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अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना, रजिस्टर्ड श्रद्धालुओं को मिली एंट्री, इस बार पहले से बेतहर व्यवस्था; जानें खास बातें

अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना, रजिस्टर्ड श्रद्धालुओं को मिली एंट्री, इस बार पहले से बेतहर व्यवस्था; जानें खास बातें

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श्रीनगर। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से गुरुवार सुबह 4 बजे अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना हुआ। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को जम्मू से अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्रद्धालु ‘बम-बम भोले’ के जयकारों के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुए। इस वर्ष 57 दिनों तक चलने वाली यात्रा 3 जुलाई से अनंतनाग जिले के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे लेकिन अधिक कठिन बालटाल मार्ग से एक साथ शुरू होगी। यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पर्व के साथ होगा। पहले जत्थे में सिर्फ उन्हीं श्रद्धालुओं को शामिल किया गया, जिन्होंने पहले से रजिस्ट्रेशन कराया था। जिन्होंने RFID कार्ड बनवाया था और ई-केवाईसी पूरी की थी। चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। 1 जुलाई तक बद्रीनाथ में 14.5 लाख और केदारनाथ में 13.75 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

यात्रा के लिए 4 लाख श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन

इस साल अमरनाथ यात्रा के लिए अब तक करीब 4 लाख श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। प्रशासन ने सुरक्षा, मेडिकल, परिवहन और दूसरी जरूरी व्यवस्थाएं पहले ही पूरी कर ली हैं, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित हो सके। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को बेस कैंप पहुंचकर सुरक्षा, मेडिकल, ठहरने, बिजली-पानी, हेल्प डेस्क और दूसरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

अमरनाथ यात्रा-2026 की खास बातें

इस साल अमरनाथ यात्रा में श्रद्वालुओं को पहले से ज्यादा सुविधाएं मिलेंगी। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि बालटाल से गुफा तक बिजली और लाइट की व्यवस्था की गई है, जिससे रात और खराब मौसम में भी यात्रियों को राहत मिलेगी।

यात्रा से पहले ट्रैकिंग रास्तों को पहले से बेहतर बनाया गया है ताकि चढ़ाई के दौरान लोगों को कम परेशानी हो। इसके अलावा पोनी, पालकी और पोर्टर की प्री-पेड बुकिंग व्यवस्था शुरू की गई है। इससे यात्रियों को तय किराए पर सेवा मिलेगी और ज्यादा पैसे वसूलने जैसी समस्या नहीं होगी।

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श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए भी इस बार इंतजाम बढ़ाए गए हैं। बालटाल, नुनवान, श्रीनगर और चंदरकोट के यात्री निवासों का विस्तार किया गया है। जम्मू का भगवती नगर यात्री निवास 30 जून से खुल चुका है। यहां करीब 2,500 श्रद्धालु एक साथ रुक सकेंगे। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त व्यवस्था भी की जाएगी।

इसके अलावा जम्मू के तवी रिवरफ्रंट पर एक नया इंटीग्रेटेड फैसिलिटेशन सेंटर बनाया गया है। यहां एक ही जगह पर रजिस्ट्रेशन, मेडिकल चेकअप, हेल्थ सर्टिफिकेट, दस्तावेजों की जांच और दूसरी जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और उन्हें अलग-अलग जगह नहीं जाना पड़ेगा।

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