बस स्टैंड पर सुविधाओं का अभाव, यात्री परेशान
डॉ० तौहीद
सुकेत,(रॉयल पत्रिका)। कस्बे के प्रमुख बस स्टैंड पर यात्री परेशान हैं, क्योंकि यहां कोई बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इस स्टैंड से कोटा और झालावाड़ की यात्रा करने वाले यात्रियों को बिना किसी ठहराव या छांव की व्यवस्था के धूप और बारिश में घंटों खड़ा होकर अपनी बस का इंतजार करना पड़ता है। पालिका या अन्य जिम्मेदार अधिकारियों ने इस समस्या का समाधान करने की कोई कोशिश नहीं की है।
- यात्रियों की परेशानियां बढ़ी, कोई सुनवाई नहीं:
बस स्टैंड के निवासी अशोक चौहान और वकार अहमद ने बताया कि रोजाना सैकड़ों यात्री यहां से यात्रा करते हैं, लेकिन यहां किसी भी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। रामगंजमंडी सलावद, जुल्मी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में जाने वाले यात्री भी इसी बस स्टैंड से अपनी यात्रा की शुरुआत करते हैं, लेकिन उन्हें भी अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कुछ यात्री गर्मी के दिनों में दुकानों का सहारा लेते हैं, लेकिन यह कोई स्थायी समाधान नहीं है। यात्री रेखा और वाजिद का कहना हैं कि इस बस स्टैंड पर बैठने की कोई जगह नहीं है, जिससे उन्हें लगातार खड़ा रहकर बस का इंतजार करना पड़ता हैं। यात्री रेशमा ने बताया कि वह कई सालों से इसी बस स्टैंड से यात्रा कर रही हैं और स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। इतना ही नहीं, जब भी यात्री इस समस्या को लेकर आवाज उठाते हैं, लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते।
- धूप और बारिश व सर्दी में खड़े होकर करते हैं इंतजार।
बस स्टैंड के हालात पर यात्रियों का कहना हैं कि इस स्टैंड पर न तो कोई बैठने की व्यवस्था है और न ही धूप से बचने के लिए छांव की। गर्मी और बारिश में यात्री बिना किसी आश्रय के खड़े रहते हैं। इस स्थिति में उन्हें पानी तक की व्यवस्था नहीं मिलती, जिससे उन्हें अपनी प्यास बुझाने के लिए दुकानों से पानी की बोतलें खरीदनी पड़ती हैं। कई यात्रियों का कहना हैं कि इस मुद्दे को लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन से शिकायत की है।
- भूमि की कमी से नहीं बन पा रही व्यवस्था।
नगरपालिका के ईओ हेमेंद्र सांखला ने कहा कि इस बस स्टैंड पर नगर पालिका के पास अपनी कोई भूमि नहीं है। हालांकि वह यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जहां प्रतीक्षालय बनाया जा सकता है, वह जगह निजी भूमि है। इसके लिए भूमि मालिक से बातचीत करके भूमि का कुछ हिस्सा लिया जाएगा। फिलहाल पालिका द्वारा यात्रियों के लिए छांव की व्यवस्था की जाएगी।
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