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Dholpur Waterlogging Protest : जलभराव से परेशान लोग सड़क पर उतरे, प्रशासन को दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

Dholpur Waterlogging Protest : जलभराव से परेशान लोग सड़क पर उतरे, प्रशासन को दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

Dholpur Waterlogging Protest : धौलपुर। राजस्थान के धौलपुर जिले के बाड़ी शहर में जलभराव की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा मंगलवार को सड़क पर दिखाई दिया।

बाड़ी शहर के संत नगर रोड और सरमथुरा रोड पर लंबे समय से जमा गंदे पानी से परेशान नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। युवा नेता रामवीर पोसवाल और आर्यन राय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने रैली निकाली और नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने समस्या की गंभीरता को दिखाने के लिए कार्यालय के बाहर गंदे पानी से भरे मटके फोड़कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। लोगों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगली बार मटका फोड़ प्रदर्शन नगर पालिका कार्यालय के अंदर किया जाएगा।

कई महीनों से बनी हुई है जलभराव की समस्या

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रामवीर पोसवाल ने बताया कि संत नगर रोड और सरमथुरा रोड पर पिछले कई महीनों से गंदे पानी की समस्या बनी हुई है। बारिश के दिनों में हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों पर जमा पानी के कारण लोगों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर पालिका प्रशासन को अवगत कराया गया और ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

गंदे पानी से व्यापार और कार्यक्रमों पर असर

संत नगर रोड निवासी रमेश कुमार ने बताया कि जलभराव का असर स्थानीय व्यापार और निजी संस्थानों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि सड़क पर लगातार गंदा पानी भरा रहने के कारण सचिन पैलेस मैरिज होम में लोग कार्यक्रम बुक कराने से बच रहे हैं। इसके चलते मैरिज होम का काम लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है। रमेश कुमार ने कहा कि मैरिज होम की ओर से नगर पालिका को हर साल करीब 80 हजार रुपए का टैक्स दिया जाता है, इसके बावजूद क्षेत्र की मूलभूत समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।

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लोगों ने प्रशासन पर लगाया अनदेखी का आरोप

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जलभराव केवल आने-जाने की समस्या नहीं है, बल्कि इससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने कहा कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। आर्यन राय और अभिषेक यादव ने कहा कि नगर पालिका प्रशासन को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो नागरिकों को मजबूर होकर बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा।

घुमंतू परिवारों की बढ़ी परेशानी

जलभराव की समस्या से स्थानीय घुमंतू परिवार भी परेशान हैं। महिला पुष्पा ने बताया कि उनके रहने वाले स्थान पर भी पानी भर गया है। उन्होंने कहा कि गंदे पानी के कारण बच्चों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। पुष्पा ने प्रशासन से जल्द से जल्द पानी निकासी की व्यवस्था करने की मांग की ताकि परिवारों को राहत मिल सके।

नगर पालिका कार्यालय में सौंपा ज्ञापन

प्रदर्शन के बाद स्थानीय नागरिक नगर पालिका कार्यालय पहुंचे और अधिशासी अधिकारी (ईओ) दीपक गोयल को ज्ञापन सौंपा। लोगों ने जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान कराने की मांग की। नागरिकों ने कहा कि केवल अस्थायी व्यवस्था से काम नहीं चलेगा, बल्कि स्थायी समाधान के लिए नाली निर्माण, पानी निकासी और सड़क व्यवस्था को दुरुस्त किया जाना चाहिए। ईओ को दिए गए ज्ञापन में लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

इस विरोध प्रदर्शन में स्थानीय नागरिकों के साथ कई सामाजिक कार्यकर्ता और युवा भी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान राजकुमार भारद्वाज, रामसेवक अजर, वीरेंद्र यादव, ध्रुव शुक्ला, हरी पहाड़िया, आरएस हिन्द सहित कई लोग मौजूद रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की समस्याओं को लेकर प्रशासन को नियमित रूप से निगरानी करनी चाहिए, ताकि नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए आंदोलन करने की जरूरत न पड़े।

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