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जयपुर की मशहूर ‘चोखी ढाणी’ में खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा, VKI में मसाला फैक्ट्री सील

जयपुर की मशहूर ‘चोखी ढाणी’ में खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा, VKI में मसाला फैक्ट्री सील

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जयपुर। राज्य सरकार के ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने जयपुर में दो बड़ी जगहों पर कार्रवाई की। दुनिया भर के पर्यटकों के बीच पहली पसंद माना जाने वाला जयपुर का ‘चोखी ढाणी’ होटल में बड़े पैमाने पर खाद्य मानकों की अनदेखी और गंभीर अनियमितताएं मिली हैं।

चोखी ढाणी में मिलीं कई अनियमितताएं

खाद्य सुरक्षा विभाग टीम ने यह कार्रवाई 181 पोर्टल पर मिली शिकायत के आधार पर की। जांच के दौरान टीम को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। अधिकारियों ने मौके से खाद्य तेल, मावा और काजू के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। जयपुर द्वितीय की फूड सेफ्टी टीम ने शुक्रवार को चोखी ढाणी का निरीक्षण किया। जांच के दौरान टीम को सबसे बड़ी गड़बड़ी किचन में इस्तेमाल हो रहे तेल में मिली। टीम ने पाया कि जिस तेल में आलू फ्राई किए जा रहे थे, उसका टीपीसी (टोटल पोलर कंपाउंड) स्तर 31 प्रतिशत था, जबकि खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार इसकी अधिकतम सीमा 25 प्रतिशत होनी चाहिए।

घटिया गुणवत्ता के काजू मिले

निरीक्षण के दौरान टीम को सब्जी बनाने में इस्तेमाल हो रही काजू की टुकड़ी भी मानकों के अनुरूप नहीं मिली। अधिकारियों ने देखा कि काजू की पैकिंग पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट दर्ज नहीं थी, जो खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है। फूड सेफ्टी टीम ने काजू का नमूना लिया और मौके पर रखे लगभग 90 किलो काजू (करीब 9 डिब्बे) को जांच रिपोर्ट आने तक सीज कर दिया।

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मावे का भी लिया नमूना

टीम ने रसोई में इस्तेमाल हो रहे मावा का भी नमूना लिया है। अब इसे राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा, जहां इसकी गुणवत्ता और शुद्धता की जांच होगी। यदि जांच में मावा या अन्य खाद्य पदार्थ मिलावटी या मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

VKI में मसाला फैक्ट्री सील

वहीं दूसरी ओर खाद्य सुरक्षा विभाग ने जयपुर के विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एरिया (वीकेआई) में मिलावटी और असुरक्षित मसालों के निर्माण पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मसाला फैक्ट्री को सील किया गया है। मौके से कुल 6,273 किलोग्राम मसालों का स्टॉक जब्त किया गया। साथ ही फैक्ट्री के खाद्य लाइसेंस को निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशन और जयपुर प्रथम के अधिकारी डॉ. रवि शेखावत के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने शुक्रवार देर रात विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एरिया (वीकेआई) के राजेंद्र इंटरप्राइजेज मसाला पिसाई केंद्र पर छापेमारी की।

6,273 किलो स्टॉक किया सीज

कार्रवाई के दौरान संचालक राजेंद्र सिंह की फैक्ट्री से हल्दी पाउडर और लाल मिर्च पाउडर के नमूने लिए गए। वहीं, मौके पर मौजूद 6,273 किलोग्राम मसालों का पूरा स्टॉक सीज कर दिया गया। डॉ. रवि शेखावत ने बताया कि संबंधित संचालक पहले भी मिलावटी और असुरक्षित मसालों के निर्माण और व्यापार में लिप्त पाया जा चुका है। 10 जुलाई 2022 को भी लाल मिर्च पाउडर का नमूना जांच में असुरक्षित (Unsafe) पाया गया था। इस मामले में 6 जनवरी 2023 को अदालत में परिवाद प्रस्तुत किया जा चुका है, जो वर्तमान में विचाराधीन है। इसके बाद 17 अक्टूबर 2025 को लिए गए हल्दी पाउडर का नमूना भी जांच में असुरक्षित पाया गया। इस मामले में भी न्यायालय में परिवाद पेश करने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।

फैक्ट्री सील, लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, बार-बार असुरक्षित मसालों के निर्माण के मामले सामने आने के कारण संबंधित फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। साथ ही उसका खाद्य लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 64 के तहत भी नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी की है।

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