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बेगम निशातुन निशा मोहनी पूर्ण स्वराज की प्रमुख हस्ती

Jaipur

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बेगम निशातुन निशा का जन्म 1884 में अवध में हुआ था। इनकी शादी हसरत मोहानी से हुई थी जो एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे। जिन्होंने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा दिया था। बेगम निशातुन निशा अंग्रेजी हुकूमत की घोर आलोचक थी। उन्होंने 1904 में कांग्रेस ज्वाइन की। जब 1907 में कांग्रेस गरम दल और नरम दल में विभाजन हुई, तब उन्होंने अपने पति के साथ गरम दल को चुना जिनके नेता बाल गंगाधर तिलक थे। जब उनके पति को अंग्रेज सरकार ने विरोधी लेख लिखने पर गिरफ्तार किया था तो उन्होंने अपने पति से कहा था कि अंग्रेजों के जुल्म को पूरी दिलेरी से बर्दाश्त करें, बाद में बेगम निशातुन ने अंग्रेजों की कानूनी कार्यवाहियों का डटकर मुकाबला किया, और हसरत मोहानी के अखबार ‘उर्दू-ए-मुअल्ला का प्रकाशन जारी रखा। बेगम निशातुन ने असहयोग आंदोलन, खिलाफत आंदोलन में भरपूर काम किया यह बेगम निषाद ही थी जिन्होंने पहली खादी कपड़ों की दुकान ‘अलीगढ़ खिलाफत स्टोर’ के नाम से शुरू की। इससे होने वाली आमदनी से गांधी जी की पत्रिका ‘यंग इंडिया’ को सपोर्ट करती थी। वह न केवल समर्पित पत्नी थी बल्कि देश भक्त महिला भी थी, वह अपने पति के साथ बैठकों में भाग लेती थी तथा आजादी की आवाज को बुलंद करती थी बाद में निशातुन निशा ने कांग्रेस छोड़ दी तथा किसान और मजदूरों के हितों की लड़ाई लड़ी इनकी मौत 18 अप्रैल 1937 को कानपुर में हुई।

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