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स्वतंत्रता सेनानी रुडमल सोगण की जीवन गाथा पर आधारित स्मारिका का भव्य विमोचन

चौमूं

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-“स्वतंत्रता सेनानियों की गाथाएँ युवाओं के लिए अमूल्य प्रेरणा स्रोत”

चौमूं (रॉयल पत्रिका)। शहर के एक निजी होटल में मानव जन जागृति संस्थान द्वारा 79वें स्वतंत्रता दिवस पर एक ऐतिहासिक एवं गरिमामय समारोह आयोजित हुआ। समारोह की अध्यक्षता कर रहे भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि “स्वतंत्रता सेनानियों की त्याग और बलिदान की कहानियाँ युवा पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देती हैं। हमें उनके जीवन से सीख लेकर समाज और देशहित में योगदान करना चाहिए।” मुख्य अतिथि आईएएस टीकमचंद बोहरा ने कहा कि “आजादी के परवाने हमारे लिए प्रेरणा के स्तंभ हैं। उनके संघर्ष की गाथाएँ हमें यह संदेश देती हैं कि सच्ची निष्ठा और दृढ़ संकल्प से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।” अति विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त आईपीएस जी.सी. राय, समाज सेविका, उद्यमी एवं लेखिका डॉ. सुनीता दामिनी गुप्ता, शराबबंदी आंदोलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूजा भारती छाबड़ा, स्वतंत्रता सेनानी रुडमल सोगण के पुत्र गोपालचंद सोगण, सेवानिवृत कृषि विस्तार के अतिरिक्त निदेशक रामनिवास पालीवाल, नेमीचंद पंवार आदि ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए। संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष सौदागर कांदेला ने अतिथियों का साफा, माला एवं शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया। इस मौके पर अतिथियों द्वारा स्वतंत्रता सेनानी रुडमल सोगण की जीवन गाथा पर आधारित स्मारिका का भव्य विमोचन किया गया।

इन स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारजनों का किया सम्मान

स्व. रूडमल सोगण, स्व. रामचंद्र राय, स्व. नृसिंहदास शार्दुल, स्व. बालासाहेब भारतीय, स्व. गंगाराम बुनकर, स्व. सत्यनारायण गोठवाल के परिवारजनों एवं शहीद दीपचंद बावड़ी, शहीद मुकेश कुमार बुनकर की वीरांगनाओं एवं समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सम्मानित सदस्यों को सम्मानित किया गया। स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय रूडमल सोगण के सुपुत्र गोपालचंद सोगण का सम्मान किया गया। साथ ही गोपालचंद सोगण के सुपुत्र धर्मेंद्र कुमार सोगण, वेद प्रकाश, श्याम सुंदर, राजेश सोगण, संतोष सोगण एवं समस्त परिवार जनों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य डॉ. कैलाशचंद मोरदिया एवं याकूब बावड़ी (डीडवाना) ने किया। याकूब बावड़ी ने देशभक्ति गीतों की विशेष प्रस्तुतियाँ दीं। संस्थान के वरिष्ठ सदस्यों ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। सभी अतिथियों एवं नागरिकों ने आयोजन की सराहना की और इसे ऐतिहासिक क्षण बताया। इस दौरान गजानंद परिहार, रघुनाथ पाटोदिया, गोपाल लाल कांदेला, कोषाध्यक्ष मुकेश जिंदल, प्रधानाचार्य कालूराम बुनकर, प्रधानाचार्य अशोक कुमार बबेरवाल, बाबूलाल कांदेला, हरिनारायण लाखीवाल, सुरेश कुमार महरिया, एडवोकेट मनोहर परिहार, घनश्याम कांदेल, सरपंच पवन कांदेला, सेवानिवृ एडीएम के.आर. बुनकर, सेवानिवृत बीएसएनएल के मुख्य पर्यवेक्षक रामकिशोर राय, डॉ. बी.डी. नैनावत, प्रधानाचार्य राजकुमार बुनकर, गोपीराम चौहान, चौप पूर्व सरपंच प्रेम देवी, बाबूलाल नारनोलिया, सेवानिवृत बीईईओं सत्यनारायण बुनकर, एडवोकेट धर्मेंद्र घसिया, कैलाशचंद खूडीवाल, डॉ. पूरणमल बुनकर, महेश कुमार खूडीवाल, हनुमान सहाय झाटीवाल, सुरेन्द्र सिंह हरसोलिया, सियाराम बुनकर, गोपाल देवठिया, एडवोकेट राजेश कांदेला, अंजली कांदेला, राजीव कांदेला, भव्या कांदेला सहित सैकडो़ लोग मौजूद थे।

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