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इंस्टाग्राम पर अश्लील कंटेंट को लेकर सरकार सख्त, मेटा को नोटिस जारी कर 7 दिन में मांगा जवाब

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इंस्टाग्राम पर अश्लील कंटेंट को लेकर सरकार सख्त, मेटा को नोटिस जारी कर 7 दिन में मांगा जवाब

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नई दिल्ली। इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कथित अश्लील कंटेंट और ऐसे विज्ञापनों को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर विस्तृत जवाब देने को कहा है। यह नोटिस 4 जुलाई को भेजा गया। सरकार जानना चाहती है कि इंस्टाग्राम पर इस तरह के विज्ञापन कैसे दिखाई दिए और उन्हें रोकने के लिए कंपनी ने क्या कदम उठाए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा से इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। इसमें कंपनी की कंटेंट मॉडरेशन प्रणाली, विज्ञापनों की जांच प्रक्रिया और अवैध या हानिकारक सामग्री को रोकने के लिए अपनाए जा रहे सुरक्षा उपायों की जानकारी देने को कहा जा सकता है। हालांकि, अभी तक इस मामले को लेकर मेटा की ओर से कोई अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। इससे पहले मंत्रालय ने मेटा से पूछा था कि इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन कैसे प्रसारित हुए और उन्हें रोकने के लिए प्लेटफॉर्म की ओर से क्या कदम उठाए गए। साथ ही यह भी पूछा गया कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों पर रोक लगाने के लिए कंपनी क्या कदम उठा रही है?

दुनियाभर में इंस्टाग्राम का बड़ा यूजरबेस

बता दें कि भारत समेत दुनियाभर में इंस्टाग्राम का बड़ा यूजरबेस है। युवाओं में इंस्टाग्राम काफी पसंद किया जाता है और इसके रील्स फीचर की मदद से बहुत से लोग घंटों तक का समय बिताते हैं। ऐसे में कंपनियां बेहतर रीच और ब्रांड प्रमोशन के लिए इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देते हैं। जिसके बाद बीबीसी ने इसको लेकर इन्वेस्टिगेटिव किया। बीबीसी की रिपोर्ट में बताया था कि इंस्टाग्राम भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापन दिखा रहा है।

BBC ने जांच के लिए बनाया इंस्टाग्राम अकाउंट

बीबीसी ने भारत में एक नया इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया। शुरुआत में अकाउंट ने कुछ ऐसे प्रोफाइल फॉलो किए, जो सामान्य कंटेंट पोस्ट करते थे। एक सप्ताह के भीतर इंस्टाग्राम ने उस अकाउंट को लगातार यौन प्रकृति वाले विज्ञापन दिखाने शुरू कर दिए। कुछ दिनों बाद ऐसे विज्ञापन भी दिखने लगे, जिनमें बच्चों के शोषण से जुड़ी सामग्री के लिए टेलीग्राम चैनलों के लिंक दिए गए थे। BBC की जांच के दौरान 30 अलग-अलग विज्ञापन ऐसे मिले, जो बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री का प्रचार कर रहे थे। 20 विज्ञापन वयस्क अश्लील सामग्री से जुड़े थे।

बीबीसी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इंस्टाग्राम पर चाइल्ड सेक्शुअल एब्यूज मेटेरियल मौजूद हैं। भारत में इंस्टाग्राम पर ऐसे पेड विज्ञापन चल रहे थे, जिनमें ‘रेप वीडियो’ और ‘चाइल्ड वीडियो’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। इन विज्ञापनों पर क्लिक करने के बाद यूजर्स को टेलीग्राम चैनलों पर भेजा जाता था, जहां कथित तौर पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट बेहद कम कीमत 99 रुपए में बेचा जा रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, इंस्टाग्राम पर दिखने वाले सभी विज्ञापन पहले Meta के मॉडरेशन सिस्टम से मंजूरी मिलने के बाद ही लाइव होते हैं।

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बीबीसी ने जब ऐसे ही एक विज्ञापन की शिकायत इंस्टाग्राम से की, तो करीब 24 घंटे बाद कंपनी ने जवाब दिया कि यह पोस्ट उसकी कम्यूनिटी गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं है। इसके बाद BBC ने मेटा से इस मामले पर जवाब मांगा। तब कंपनी ने कहा कि उसने कई विज्ञापनों को हटा दिया है, संबंधित अकाउंट्स को सस्पेंड किया है और उन URL को हटा देने का दावा किया। मेटा ने यह भी माना कि कोई भी मॉडरेशन सिस्टम पूरी तरह परफेक्ट नहीं होता और रिव्यू प्रोसेस हर नियम उल्लंघन की पहचान नहीं कर पाती।

वाट्सएप यूजरनेम फीचर पर जवाब के लिए मेटा ने मांगी तीन दिन की इजाजत

इससे पहले सरकार ने 1 जुलाई को मेटा को नोटिस जारी कर वाट्सएप के यूजरनेम फीचर पर नोटिस भेजा था। वाट्सएप के यूजरनेम फीचर को लेकर मेटा की टीम ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर विस्तृत जवाब देने के लिए तीन दिनों का समय मांगा है। इसके बाद मंत्रालय ने मेटा को नोटिस जारी कर दिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब हाल ही में भारत सरकार ने वाट्सएप यूजरनेम फीचर के रोलआउट को फिलहाल रोक दिया था। इसके जवाब में वाट्सएप ने स्पष्ट किया कि उसका नया यूजरनेम फीचर पूरी तरह वैकल्पिक होगा। कंपनी का कहना है कि इसे लागू करने से पहले पहचान की चोरी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और अनचाहे संपर्क जैसी समस्याओं से बचाव के लिए कई सुरक्षा उपाय जोड़े गए हैं। कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पूछे गए कई सवालों के जवाब में कहा कि किसी भी यूजर के लिए यूजरनेम बनाना अनिवार्य नहीं होगा। साथ ही इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पहले से मौजूद यूजरनेम, सार्वजनिक हस्तियों, सरकारी संस्थाओं तथा मेटा वेरिफाइड अकाउंट्स के नाम सुरक्षित रखे गए हैं, ताकि उनका इस्तेमाल केवल उनके वास्तविक मालिक ही कर सकें।

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