जयपुर सेंट्रल जेल में फर्जी मेडिकल रेफरल स्लिप रैकेट का खुलासा, तीन और गिरफ्तार
जयपुर सेंट्रल जेल में कैदियों को अवैध रूप से रिहा कराने के लिए फर्जी मेडिकल रेफरल स्लिप बनाने के मामले में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में शंभुदयाल मीणा (52), हनुमान सहाय मीणा (25) और राहुल मीणा शामिल हैं, जो जमवारामगढ़ के निवासी हैं。
पुलिस जांच में पता चला कि इन आरोपियों ने जेल के अंदर से फर्जी मेडिकल रेफरल स्लिप तैयार कर कैदियों को एसएमएस अस्पताल में इलाज के बहाने बाहर भेजा। हालांकि, इलाज के बजाय ये कैदी शहर के होटलों में अपने परिजनों और मित्रों से मिलते थे। इस रैकेट का मास्टरमाइंड आनंदीलाल था, जो जेल के डिस्पेंसरी में सहायक के रूप में कार्यरत था। उसने प्रत्येक कैदी से ₹20,000 लेकर फर्जी रेफरल स्लिप जारी की।
गिरफ्तार किए गए कैदियों में अंकीत बंसल, करण गुप्ता, रफीक और भंवर शामिल हैं। ये सभी कैदी एसएमएस अस्पताल में इलाज के बहाने बाहर आए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जयपुर के दो होटलों, जिनमें होटल बेलाकासा भी शामिल है, में पकड़ा।
पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पांच पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कैदियों ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से रिश्वत दी थी, और जेल स्टाफ ने उन्हें फर्जी मेडिकल स्लिप जारी कर दी।
यह मामला राजस्थान में जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि संगठित अपराध को बढ़ावा मिल रहा है।
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