मोदी का चमत्कार है, जिसके कारण महंगाई के विरोध में अभियान नहीं चलते
देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैसे तो कई बड़ी उपलब्धियां 2014 के बाद उनके खाते में आई हैं। लेकिन उनमें से एक उपलब्धि है कि देश में कमरतोड़ महंगाई होने के बाद भी महंगाई के विरोध में कोई बड़ा आंदोलन चलता हुआ नहीं देखा गया है। देश में पेट्रोल और डीजल के भाव आसमान छू रहे हैं। पेट्रोल-डीजल के भाव ऊंचाई पर रहने के कारण खाद्य पदार्थ, सब्जी, फल, कोयला एवं आना-जाने का भाड़ा भी काफी बढ़ गया। 2014 से पहले कच्चे तेल के भाव अंतर्राष्टीय स्तर पर करीब 90 डॉलर प्रति बैरल के आस पास थे। सरकार, तेल कंपनियां घाटे में चल रही थी। 2014 के बाद कच्चे तेल के भाव लगातार काम हो रहे है। वर्तमान में ट्रम्प टैरिफ और विभिन्न देशों में युद्ध की संभावनाओं के चलते कच्चे तेल के भाव 60 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गए है। देश की तेल कंपनियां, पेट्रोल पर 15 रूपये प्रति लीटर और डीजल पर 8 रूपये प्रति लीटर के करीब कमाई कर रही हैं, यानी देश की सरकार एवं पेट्रोल कम्पनियां मोटा मुनाफा कमा रही हैं। यह मोटा मुनाफा देश की जनता की जेब से खींचा जा रहा है। 4 वर्ष में कच्चा तेल 37 डॉलर प्रति बैरल सस्ता हो चुका है जबकि पेट्रोल के दाम मात्रा 9 रुपए प्रति लीटर ही कम किए गए हैं। पेट्रोल पर केंद्र सरकार करीब 22 रूपये और राज्य सरकार 15 से 20 प्रति लीटर टैक्स ले रही है। केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय की पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के अनुसार पेट्रोल- डीजल से केंद्र और राज्य सरकारों ने 5 साल में 35 लाख करोड़ जुटाए हैं। सभी जानते हैं, देश की जनता जानती है और देश के विपक्षी पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता जानते हैं। लेकिन पिछले 11 वर्षों में महंगाई के विरुद्ध कोई बड़ा आंदोलन खड़ा नहीं हो सका है। जैसे ही महंगाई के विरोध में आंदोलन करने की कोशिश की जाती है वैसे ही सरकार और भाजपा के सोशल मीडिया की टीमें सक्रिय हो जाती हैं और महंगाई को देश के पक्ष में, आतंकवाद को समाप्त करने के पक्ष में, अभियान चलाकर समाप्त करवा दिया जाता है। मंहगी पेट्रोल-डीजल के पक्ष में कहा जाता है कि हजार रुपए प्रति लीटर पेट्रोल हो जाए तब भी हम खरीदेंगे और देश को मजबूत करेंगे। वैसे ऐसा लिखने वाले ज्यादातर पैदल चलते हैं या साइकिल का प्रयोग करते हैं। लेकिन महंगाई के विरोध में चलने वाले अभियान की हवा जरूर निकाल देते हैं। यही कारण है कि सरकार के खिलाफ 11 वर्षो में कोई आंदोलन खड़ा नहीं हो सका है। यह भी कहा जा सकता है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चमत्कार ही है। क्योंकि देश की पिछली कई सरकारें महंगाई के मुद्दों के कारण चुनाव हार गई। लेकिन मोदी सरकार मंहगाई के बावजूद एक भी लोकसभा चुनाव नहीं हारी है।
Disclaimer
Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.
Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।
