Loading...

एशिया की सबसे बड़ी मुहाना मंडी का खस्ताहाल, व्यापारियों का नहीं है किसी को ख्याल

सांगानेर

Follow us

Share

सांगानेर, (रॉयल पत्रिका)। एशिया की सबसे बड़ी फल सब्जी मंडी मुहाना का इन दिनो मंडी समिति की लापरवाही से बुरा हाल हो रहा है। मुख्यमंत्री की जनसुनवाई केन्द्र में अपनी समस्याओं को लेकर व्यापारियों द्वारा 1 साल में 20 बार गुहार लगाई गई है। मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मंडी के गेट नंबर 2 A के निर्माण में देरी से व्यापारियों में भारी आक्रोश उत्पन्न हो रहा है। समिति के द्वारा कार्य पूरा नहीं कर पाने के कारण 10,000 लोगों का रोजगार प्रभावित हो रहा है। निर्माण कार्य पूर्ण न होने की वजह से कई दुकानें बंद पड़ी हुई है। लोगों को जीविका चलाने में परेशानी हो रही है। यह छोटा-मोटा मुद्दा नहीं है, बल्कि एक बड़ा मुद्दा है। जो व्यापारियों की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है। यह कार्य मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र का होना, व्यापारियों की परेशानियों को अनदेखा करना, लापरवाह अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ना। अपने आप में एक बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहा है।

व्यापारियों की मुख्य समस्याएं-

मानसून के दिनों में दुकानों के बेसमेंट में पानी भर जाता है। सड़के उधड़ी हुई है, गड्ढे हो रहे हैं। सीवरेज हमेशा जाम रहती है। साफ सफाई की व्यवस्था नहीं है। पेयजल लाइनों में रिसाव होता रहता है। चैंबरों के ढक्कन टूटे पड़े हुए हैं। सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हुए हैं। जल की पूर्ति नहीं हो रही है। अतिक्रमण एवं जानवरों की आवा-जाही से परेशानी आदि अनेक समस्याओं से मुहाना मंडी गिरी हुई है। अब देखना होगा कि इन समस्याओं का हल कब तक होता है। व्यापारियों की परेशानियों का समाधान कब तक होता है। लापरवाह अधिकारियों पर नकेल कब कसी जाती है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आदेश की पालना कब तक होती है?

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।