धरती पर कहीं भी हमला कर सकती है चीन की परमाणु मिसाइल DF-5C
10 वॉरहेड ले जाने की क्षमता, एटमी जंग में गेमचेंजर
बीजिंग (एजेंसी)। चीन ने इस महीने की शुरूआत में मिलिट्री डे परेड के दौरान दुनिया की सबसे विनाशक मिसाइल DF-5C का प्रदर्शन किया है। ये मिसाइल दुनिया में किसी भी जगह हमला करने में सक्षम है। ये एक लिक्विड फ्यूल इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल यानी ICBM है, जिसे DF-5C के नाम से जाना जाता है। चीनी अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि यह “हमेशा सतर्क रहेगी और दुनिया में कहीं भी हमला करने में सक्षम है”। आपको बता दें कि लिक्विड-ईंधन वाले रॉकेटों की रेंज लंबी होती है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी दिक्कत ये रही है कि इसमें ईंधन भरने में समय लगता है और ईंधन भरने के बाद उन्हें लंबे समय तक रखा नहीं जा सकता। अमेरिका के पास मिनटमैन III जैसी ठोस-ईंधन वाली मिसाइल है, जिसे लंबे समय तक रखा जा सकता है। लेकिन डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि DF-5C ने कमियों को दूर कर लिया है।
चीन ने DF-5C मिसाइल को बना दिया है विनाशक-
माना जा रहा है कि यह मिसाइल एक बार में 10 वारहेड तक ले जाने की क्षमता रखती है, जबकि अमेरिका के मिनटमैन-III ICBM सिर्फ 3 MIRVs तक ले जा सकते हैं। हालांकि, लिक्विड प्रोपेलेंट्स जैसे हाइड्राजीन और नाइट्रोजन टेट्रॉक्साइड बेहद जहरीले और अस्थिर होते हैं, जिससे उनका फ्यूलिंग प्रोसेस काफी मुश्किल और खतरनाक बन जाता है। DF-5C के नये डिजाइन से पता चलता है की चीन ने इन समस्याओं को दूर कर लिया है।
अमेरिका में विनाश फैलाने की अब चीन के पास क्षमता-
साउथ चायना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, DF-5C की मारक क्षमता 20,000 किलोमीटर से भी ज्यादा मानी जा रही है, यानी ये मिसाइल पृथ्वी पर किसी भी हिस्से को टारगेट कर सकता है। इसके मुकाबले, रूस का सर्मत (Sarmat) I CBM मिसाइल और अमेरिका का मिनटमैन-III तकनीकी रूप से मजबूत हैं, लेकिन चीन का DF-5C उन्हें सीधी चुनौती देता है। यह मिसाइल न सिर्फ लंबे समय तक ईंधन भरी अवस्था में सुरक्षित रह सकती है, बल्कि अपने भारी पेलोड और आधुनिक नोजल टेक्नोलॉजी की वजह से चीन को एक वैश्विक न्यूक्लियर स्ट्राइक क्षमता देता है।
चीन अब भारत से नजदीकी बढा रहा-
चीन अमेरिका में दुश्मनी बढ़ती जा रही है। अमेरिका की विश्व में सुपरपावर की पदवी को चीन छीनना चाहता है। इसलिए अमेरिका चीन को दुश्मन समझता है। दूसरी तरफ चीन भी अमेरिका को पीछे छोड़कर विश्व की आर्थिक एवं सैन्य शक्ति बनना चाहता है यही कारण है कि चीन दूसरे देशों से अपने संबंध सुधार रहा है। भारत विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश है। भारत के प्रधानमंत्री ने अमेरिका के टैरिफ मामले के बाद अमेरिका से दूरी बनाना शुरू कर दिया है। भारत अब चीन, रूस, ईरान के नजदीक दिखाई देता है। ऐसी स्थिति में अमेरिका को आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान हो सकता है अमेरिका को आर्थिक मजबूत बनाने में भारत का बड़ा योगदान रहा है। विशेषज्ञयों का कहना है कि अमेरिका जल्दी ही आर्थिक रूप से कमजोर होकर बिखर जाएगा। भविष्य में भारत और चीन ही विश्व के महाशक्ति मानी जाएगी।
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