Loading...

लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल और राज्यसभा में वंदे मातरम बिल पास

लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल और राज्यसभा में वंदे मातरम बिल पास

Follow us

Share

New Anti Paper Leak Bill Passed In Lok Sabha : नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का आज आठवां दिन है। लोकसभा में बुधवार को लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 ध्वनि मत से पास हो गया। इसके तहत पेपर लीक से जुड़े कानून सख्त कर दिए हैं। अब पेपर लीक से जुड़े अपराधों में अधिकतम 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। वहीं राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण संशोधन विधेयक (2026) बिल पास हो गया। अब जन-गण-मन की तरह वंदे मातरम को कानूनी संरक्षण मिलेगा। वंदे मातरम का अपमान, अनादर और गायन में बाधा डालना दंडनीय अपराध होगा। ऐसे मामलों में अधिकतम तीन वर्ष तक की जेल का प्रावधान है। यह संशोधन 1971 के राष्ट्रीय सम्मान कानून के दायरे का विस्तार करता है, जिसमें पहले केवल राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को कानूनी संरक्षण प्राप्त था। विपक्ष के हंगामे और वॉकआउट के बीच विधेयक पारित हुआ। इसके बाद राज्यसभा कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।

पेपर लीक के मुद्दे पर हुई लंबी और गरमागरम बहस

इससे पहले बुधवार को पेपर लीक से जुड़े ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा हुई। पेपर लीक के मुद्दे पर लंबी और गरमागरम बहस हुई। विपक्ष नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक से जुड़े बिल पर 50 मिनट तक भाषण दिया। उन्होंने इडियट और अंधभक्त जैसे शब्द बोले। फिर कहा कि गृहमंत्री ने दिल्ली में छात्रों पर फायरिंग के आदेश दिए। इसको लेकर सत्तापक्ष ने जमकर हंगामा किया।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कई बार खड़े होकर राहुल गांधी को टोका और संसदीय रूल्स का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को माफी मांगनी चाहिए। इस पर राहुल ने कहा, ‘अगर आप चाहते हैं कि देश में सिर्फ बीजेपी बोले तो मैं चुप होकर बैठ जाता हूं।’ वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी राहुल गांधी को कई बार टोका। उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि वे इस तरह के असंसदीय शब्द नहीं बोल सकते। अध्यक्ष ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अपील पर इन शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटा दिया।

Advertisement

यह देश के युवाओं का भाव व्यक्त करना था

एंटी पेपर लीक बिल पर लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि मैं बहुत उत्साहित था और मुझे भरोसा हुआ कि देश का भविष्य हमारी सड़कों पर क्या कर रहा है। यह गुस्सा, हिंसा या नफरत नहीं थी। यह देश के युवाओं और आने वाली पीढ़ी की गहरी भावना थी और मुझे लगता है कि सभी राजनीतिक दलों को, जिसमें भाजपा के मेरे दोस्त भी शामिल हैं, इस भावना का सम्मान करना चाहिए।’ उन्होंने आगे कहा कि मुझे पूरा यकीन है कि अगर भाजपा के मेरे मित्र अपने बच्चों से पूछें कि उनके भाई-बहन जो कर रहे हैं, उसके बारे में वे क्या सोचते हैं, तो उन्हें अपने बच्चों का भी समर्थन ही मिलेगा। जो हुआ है उसमें कुछ भी गलत नहीं है और हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए।’

राहुल बोले, नई पीढ़ी ने मुझे नई दिशा दी

राहुल गांधी ने आगे कहा कि कुछ छात्रों, युवा लड़कियों के अनुभव ने मुझे नया नजरिया दिया। मैं उनके नजरिए से सहमत हूं। आप कहते हैं कि आप छात्र हैं इसका क्या मतलब है? उन्होंने मुझसे कहा कि एक छात्र वह है जिसका खुला दिमाग और खुला दिल है। छात्र वह है जो शुरुआत से लिखता है, मानते हैं कि उन्हें सबकुछ नहीं पता। छात्र वह होते हैं जो वह जानते हैं उसके ऊपर कुछ नया ज्ञान है। वह यह मानते हैं कि ब्रह्मांड लगातार बदल रहा है। ऐसे में छात्र मानते हैं कि ज्ञान भी लगातार बदल रहा है। छात्रों ने कहा कि विनम्रता भी इसका एक अहम पहलू है क्योंकि हमें पता है कि कोई हमसे भी ज्ञानी मौजूद है, जो इस ज्ञान को बढ़ा सकता है।

राहुल गांधी ने आगे कहा, मैंने सोचा कि आने वाले जनरेशन पर मैं अपनी स्पीच कैसे शुरू करूं। फिर मुझे लगा कि मैंने जिन युवाओं से बात की, खासकर यंग लड़कियों से बात की, उनकी बातों ने मुझे नई दिशा दी। एक लड़की ने कहा- स्टूडेंट्स खुले दिमाग और दिल के है। स्टूडेंट्स को पता है कि जो यह दुनिया लगातार बदल रही है। उन्हें समझ आता है कि ज्ञान भी हर समय बदलता है। स्टूडेंट्स को पता कि उन्हें सारा सच नहीं पता।’

राहुल बोले, ओपन माइंड और ओपन हार्ट है स्टूडेंट

राहुल गांधी ने बताया, एक लड़की ने कहा- स्टूडेंट ओपन माइंड और ओपन हार्ट है। स्टूडेंट्स को पता है कि जो यह दुनिया लगातार बदल रही है। उन्हें समझ आता है कि ज्ञान भी हर समय बदलता है। स्टूडेंट्स को पता कि उन्हें सारा सच नहीं पता। युवती ने बताया कि स्टूडेंट्स की दूसरी कैटेगरी को लगता है उन्हें सब पता है। वे एरोगेंट हैं। वे सुनते नहीं है। दूसरों के सच को नहीं समझते। मैंने पूछा कि आप इन्हें क्या समझती हैं। लड़की ने कहा, ‘मैं इन्हें इडियट समझती हूं। ये इडियट्स किसी की नहीं सुनते। इस देश के भविष्य ने हमारी सड़कों पर जो किया, उससे मुझे भरोसा मिला। छात्रों का लक्ष्य होता है कि वह सच्चाई के पीछे दौड़ता है। उसके लिए सच मीठा होता है। तो मैंने पूछा कि वाट अबाउट इडियट्स। तो उसने कहा, ‘इडियट खुद को भगवान बताने की कोशिश करता है। उसे अपना विशाल इमेज बनाना होता है।’

राहुल के संबोधन में इडियट शब्द पर हंगामा

राहुल गांधी ने आगे कहा कि मैंने सोचा, इडियट भी है और स्टूडेंट भी है। उससे पूछा कि ये तीसरी कैटेगरी कहां जाती है- अंध भक्त। ये तीन कैटेगरी हैं। छात्र जो हैं, वह शिक्षा के सिस्टम की बात कर रहे हैं। स्टूडेंट आठ-10 घंटे पढ़ते हैं। एजुकेशन महंगी है। वर्षों पढ़ते हैं। इस पर ट्रेजरी बेंच से सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया। इस पर आपत्ति करते हुए रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी असंसदीय शब्द इस्तेमाल करते हैं। ये तरीके से एक छात्रा के नाम पर वह शब्द बोल रहे हैं, इसे एक्सपंज किया जाए। स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि जो शब्द असंसदीय होगा, उसे निकाल दिया जाएगा। राहुल गांधी ने कहा कि इडियट शब्द की जगह मैं दूसरा शब्द दे देता हूं। इस पर ओम बिरला ने कहा कि इसके लिए आपको व्यवस्था देने की जरूरत नहीं है, मैं व्यवस्था दे चुका हूं। राहुल गांधी ने कहा कि छात्र सजग है, सच्चाई जानता है। एक परीक्षा पर शिक्षा के बजट से ज्यादा खर्च होता है। अंधभक्त मूर्ख को भगवान मानते हैं।
‘हमारी शिक्षा व्यवस्था पहले ही क्रूर है’

राहुल गांधी ने आगे कहा कि कई लोगों को लगता है कि छात्रों को पेपर लीक की वजह से गुस्सा आया है। हमारी शिक्षा व्यवस्था पहले ही क्रूर है। लाखों रुपए गरीबों से लिए जाते हैं। हर चीज प्राइवेटाइज है। पेपर लीक, एक परीक्षा में कुछ होता है, दूसरे में कुछ। एक में रिएग्जाम होता है, दूसरे में नहीं होता है। यह एक बेहद खराब व्यवस्था है। यह सिस्टम और इसकी आत्मा को कब्जे में कर लिया गया है। इसे आरएसएस ने कब्जे में किया है। राजनाथ सिंह जी ने कहा कि हम यूपीए नहीं है, हमारे मंत्री कभी इस्तीफा नहीं देते। वो सही कह रहे हैं। यहां जो हुआ, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, उससे कुछ हासिल नहीं हुआ, क्योंकि धर्मेंद्र प्रधान कभी नहीं चलाते। उसे आरएसएस चलाता है। मंत्री के दफ्तर में बैठा एक ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी)। छात्रों को कुछ बोलने नहीं दिया जाता। उन्हें अपने मन की चीज फॉलो नहीं करने दी जाती। उन्हें वह इतिहास पढ़ना पड़ता है, जो आरएसएस लाना चाहता है। हर यूनिवर्सिटी में आज आरएसएस से जुड़ा वाइस चांसलर है। धर्मेंद्र प्रधान सिर्फ एक व्यक्ति हैं, आपका असली दुश्मन आरएसएस है।

राहुल की स्पीच के दौरान लोकसभा में हंगामा

राहुल गांधी ने कहा, गृह मंत्री ने छात्रों पर शूटिंग की इजाजत दी। पैलेट गन चलाने का आदेश दिया। छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताते हुए कहा- आप बिना सोचे समझे बोल रहे हैं। ऐसा मत बोलिए। आपको गंभीरता से बोलना चाहिए। ये ठीक नहीं है। ये किस आधार पर आपने बयान दिया। आपको किसने बताया। आप माफी मांगिए। गोली चली, ये छोटी बात नहीं है। ऐसा कैसे कह सकते हैं कि किसी ने गोली चलाई। ये गंभीर आरोप है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान के बाद विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू की। विपक्ष ने हंगामा करते हुए कहा राहुल गांधी को बोलने दो, राहुल गांधी को बोलने दो।’ वहीं अखिलेश यादव ने कहा अगर नेता प्रतिपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं तो ये सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि छात्रों पर ऐसा व्यवहार किसने किया ये जांच करे। इस पर किरेन रिजिजू ने कहा-आप जांच की मांग करिए, लेकिन राहुल गांधी सीधे-सीधे गृह मंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। आपको माफी मांगना होगा। झूठा आरोप लगाया है।

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।