जल संसाधन मंत्री ने किया उदयपुर में देवास परियोजना का निरीक्षण
– जल संसाधन मंत्री -परियोजना के तृतीय चरण के कार्यस्थलों का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए निर्देश
जयपुर, (रॉयल पत्रिका)। जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने शुक्रवार को देवास परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने विशेष रूप से देवास परियोजना के तीसरे और चौथे चरण के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को प्रस्तावित कार्यों को जल्द से जल्द मूर्त रूप देने के लिए निर्देशित किया। मंत्री रावत शुक्रवार को उदयपुर में देवास परियोजना के तृतीय चरण के तहत नाथियाथल गांव में प्रस्तावित बांध निर्माण कार्य स्थल पर पहुंचे। उन्होंने मौका मुआयना कर अधिकारियों से संपूर्ण परियोजना के संबंध में जानकारी ली। विभागीय अधिकारियों ने परियोजना के ब्ल्यू प्रिंट के आधार पर मंत्री रावत को प्रस्तावित बांध, उसकी क्षमता, प्रभावित क्षेत्र आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बांध का कैचमेंट एरिया 79.06 वर्ग किमी है तथा इसकी भराव क्षमता 70 एमसीएफटी रहेगी। 1330 क्यूबिक मीटर प्रति सेकेंड अतिरिक्त पानी की निकास क्षमता रहेगी।
मंत्री रावत ने कहा कि राजस्थान सरकार प्रदेश में जल प्रबंधन को लेकर गंभीरता से कार्य कर रही है। रामजल सेतु परियोजना, यमुना जल समझौता, देवास परियोजना इसी की परिणिति है। उन्होंने देवास के तृतीय व चतुर्थ चरण के प्री वर्क जल्द से जल्द पूर्ण कराकर धरातल पर जल संरचनाओं का निर्माण प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। इस दौरान उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, समाजसेवी गजपालसिंह सहित डीबीएल एवं मेगा इंजीनियरिंग के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने किया था शिलान्यास देवास परियोजना उदयपुर शहर की पेयजल आपूर्ति और पिछोला व फतेहसागर झीलों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है। देवास परियोजना का पहला चरण 1973-74 में निर्मित हुआ था और देवास द्वितीय परियोजना 2011 में शुरू हुई थी, जिसमें आकोदड़ा बांध का निर्माण शामिल था। देवास तृतीय और चतुर्थ परियोजना का शिलान्यास 1 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा किया गया था। इस परियोजना में 1690 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से दो नए बांधों (नाथियाथाल गांव के पास देवास तृतीय और अंबावा गांव में देवास चतुर्थ) और सुरंगों का निर्माण शामिल है, जिनका लक्ष्य उदयपुर की झीलों में लगभग 1000 मिलियन घन फीट पानी पहुंचाना है।
Disclaimer
Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.
Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।
