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पेपर लीक विवाद: पीएम मोदी बोले- दोषियों के लिए फास्ट ट्रैक बनाएंगे; जंतर-मंतर पर पुलिस और छात्रों में झड़प

पेपर लीक विवाद: पीएम मोदी बोले- दोषियों के लिए फास्ट ट्रैक बनाएंगे; जंतर-मंतर पर पुलिस और छात्रों में झड़प

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CJP Protest In Jantar Mantar : नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन का आज 34वां दिन है। प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों पर अडिग हैं। सोमवार को हुए कथित पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस के बाद भी प्रदर्शनकारियों का हौसला नहीं टूटा। अगले ही दिन दुगुनी ऊर्जा के साथ जंतर-मंतर पहुंचे, जहां उन्होंने रातोंरात मंच फिर से खड़ा कर आंदोलन को नई जान दी। बुधवार को प्रदर्शनकारियों का आंदोलन तेज हो गया। बीती रात करीब साढ़े आठ बजे छात्रों और पुलिस में झड़प हो गई।

पीएम मोदी बोले- पेपर लीक केस के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाएंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पेपर लीक मामलों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पीएम मोदी ने पोस्ट कर लिखा कि पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाए जाएंगे। देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

राहुल और CJP ने दी ये प्रतिक्रिया

पीएम मोदी की पोस्ट के बाद राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर कहा कि आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने एजुकेशन सिस्टम बर्बाद होने दिया और इसके जिम्मेदार व्यक्तियों को संरक्षण दिया। वहीं, CJP ने भी पीएम के पोस्ट के कुछ देर बाद X पर प्रधानमंत्री की फोटो पोस्ट कर लिखा- प्रधानमंत्री जी इस्तीफा दो।

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गौरतलब है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से कॉकरोच जनता पार्टी NEET पेपर लीक के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। 21 जुलाई को नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेता दिल्ली में पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठे थे।

पेपर लीक की सुनवाई के लिए पहली बार बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट

देश में अब तक पेपर लीक मामलों के लिए अलग फास्ट ट्रैक कोर्ट नहीं थे। ऐसे मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती थी, इसलिए फैसला आने में अक्सर कई साल लग जाते थे। अब प्रधानमंत्री ने पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है, ताकि इनकी सुनवाई और फैसला तेजी से हो सके। फास्ट ट्रैक कोर्ट का रिकॉर्ड भी बेहतर रहा है। केंद्र सरकार के अनुसार, रेप और POCSO मामलों के लिए बनी फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 2019 से 2025 तक 3.06 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा किया है। इन अदालतों का डिस्पोजल रेट 96.28 फीसदी है, यानी जितने नए मामले आए, लगभग उतने ही मामलों का निपटारा भी हुआ। हालांकि, नए मामले लगातार दर्ज होने के कारण 2025 के अंत तक 2.45 लाख से ज्यादा मामले लंबित थे, जबकि 2024 के अंत में यह संख्या 2.04 लाख थी।

राहुल गांधी की 3 मांगें

राहुल गांधी ने बुधवार को दिल्ली के इंदिरा भवन में छात्रों के खिलाफ लाठीचार्ज पर करीब 40 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने सबसे पहले अपने प्रेजेंटेशन में 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च में शामिल छात्रों के वीडियो चलाए। राहुल कहा कि सुरक्षाबलों ने छात्रों को बुरी तरह पीटा। ऐसा क्यों किया गया। नीट पेपर लीक से देश के 7.5 करोड़ स्टूडेंट्स और उनके परिवार इस घटना से प्रभावित हुए हैं। नीट मामले में किसी भी को सजा नहीं हुई। राहुल ने प्रेजेंटेशन के दौरान स्लाइड दिखाई। जिसमें उन्होंने तीन डिमांड रखीं। पहली- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। दूसरी- छात्रों को पीटने वालों पर कार्रवाई हो। तीसरा- पीएम मोदी छात्रों से माफी मांगें।

जेपी नड्डा बोले- कांग्रेस सरकारों में पेपर लीक क्यों

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राहुल के आरोपों का जवाब दिया। नड्डा ने कहा- राहुल बताएं जब कांग्रेस सरकारों में पेपर लीक होते हैं तब वे सवाल क्यों नहीं उठाते।
राहुल इन मामले में सिर्फ भाजपा शासित सरकारों को क्यों टारगेट करते हैं। वह इतने सिलेक्टिव क्यों हैं।
इससे पहले राहुल गांधी ने दिल्ली के इंदिरा भवन में छात्रों के खिलाफ लाठीचार्ज पर करीब 40 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने सबसे पहले अपने प्रेजेंटेशन में 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च में शामिल छात्रों के वीडियो चलाए।

देश के कई शहरों तक फैला आंदोलन

रात को मौके पर भारी पुलिस बल बुला लिया गया। देर रात जंतर-मंतर व आसपास की सड़कों पर भारी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद थे और तनाव का माहौल बना हुआ था। इस बीच, दिल्ली से शुरू हुआ आंदोलन अब अन्य शहरों में भी फैल गया है। बुधवार को पटना, जयपुर, चेन्नई, अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम व मुंबई समेत देशभर में छात्रों ने कई जगह प्रदर्शन किए और प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

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