महेश जोशी को मिली 8 से 11 मई तक अंतरिम जमानत
जयपुर। ईडी मामलों की विशेष कोर्ट ने शुक्रवार को जल जीवन मिशन के करीब 900 करोड़ रुपये घोटाले से जुड़े मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी को उनकी पत्नी के निधन के चलते 8 से 11 मई तक अंतरिम जमानत का लाभ दिया है। जोशी को अंतरिम जमानत अवधि खत्म होने पर 11 मई को सुबह 8 बजे जेल में सरेंडर करना होगा। इससे पहले ईडी कोर्ट ने जोशी को गत 28 अप्रैल को पत्नी के अंतिम क्रिया कर्म व धार्मिक रिवाजों के निर्वाह के लिए 4 दिन की अंतरिम जमानत दी थी। इस अंतरिम जमानत अवधि को बढ़ाने के लिए जोशी की ओर से पेश प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने गुरुवार को दोनों पक्षों की बहस सुनकर फैसला शुक्रवार पर रखा था। वहीं, अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने पर गुरुवार शाम को जोशी ने जेल में सरेंडर कर दिया था। प्रार्थना पत्र में अधिवक्ता दीपक चौहान ने कहा कि महेश जोशी को उनकी पत्नी के निधन के बाद के रीति-रिवाजों में हिस्सा लेना है। वे 71 साल के हैं और पत्नी के निधन के बाद मानसिक तौर पर भी विचलित हुए हैं। अंतरिम जमानत के दौरान भी उन्होंने शर्तों का पूरी तरह से पालन किया है और साक्ष्यों से कोई छेड़छाड़ नहीं की है। वे जयपुर का निवासी है और उनकी चल-अचल संपत्ति जयपुर में ही है। उसके भागने का अंदेशा भी नहीं है। वहीं, उससे कोई भी अनुसंधान बाकी नहीं है और वह पहले से ही न्यायिक अभिरक्षा में है। उसकी अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने से केस की स्थिति पर कोई फर्क नहीं पडेगा। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया कि प्रकरण के सह आरोपी संजय बडाया की माता के निधन पर उसे 12 दिनों की अंतरिम जमानत दी थी। इसलिए अंतरिम जमानत की अवधि को 9 दिन के लिए बढ़ाया जाए। इसके जवाब में ईडी के अधिवक्ता अजात शत्रु मीणा ने कहा कि आरोपी को पहले ही 4 दिन की अंतरिम जमानत दी जा चुकी है। ऐसे में यह प्रार्थना पत्र अदालत के पूर्व के आदेश को रिव्यू कराने के समान है। ऐसे में प्रार्थना पत्र को खारिज किया जाए। दोनों पक्षों की बहस सुनकर अदालत में जोशी को आठ मई से 11 मई की सुबह 8 बजे तक अंतरिम जमानत का लाभ दिया है।
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