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मुसलमानों के पास अच्छे स्कूल, कॉलेज, मुसाफिर खाने, अस्पताल खोलने के लिए जमीन नहीं है।

जयपुर

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-दूसरी तरफ वक्फ बोर्ड के पास लाखों एकड़ जमीन फालतू पड़ी है या फिर कथित समाजसेवियों के कब्जे में है।

(मुन्नाखान)

जयपुर,(रॉयल पत्रिका) यहां मैं केवल जयपुर के संदर्भ में ही बात करूंगा। जयपुर में वक्फ बोर्ड के पास सैंकड़ों एकड़ जमीन पड़ी है। जिसमें से एक बड़े भू-भाग का किसी अच्छे उद्देश्य के लिए प्रयोग नहीं किया जा रहा है। दूसरी तरफ अच्छे स्कूल,कॉलेज, अस्पताल एवं मुसाफिर खाने खोलने के लिए जमीन नहीं है। जयपुर में एक गर्ल्स कॉलेज पर सरकार पेनल्टी पर पेनल्टी लगाए जा रही है। सरकार को लाखों रुपये पेनल्टी देने के बाद भी यह कॉलेज जमीन का इंतजाम नहीं कर पाया है। जयपुर शहर में एक भी कायदे का हॉस्टल नहीं है। सरकार ने एक बार वक्फ बोर्ड की जमीन पर हॉस्टल बनाने की कोशिश की लेकिन कौम के कुछ लोगों ने विरोध कर दिया। यह विरोध करने वाले अब तक जयपुर में एक भी छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल नहीं बना पाए है। जबकि इनके पास वक्फ-बोर्ड की काफी जमीन है और कब्जे में है।

समाज के पास जमीन और पैसे की कमी नहीं है।-

अकेले जयपुर में मुस्लिम मुसाफिर खाना, मस्जिद हैज़म फ़रोशान, अमानीशाह दरगाह, कुरैशी मुसाफिर खाना आदि कमेटियों के पास करीब 10 करोड़ का फंड मौजूद है। घाटगेट पुराने बस स्टैंड के पास करीब 10-12 बीघा वक्फ बोर्ड की जमीन है। अंकुर सिनेमा अब यहां चलता नहीं जिसके पास 10 हज़ार वर्गमीटर जमीन है। यह जमीन आदर्श नगर के कांग्रेस विधायक के रिश्तेदारों ने किराये पर ले रखी है। कौम के सभी लोग मिल बैठकर बात करे तो शिक्षा के उद्देश्य से यह लोग उस जमीन को छोड़ सकते है। क्योंकि अंकुर सिनेमा की जमीन किराये पर लेने वाले बड़े लोग है और कौम के भले के लिए मना करने वाले नहीं है। मुस्लिम समाज छोटे-छोटे गुटों में बंट गया है लेकिन इस बात को बड़ी होशियारी से छुपाया जा रहा है। यह गुट आपस में सिर्फ कुछ कॉमन मुद्दों पर ही बात करते है। शिक्षा, रोजगार एवं राजनीतिक अवेयरनेस इनके सबजेक्ट में नही है। जयपुर का मुस्लिम समाज एक ऐसा समाज बन गया है जो जमीन, पैसा और जानकारी होने के बाद भी कोई बड़ी उपलब्धि हासिल नहीं कर पा रहा है। मुस्लिम समाज में एक वर्ग ऐसा भी विकसित होता जा रहा है जिससे सवाल जवाब नही किये जा सकते हैं। यदि कोई सवाल जवाब करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया जाता है या फिर झूठे मुकदमों में फँसाने की कोशिश की जाती है। यदि सभी गुट एक साथ आ जाए तो जयपुर शहर में बड़े से बड़ा काम किया जा सकता है। क्योंकि जयपुर में मुस्लिम समाज के एक से एक योग्य और क्षमतावान व्यक्ति मौजूद हैं।

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