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Rajasthan Highway Construction Ban : राज्य सरकार का बड़ा फैसला, नेशनल हाईवे के पास अब नहीं बनेंगे मकान और होटल

Rajasthan Highway Construction Ban : राज्य सरकार का बड़ा फैसला, नेशनल हाईवे के पास अब नहीं बनेंगे मकान और होटल

Rajasthan Highway Construction Ban : जयपुर। राजस्थान सरकार ने सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नेशनल हाईवे के आसपास निर्माण कार्यों को लेकर बड़ा फैसला लिया है।

राजस्थान में अब किसी भी नेशनल हाईवे के मध्य बिंदु (मिड पॉइंट) से 40 मीटर तक के क्षेत्र में किसी भी प्रकार के नए निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही इस क्षेत्र में कृषि भूमि का आवासीय उपयोग के लिए भू-उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज कन्वर्जन) भी फिलहाल रोक दिया गया है। राजस्व विभाग ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए हैं। नए आदेश लागू होने के बाद अगले निर्देश मिलने तक हाईवे से सटे 40 मीटर क्षेत्र में किसी भी जमीन का कन्वर्जन नहीं किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित बनाना है।

हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई

यह फैसला न्यायालयों के निर्देशों के बाद लिया गया है। कुछ महीने पहले फलोदी जिले में नेशनल हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर मामला राजस्थान हाईकोर्ट पहुंचा था। कोर्ट ने फरवरी 2026 में आदेश देते हुए राज्य के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास नियमों के विरुद्ध संचालित होटल, ढाबे और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई करने को कहा था।

इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। अप्रैल 2026 में सर्वोच्च न्यायालय ने भी स्पष्ट निर्देश दिए कि हाईवे के मध्य बिंदु से 40 मीटर तक आवासीय निर्माण और 75 मीटर तक व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। साथ ही इन क्षेत्रों को नो-कंस्ट्रक्शन जोन के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए। इन्हीं आदेशों की पालना करते हुए राजस्थान सरकार ने अब राजस्व विभाग के माध्यम से नया नोटिफिकेशन जारी किया है।

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40 मीटर तक नहीं होगा भूमि उपयोग परिवर्तन

नए आदेश के अनुसार हाईवे के मध्य बिंदु से 40 मीटर की दूरी तक आने वाली किसी भी कृषि भूमि का आवासीय उपयोग के लिए कन्वर्जन नहीं किया जाएगा। यानी इस क्षेत्र में नए मकान, कॉलोनी या अन्य निर्माण कार्यों की अनुमति फिलहाल नहीं मिलेगी। राजस्व विभाग ने सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि ऐसे किसी भी आवेदन को अगले आदेश तक मंजूरी नहीं दी जाए। इससे हाईवे के बिल्कुल किनारे अनियोजित निर्माण पर रोक लग सकेगी।

75 मीटर तक कॉमर्शियल गतिविधियों पर प्रतिबंध

सरकार ने केवल आवासीय निर्माण ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर भी सख्त नियम लागू किए हैं। हाईवे के मिड पॉइंट से 75 मीटर तक किसी भी प्रकार के होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, मोटल, दुकान या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित नहीं किए जा सकेंगे। इसके अलावा कृषि भूमि का व्यावसायिक उपयोग के लिए भी भू-उपयोग परिवर्तन नहीं होगा। सरकार का मानना है कि हाईवे किनारे अनियोजित ढाबों और दुकानों के कारण वाहन अचानक रुकते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

सड़क सुरक्षा होगी मजबूत

विशेषज्ञों का कहना है कि हाईवे के किनारे अनियंत्रित निर्माण और व्यापारिक गतिविधियां सड़क हादसों का बड़ा कारण बनती हैं। कई बार वाहन सीधे होटल, ढाबों या दुकानों में घुस जाते हैं। इसके अलावा हाईवे पर अचानक वाहन मोड़ने और पार्किंग की समस्या भी गंभीर दुर्घटनाओं की वजह बनती है। नई व्यवस्था लागू होने से हाईवे के दोनों ओर सुरक्षित क्षेत्र बना रहेगा और यातायात पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित होगा।

किसानों और भू-स्वामियों पर पड़ेगा असर

सरकार के इस फैसले का असर उन किसानों और भू-स्वामियों पर भी पड़ेगा जिनकी जमीन नेशनल हाईवे से सटी हुई है। पहले लोग कृषि भूमि का कन्वर्जन कर आवासीय कॉलोनी या व्यावसायिक परियोजनाएं विकसित कर रहे थे। अब नए नियम लागू होने के बाद ऐसे मामलों में अनुमति नहीं मिल सकेगी। हालांकि 40 मीटर के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार आवासीय निर्माण की अनुमति मिल सकती है, लेकिन 75 मीटर तक व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

जिला प्रशासन को दिए गए निर्देश

राजस्व विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों से कहा है कि नेशनल हाईवे से संबंधित सभी कन्वर्जन प्रस्तावों की सावधानीपूर्वक जांच की जाए। यदि कोई भूमि प्रतिबंधित क्षेत्र में आती है तो उसका आवेदन स्वीकार नहीं किया जाए। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन कर कोई नया निर्माण न हो।

सरकार का उद्देश्य

सरकार का कहना है कि इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, हाईवे पर दुर्घटनाओं को कम करना और न्यायालय के आदेशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करना है। आने वाले समय में यदि आवश्यक हुआ तो इन नियमों को लेकर और विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं। राज्य सरकार का मानना है कि योजनाबद्ध विकास और सुरक्षित सड़क व्यवस्था के लिए हाईवे किनारे अनियंत्रित निर्माण पर नियंत्रण जरूरी है। इससे न केवल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि भविष्य में होने वाले बड़े सड़क हादसों की संभावना भी कम होगी।

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