Loading...

अमेरिका की जनता बुद्धिमान, मेहनती और भविष्य को जानने वाली है !

Jaipur

Follow us

Share

  • -यही कारण है कि अमेरिकी लोकतंत्र सबसे मजबूत है। जबकि रूस और चीन में लोकतंत्र नहीं है, तानाशाही शासन में जनता को एक तरह से गुलाम की तरह रखा जाता है। अमेरिकी जनता ने अपने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सड़कों पर उतरकर विरोध शुरू कर दिया है।

जयपुर (रॉयल पत्रिका)। विश्व में अमेरिका आर्थिक रूप से सबसे धनी, सैन्य पावर के अनुसार सबसे शक्तिशाली और प्रजातंत्र के अनुसार सबसे शक्तिशाली लोकतान्त्रिक देश माना जाता है। करीब 80- 90 वर्षों से अमेरिका विश्व का सुपर पावर माना जाता है। अमेरिका की जनता ने ही अमेरिका को सुपर पावर बनाया है। अमेरिकी जनता मेहनती है, बुद्धिमान है और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान देती है। अमेरिकी जनता ने अमेरिका को बहुत से महान लीडर दिए हैं। वहाँ के कानून इतने सख्त हैं कि बड़े से बड़े लीडर, न्यायाधीश,  सेनाध्यक्षों को उनकी अवहेलना करना आसान नहीं है। यही कारण है कि अमेरिका दुनिया का लगातार शक्तिशाली देश होता गया, शक्तिशाली ही नहीं एक समय तो ऐसा था कि दुनिया में अमेरिका को कोई भी चुनौती देने वाला ही नहीं था। लोकतंत्र देश के रूप में अमेरिका और जापान ने सबसे ज्यादा तरक्की की है, जबकि रूस और चीन भी विकसित देश हैं । लेकिन यहां की जनता गुलामो की तरह रहती है। रूस एवं चीन में जनता अपने शासको के खिलाफ नहीं बोल सकती है, इसलिए रूस-चीन में वर्तमान लीडरशिप के बाद देश का भविष्य कैसा रहेगा कुछ कहा नहीं जा सकता है। इसी तरफ अमेरिका में मजबूत लोकतंत्र एवं संविधान से चलने के कारण देश संभालने वाले लीडरों की एक लंबी लाइन है।

  • अमेरिका की जनता डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ सड़कों पर

अमेरिका की जनता गतिशील है, सूझबूझ वाली है और लोकतंत्र के प्रति समर्पित है । यही कारण है कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ लाखों लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं । अमेरिकी जनता को डर सताने लगा है कि डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों, सरकार में कर्मचारियों की छंटनी लोकतंत्र को कमजोर करके ट्रंप की तीसरी बार राष्ट्रपति बनने की इच्छा और दुनिया के देशों को युद्ध की धमकी देना अमेरिका को बर्बाद कर सकती है । राष्ट्रपति की मनमानी के कारण अमेरिका के शेयर बाजार धड़ाम हो गए । जिससे अमेरिका की इकोनॉमी को करीब 5-6 ट्रिलियन का नुकसान हुआ, लेकिन अमेरिकी जनता ऐसा नहीं होने देगी । अमेरिका में मीडिया भी स्वतंत्र और परिपक्व है। देश हित में वह बड़े से बड़े नेता और अधिकारी की कमियां उजागर करके जनता को बता सकता है । एशियाई देशों की जनता धार्मिक प्रवृत्ति की है, देश को शक्तिशाली बनाने के बजाए एक दूसरे के धार्मिक मुद्दों के विरोध में ज्यादा रुचि रहती है और धार्मिक मिजाज है । यही कारण है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, भारत, श्रीलंका और अफगानिस्तान में आज भी टेक्नोलॉजी लड़ाकू विमान निर्माण, आर्थिक शक्तिशाली बनने एवं आधुनिक शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया जाता है । जबकि अमेरिका में पूरे विश्व से चाहे वह किसी भी धर्म का वैज्ञानिक हो, अमेरिका बुला लिया जाता है।

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।