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जयपुर का जंगल खतरे में, 2500 पेड़ों की कटाई के खिलाफ विरोध तेज

Jaipur

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जयपुर, (रॉयल पत्रिका)। जयपुर एयरपोर्ट के पास तारों की कूंट क्षेत्र में प्रस्तावित फिनटेक पार्क, पीएम यूनिटी मॉल और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस परियोजना के लिए करीब 2500 पेड़ों की कटाई की योजना है, जिनमें बड़ी संख्या में राज्य वृक्ष खेजड़ी के पेड़ शामिल हैं। यह इलाका डोल का बाढ़ वन क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जो पक्षियों और स्थानीय वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। इस कदम का स्थानीय लोग और ढोल का बाढ़ संघर्ष समिति बीते कई दिनों से विरोध कर रहे हैं। रविवार को भी तरु छाया नगर में प्रदर्शन हुआ, जिसमें लोगों ने काली पट्टियां बांधकर अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शनिवार को शांतिपूर्ण विरोध कर रहे कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जबरन हिरासत में ले लिया। जानकारी के मुताबिक, रीको द्वारा इस परियोजना के लिए 170 करोड़ रुपये का टेंडर 17 जनवरी 2024 को जारी किया गया था और इसे 540 दिन में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। टीन शेड लगाने का काम पहले ही शुरू हो चुका है।

पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र की जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचाएगी। डोल का बाढ़ संघर्ष समिति का कहना है कि प्रोजेक्ट के चलते करीब 100 एकड़ जंगल प्रभावित होगा, जिसमें अकेले यूनिटी मॉल निर्माण से ही 600 से 700 पेड़ काटे जाएंगे। यह इलाका “कुंज” नाम से जाना जाता है और यह जयपुर शहर के बीचोंबीच स्थित एक हरा-भरा क्षेत्र है। यह सैकड़ों जानवरों और पक्षियों का घर है। स्थानीय लोग इसे शहर का आखिरी ग्रीन स्पेस बता रहे हैं जिसे बचाना ज़रूरी है। इस मामले पर  पीयूसीएल की नेशनल प्रेसिडेंट कविता श्रीवास्तव ने मांग की है कि इस क्षेत्र को बचाने के लिए या तो प्रोजेक्ट की जगह बदली जाए या फिर उसका नक्शा बदला जाए ताकि कम से कम 15,000 स्क्वायर फीट क्षेत्र में पेड़ों को नुकसान न हो। वहीं, पर्यावरण कार्यकर्ता आशुतोष रांका ने प्रस्ताव दिया है कि इस 100 एकड़ के क्षेत्र को बायोडायवर्सिटी पार्क में बदला जाए, जिसमें नेचर ट्रेल, क्लाइमेट म्यूजियम और पर्यावरण पर्यटन केंद्र बनाए जा सकते हैं। साथ ही मॉल को उस ज़मीन पर बनाया जाए जहां पेड़ कम हैं।

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