भाजपा का स्थापना दिवस: 45 वर्षों की यात्रा में पांच बार राजस्थान की सत्ता पर काबिज
जयपुर। भारतीय जनता पार्टी 6 अप्रैल को अपना 45वां स्थापना दिवस मना रही है। वर्ष 1980 में भारतीय जनसंघ से अलग होकर बनी भाजपा ने अपने शुरुआती दिनों से ही संगठन विस्तार के साथ राजनीतिक तौर पर मजबूती की दिशा में कदम बढ़ाए। आज पार्टी केंद्र में सत्तासीन है, और राजस्थान सहित कई राज्यों में भी उसकी सरकारें हैं। राजस्थान में भाजपा ने अपनी मौजूदगी का अहसास 1980 के चुनाव में ही करवा दिया था, जब पार्टी के 32 प्रत्याशी विधानसभा में पहुंचे। इसके बाद से पार्टी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। पहली बार 1990 में भाजपा सत्ता में आई और भैरोसिंह शेखावत मुख्यमंत्री बने। अब तक पार्टी प्रदेश में कुल पांच बार सरकार बना चुकी है।
राजस्थान में भाजपा का चुनावी सफर
- 1980 – 32 सीट
- 1985 – 39 सीट
- 1990 – 85 सीट (जनता दल के साथ गठबंधन सरकार)
- 1993 – 95 सीट (भैरोसिंह शेखावत दोबारा सीएम)
- 1998 – 33 सीट
- 2003 – 120 सीट (वसुंधरा राजे पहली बार मुख्यमंत्री बनीं)
- 2008 – 78 सीट
- 2013 – 163 सीट (वसुंधरा राजे दोबारा सीएम)
- 2018 – 73 सीट
- 2023 – 115 सीट (भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री बने)
राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं। पिछले कुछ दशकों में यहां एक राजनीतिक परिपाटी बन गई है—एक बार भाजपा और एक बार कांग्रेस की सरकार। वर्तमान में भाजपा नेता भजनलाल शर्मा प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं।
पार्टी नेतृत्व में आए कई चेहरे
भाजपा के प्रदेश संगठन का भी समय-समय पर विस्तार हुआ है। अब तक पार्टी को कई दिग्गज नेताओं का नेतृत्व मिला है। इनमें जगदीश माथुर, हरिशंकर भाभरा, भंवरलाल शर्मा, रामदास अग्रवाल, वसुंधरा राजे, अशोक परनामी, सतीश पूनिया और मदन राठौड़ जैसे नाम प्रमुख हैं। वर्तमान में मदन राठौड़ राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
- 6 से 13 अप्रैल तक चलेगा स्थापना सप्ताह, होंगे व्यापक आयोजन
भाजपा स्थापना दिवस के मौके पर 6 से 13 अप्रैल तक प्रदेश भर में व्यापक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में जयपुर शहर और देहात (दक्षिण) के कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। इसमें वरिष्ठ नेता राजेंद्र गहलोत ने कार्यकर्ताओं को कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के निर्देश दिए।बैठक में विधायक कालीचरण सराफ, महापौर सौम्या गुर्जर, अमित गोयल, मोतीलाल मीणा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रमों की रूपरेखा इस प्रकार है:
- 6 अप्रैल: प्रत्येक कार्यकर्ता अपने घर पर पार्टी का ध्वज फहराएगा
- 6 व 7 अप्रैल: हर बूथ पर प्राथमिक सदस्यों के सम्मेलन
- 8 व 9 अप्रैल: विधानसभावार सक्रिय सदस्यों के सम्मेलन
- 7 से 13 अप्रैल: स्वच्छता अभियान व लाभार्थी सम्मेलन
भाजपा का यह स्थापना सप्ताह संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़ाव का भी प्रतीक माना जा रहा है। पार्टी का प्रयास है कि हर स्तर पर उसकी उपस्थिति और भूमिका साफ़ तौर पर दिखाई दे।
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