Loading...

Bhojshala Row: भोजशाला में नमाज की जगह को लेकर मुस्लिम पक्ष की आपत्ति, सुप्रीम कोर्ट ने एमपी सरकार से मांगा जवाब

Bhojshala Row: भोजशाला में नमाज की जगह को लेकर मुस्लिम पक्ष की आपत्ति, सुप्रीम कोर्ट ने एमपी सरकार से मांगा जवाब

Follow us

Share

Bhojshala Row : नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के धार में स्थित विवादित भोजशाला परिसर में नमाज के लिए दी गई वैकल्पिक जगह को लेकर मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनका कहना है कि यह जगह भोजशाला परिसर से काफी दूर है। चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वह मध्य प्रदेश सरकार से यह जानकारी लें कि क्या विवादित परिसर के पास नमाज के लिए दूसरी जगह उपलब्ध कराई जा सकती है।

मुस्लिम पक्ष ने क्या आपत्ति जताई?

मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ वरिष्ठ वकील हुजैफा अहमदी ने नमाज के लिए मुहैया कराई गई जमीन पर अपनी आपत्ति जताई। वकील ने कहा कि शुक्रवार की नमाज के लिए जो वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराई गई है, वह भोजशाला विवादित स्थल से काफी दूर है। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के अनुसार जमीन भोजशाला के पास होनी चाहिए थी, लेकिन उपलब्ध कराई गई जमीन लगभग 2 किलोमीटर दूर है। अहमदी ने कहा, अदालत का आदेश था कि जमीन भोजशाला के पास हो। शुक्रवार की नमाज के लिए जो जमीन दी गई है, वह दो किलोमीटर दूर है। हम पहले ही शुक्रवार की नमाज नहीं पढ़ सके हैं।

एमपी सरकार ने दिया ये जवाब

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि नमाज के लिए तय की गई दूसरी जगह विवादित परिसर से करीब 900 मीटर दूर है। हालांकि, उन्होंने पीठ को भरोसा दिलाया कि वह खुद इस मामले को देखेंगे और जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाएंगे। मेहता ने कहा, मैं खुद इस मामले को देखूंगा और जरूरत पड़ी तो इसे ठीक करूंगा।

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट ने दिए ये निर्देश

जस्टिस बागची ने कहा कि अदालत के पहले दिए गए आदेश का ‘शब्दशः और पूरी भावना के साथ’ पालन होना चाहिए। पीठ ने मामले को शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई और सॉलिसिटर जनरल को निर्देश दिया कि वह नमाज के लिए विवादित परिसर के पास जगह उपलब्ध कराने के संबंध में राज्य सरकार से निर्देश लेकर आएं।

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।