अतिक्रमण की संभावना पर पूर्णतया अंकुष लगाया जा सके। शहर स्थित राजबाग से सूरवाल बॉध तक लटिया नाले के सहारे किये गये तमाम अतिक्रमणों को चिन्हित कर अतिक्रमण मुक्त कराया जावे। विधि का सुस्थापित सिद्वान्त है कि प्राकृतिक बरसाती नाला, नदी, इत्यादि पर अवरोध, अतिक्रमण नही किया जा सकता है। नगर परिषद द्वारा लटिया नाले पर बनाये गये अवैध तमाम डंपिंग यार्ड को हटवाया जावे। बरसाती लटिया नाला की शहर सवाई माधोपुर स्थित सिटी बस स्टेण्ड से पुलिस थाना कोतवाली की पुलिया तक 10 फिट गहराई तक तथा पुलिस थाना कोतवाली से सूरवाल बॉध तक खुदाई करवाकर नाले की गहराई करीब 15 से 20 फिट तक मौलिक स्वरूप अनुसार खुदाई कर मलबे को साफ किया जावे। इसके साथ ही भैरव दरवाजा के पास से राजबाग सिटी बस स्टेण्ड तक बनाये जा रहे एलीवेटेड रोड बनाने वाले संवेदक द्वारा अपने वाहनों के आवागमन के लिए बनाये गये रास्ते को साफ करवाया जाने की मांग की गई है।

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