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धार्मिक

जयपुर

सारांश: राजस्थान हज वेलफेयर सोसाइटी 1 फरवरी 2026 को जयपुर के कर्बला स्थित हज हाउस में 'हज तरबियती कैंप' आयोजित कर रही है। सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलने वाले इस शिविर में शहर मुफ्ती और अन्य उलेमा हज के अरकानों की जानकारी देंगे। विशेष रूप से एहराम बांधने का तरीका सिखाया जाएगा। इसके अलावा, पायलट मिर्ज़ा मोहताशम बैग यात्रियों को फ्लाइट और हवाई सफर से जुड़ी… Read More

हज-2026: जयपुर से 18 अप्रैल को उड़ेगी पहली फ्लाइट

जयपुर

स्मार्टवॉच और डिजिटल सुरक्षा सभी यात्रियों को एक विशेष स्मार्टवॉच दी जाएगी। यह वॉच उनके कदमों की गिनती, ऑक्सीजन लेवल और लाइव लोकेशन ट्रैक करेगी। यह स्मार्टवॉच 'हज सुविधा ऐप' से जुड़ी होगी। किसी भी इमरजेंसी में SOS बटन दबाने पर कंट्रोल रूम को तत्काल अलर्ट मिल जाएगा।

कुरैशी समाज की ‘नो दहेज, नो गार्डन, नो डिनर’ मुहिम का दिखने लगा असर:

जयपुर

जयपुर में कुरैशी और कायमखानी समाज में 'नो दहेज, नो गार्डन, नो डिनर' मुहिम सफल हो रही है। छुट्टन कुरैशी और नईम कुरैशी की पहल के बाद सैकड़ों निकाह सादगी से हुए, जिससे करोड़ों की फिजूलखर्ची बची। 9 जनवरी 2026 को कायमखानी समाज में भी सुन्नत के मुताबिक सादगी से निकाह संपन्न हुआ।

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5 फरवरी को एक दिवसीय सुन्नी इज्तिमा जयपुर में

जयपुर

सारांश: जयपुर के ट्रांसपोर्ट नगर में 5 फरवरी को एक दिवसीय 'सुन्नी इज्तिमा' और 'तालीमी बेदारी' समारोह का आयोजन किया जा रहा है। मुफ्ती-ए-शहर और अन्य वरिष्ठ उलेमा की मौजूदगी में होने वाले इस कार्यक्रम में रमज़ान के स्वागत, सीरत-ए-पाक और मॉडर्न एजुकेशन पर व्याख्यान होंगे। इस अवसर पर मदरसा गुलशन-ए-हुसैन के 11 बच्चों को कुरआन मुकम्मल करने पर सम्मानित किया जाएगा, जिसमें 6 साल की बच्ची रिदा फातिमा भी…

वक़्फ़ उम्मीद पोर्टल 3 महीने के लिए फिर एक्टिव

जयपुर

सारांश: अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और राजस्थान वक़्फ़ अधिकरण के आदेश के बाद, वक़्फ़ संपत्तियों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए 'उम्मीद पोर्टल' को 3 महीने के लिए फिर से खोल दिया गया है। अब मुतवल्ली और कमेटियां 22 मार्च 2026 तक छूटी हुई संपत्तियों का डेटा अपलोड कर सकती हैं। राजस्थान वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. खानु खान बुधवाली ने अपील की है कि समय रहते रजिस्ट्रेशन पूरा करें, इसमें बोर्ड…

नवाब खानदान की मिसाल:

जयपुर

स्थान: घाटगेट, मोहल्ला महावतन, जयपुर। आयोजक: नवाब साहब खानदान। घटना: 11 जोड़ों का सामूहिक विवाह (Mass Wedding) संपन्न कराया गया। उद्देश्य: शादियों में हो रही फिजूलखर्ची को रोकना और निकाह को आसान बनाना। संदेश: समाज को संदेश दिया गया कि निकाह सादगी और नेक नियत से होना चाहिए, दिखावे से नहीं।

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सीरत-उन-नबी: पैगंबर साहब का जीवन आज भी मानवता के लिए प्रकाश स्तंभ

जयपुर

यह लेख 'सीरत-उन-नबी' (पैगंबर मुहम्मद साहब की जीवनी) की समकालीन प्रासंगिकता पर प्रकाश डालता है। इसमें बताया गया है कि कैसे पैगंबर साहब का जीवन केवल इतिहास नहीं, बल्कि न्याय, निष्पक्षता और नैतिकता का व्यावहारिक उदाहरण है। लेख में विशेष रूप से कानून के शासन, महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, शत्रुओं के प्रति क्षमाशीलता और मातृभूमि के प्रति प्रेम (देशभक्ति) जैसे विषयों को उजागर किया गया है। अंत में, यह…

हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया: आखिर क्यों कहलाए “मेहबूब-ए-इलाही”?

जयपुर

यह लेख सूफी संत हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के जीवन की एक प्रमुख घटना का वर्णन करता है। इसमें बताया गया है कि कैसे उनके गुरु बाबा फरीद ने उनसे पूछा कि वे 'मुहिब' (प्रेमी) बनना चाहते हैं या 'मेहबूब' (प्रिय)। अपनी माँ की सलाह पर जब वे एक मज़जूब (फकीर) के पास पहुंचे, तो उस मज़जूब ने मृत्यु के बाद उन्हें 'मेहबूब' बनने की सलाह दी ताकि दुनिया उन्हें इज़्ज़त…

खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोबिंद सिंह जी का 359वां प्रकाश पर्व मनाया

जयपुर

जयपुर के राजापार्क स्थित गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में सिख धर्म के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी का 359वां प्रकाश पर्व अत्यंत श्रद्धा और धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विशेष गुरमत समागम का आयोजन हुआ, जिसमें सुबह नितनेम पाठ के बाद सचखंड श्री हरमंदिर साहिब से आए रागी जत्थों ने शबद-कीर्तन से संगत को निहाल किया।

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ज़िगर मुरादाबादी और नाते रसूल (स.अ.व.):

जयपुर

यह लेख प्रसिद्ध उर्दू शायर ज़िगर मुरादाबादी के जीवन की एक मर्मस्पर्शी घटना पर आधारित है। रशीद अहमद सिद्दीकी के अनुसार ज़िगर साहब शराब के आदी थे, लेकिन वे हमेशा अदब के दायरे में रहे। लेख में उस वाकये का जिक्र है जब उन्हें एक नातिया मुशायरे का निमंत्रण मिला। अपनी 'रिंद' (शराबी) छवि और पैगंबर मोहम्मद (स.अ.व.) के प्रति प्रेम के बीच द्वंद्व महसूस करते हुए, उन्होंने शराब से…

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