फिलिस्तीन की आजादी कितनी दूर……
फिलिस्तीन की आजादी के लिए लड़ने वाले हमास संगठन का नाम दुनिया के इतिहास में गर्व से लिया जाएगा। ताकतवर इजराईल जिसने फिलिस्तीन की जमीन पर कब्जा तो कर ही रखा है साथ मैं फलस्तनियों पर अत्याचार की सभी सीमाओं को पीछे छोड़ अंतरराष्ट्रीय अपराध भी कर रहा है। लेकिन फलस्तीनियों की आजादी की तड़प देखने लायक है। लाखों मर्दों, महिलाओं और बच्चों की कुर्बानी के बाद भी इसराईल को झूकने पर मजबूर कर दिया। जो इसराइल हम मास को खत्म करने का दम भरता था और पूरे फिलिस्तीन और गाजा में शासन करने का सपना देख रहा था वही इसराइल अब गाजा के स्वतंत्रता सेनानीयों से युद्ध रोकने को मजबूर हो गया है। इजराइल का घमंड और ताकत चकनाचूर हो गया। ऐसा ही भारत की आजादी की लड़ाई में भारत के स्वतंत्रता सेनानियों ने कुर्बानियां देखकर देश को आजाद करवाया था भारत को गुलाम बनाने वाले अंग्रेजों ने भारत के नागरिकों पर बहुत अत्याचार किए थे। अंग्रेजो ने हजारों देशभक्तों को जेलों में ठंस दिया था, कुछ को काले पानी की सजा सुनाई थी कुछ को फांसी दे दी गई थी। लेकिन भारत के स्वतंत्रता सेनानी देश की स्वतंत्रता के लिए मैदान में डटे रहे और लाखों कुर्बानियों के बाद भी अंग्रेजों को भारत छोड़कर जाने पर मजबूर कर दिया। आखिरकार लंबी लड़ाई के बाद अंग्रेजों ने भारत को स्वतंत्र कर दिया। भारत के स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों से करीब 100 वर्षों तक स्वतंत्रता संग्राम किया। लेकिन भारत के स्वतंत्रता सेनानियों के सामने अंग्रेजों को झुकना पड़ा। ऐसा ही फिलिस्तीन के स्वतंत्रता सेनानि फलस्तिन की आजादी के लिए करीब 70 वर्षों से युद्ध लड़ रहे हैं। फलस्तिन पर कब्जा करने वाला इसराइल दीनों दिन ताकतवर होता चला गया। दुनिया की सुपर पावर अमेरिका ने इजराईल का भरपूर साथ दिया। फलस्तीनी नागरिक कमजोर होने के बावजूद अलग-अलग दौर में अलग-अलग तरीके से इजराईल से लड़ते रहे लेकिन उन्होंने अपनी आजादी पाने के लिए ताकतवर इजराईल को झुकने के लिए पूरी ताकत से तैयारी जारी रखी। हमास ऐसा ही संगठन है जिसने इजराईल की भाषा में ही उसी के तरीके से जवाब देने की तैयारी शुरू की 17 अक्टूबर 2023 को हमास के लड़ाकों ने हमला करके हजारों इजरायलियों को बंधक बना लिया और सैकडो के मौत के घाट उतार दिया।बदले में इजराईल ने पूरे गाजा पट्टी में भीषण बमबारी की और लाखों को फलस्तीनी नागरिकों की हत्या करदी। मकानों, अस्पतालों,स्कूलों, कॉलेजो एवं दूसरी बिल्डिंगों को बमबारी से खंडहरों में बदल दिया। लेकिन हमास के लड़ाके इजराईल के आक्रमणों से डरे नहीं और लंबे समय के लिए लड़ने का मन बना लिया। जब इजराईल कमजोर पढ़ने लगा, उसके सैनिक मारे जाने लगे और इजराईली सेना के गोला बारूद खत्म होने लगे तो इजराईल का संरक्षण देने वाले अमेरिका ने इजराईल और हमास के बीच युद्ध बंद करवा दिया। ईरान, यमन के दुति संगठन एवं लेबनान के हिज्बुल्लाह संगठन ने हमास का पूरा साथ दिया। लेकिन युद्ध बंद होना सवाई दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसा महसूस हो रहा है की फिलिस्तीन एवं मुसलमानों की पवित्र मस्जिद अल अक्सा की आजादी तक यह युद्ध चलता रहेगा। इजराइल अब एक कमजोर देश है। अमेरिका का जब तक उसके समर्थन मिलता रहेगा इजराईल बना रहेगा लेकिन जैसे ही इजराईल को अमेरिकी समर्थन मिलना बंद हो जाएगा, इजराइल का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और फिलिस्तीन का पुराना स्वरूप सामने आ जाएगा। और फिलिस्तीन स्वतंत्र देश फिर बन जाएगा। लेकिन इतिहास में इजराईल के अत्याचारों को जरूर याद रखा जाएगा।
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