खान अब्दुल गफ्फार खान (सीमांत गांधी)
6 फरवरी जन्मदिन पर विशेष…..
खान अब्दुल गफ्फार खान सीमा प्रांत और बलूचिस्तान के एक महान राजनेता थे। जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और अपने कार्य और निष्ठा के कारण सरहदी गांधी (सीमांत गांधी) के नाम से पुकारे जाने लगे। वह भारतीय उपमहाद्वीप में अंग्रेज शासन के विरुद्ध अहिंसा के प्रयोग के लिए जाने जाते थे। इनका जन्म 6 फरवरी 1890 ईस्वी में पेशावर वर्तमान पाकिस्तान में हुआ था। बचपन से इनके जीवन पर इनके दादाजी अब्दुल्ला खान का अधिक प्रभाव रहा। जिन्होंने आजादी की लड़ाई लड़ी तथा अंग्रेजों ने उन्हें मृत्यु दंड दिया। गर्मियों में स्कूल की छुट्टियों में खाली समय पर समाज सेवा का कार्य करना उनका मुख्य काम था। शिक्षा पूरी होने के बाद यह देश की सेवा में लग गए पेशावर में जब 1919 में फौजी कानून (मार्शल लॉ) लागू किया गया उस समय उन्होंने शांति का प्रस्ताव पारित किया फिर भी उन्हें गिरफ्तार किया गया। “खुदाई खिदमतगार” नाम का जो सामाजिक संगठन उन्होंने बनाया वह जल्द ही राजनैतिक कार्य में परिवर्तित हो गया। 1930 ईस्वी में सत्याग्रह करने पर दुबारा जेल भेजे गए। जेल में ही इन्होंने सिख ग्रंथों तथा गीता का अध्ययन किया। हिंदू तथा मुसलमानों के आपसी मेल को जरूरी समझा उनकी संगति से अन्य कैदी भी प्रभावित होकर गीता, कुरान तथा ग्रंथ साहब का अध्ययन करने लगे। 1931 में गांधी इरविन समझौता हुआ जिसके बाद खान साहब जेल से रिहा हुए तथा फिर से सामाजिक कार्यों में लग गए। सीमा प्रांत में सरकार की ज़्यादतियों के विरुद्ध मालगुजारी आंदोलन चलाया। सरकार ने उन्हें और उनके भाई को आंदोलन का सूत्रधार मानते हुए नजरबंद कर दिया। 1934 में फिर से जेल से रिहा हुए और पूरे देश का दौरा कर जनता की सेवा में लग गए। 1942 में अगस्त आंदोलन में गिरफ्तार हो गए जो 1947 में रिहा हुए। देश का बंटवारा होने पर उनका संबंध भारत से टूट सा गया था किंतु वह देश के विभाजन से किसी प्रकार से सहमत नहीं थे इसलिए पाकिस्तान से उनकी विचारधारा बिल्कुल अलग थी। तथा वहां रहकर पख्तूनिस्थान आंदोलन आजीवन जारी रखा। इनका संस्मरण ग्रंथ ‘माय लाइफ एंड स्ट्रगल’ 1969 में प्रकाशित हुआ। उन्हें वर्ष 1987 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न” से सम्मानित किया। 1988 में पाकिस्तान में उन्हें सरकार ने घर में नजरबंद किया। उसके कुछ ही दिनों पश्चात 20 जनवरी 1988 को उनकी मृत्यु हो गई।
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