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Rahul Gandhi Muslim Leaders Congress Debate : मुस्लिम मुद्दों पर बात नहीं करना चाहते हैं कांग्रेसी मुस्लिम लीडर!

Rahul Gandhi Muslim Leaders Congress Debate : मुस्लिम मुद्दों पर बात नहीं करना चाहते हैं कांग्रेसी मुस्लिम लीडर!

Rahul Gandhi Muslim Leaders Congress Debate : जयपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पिछले दिनों अल्पसंख्यक कांग्रेस विभाग के एक प्रोग्राम में मुस्लिम लीडर्स से कहा था कि अगर मुसलमानों पर कोई जुल्म होता है, मुसलमानों के साथ ज्यादती होती है, मुसलमानों पर अत्याचार होता है तो आप खुलकर उस मुद्दे को उठाइए और बाकायदा मुसलमानों का नाम लेकर उठाइए। अकलियत लफ्ज के पीछे या माइनॉरिटी लफ़्ज़ के पीछे छुपने की कोई जरूरत नहीं है।

मुस्लिम समुदाय के नेता अक्सर मुस्लिम मुद्दों पर बोलने से कचराते हैं, यहां तक कि वे मुसलमान शब्द बोलने से भी परहेज करते हैं I कांग्रेस के मुस्लिम और गैर मुस्लिम नेताओं में भाजपा का बड़ा खौफ बैठ गया है कि यदि वे मुस्लिम मुद्दों को उठाएंगे या फिर बार-बार मुसलमान शब्द बोलेंगे तो उन्हें चुनाव में बड़ा नुकसान हो जाएगा I यही कारण है कि मुस्लिम समुदाय के नेता मुस्लिम मुद्दों पर बोलने से ही नहीं डरते हैं बल्कि मुसलमानों के मुद्दों को हल करवाने में भी पीछे रहते हैं I जबकि यही मुस्लिम नेता भाजपा का डर दिखाकर अपने क्षेत्र के मुसलमानों के 100 प्रतिशत वोट लेने में कामयाब रहते हैं I मुस्लिम विधायकों, सांसदों, पार्षदों आदि को मुसलमानों का बिना विकास करवाए भरपूर वोट मिल जाते हैं तो उनको भी मुसलमानों के मुद्दों पर गंभीर रहने की चिंता नहीं रहती है I यही मामला कांग्रेस के साथ है I कांग्रेस कभी मुस्लिम मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं रही, लेकिन उसको मुसलमानों के वोट भरपूर मिलते हैंI

राहुल गांधी ने पहली बार दिखाई हिम्मत

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी जो एक लंबे आर्से तक मुसलमानों के मुद्दों को उठाने और मुस्लिम लीडर्स से मिलने में परहेज करते रहेI फिर भी देशभर में मुसलमानों ने ही कांग्रेस को समाप्त होने से बचाया और लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भरपूर वोट दिए I लेकिन पहली बार कांग्रेस के वरिष्ठ लीडर और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले अल्पसंख्यक विभाग कांग्रेस के एक प्रोग्राम में बड़ी हिम्मत दिखाई और मुस्लिम नेताओं का उत्साह बढ़ाया और नहीं डरने की जरूरत बताई I गांधी ने मुस्लिम लीडर्स से कहा कि अगर मुसलमानों पर ज्यादती होती है, जुल्म होता है और अत्याचार होता है तो खुलकर विरोध करिए, उनका साथ दीजिए और मुसलमान शब्द बोलने से मत करिए I आपको अकलियत और माइनॉरिटी शब्दों के पीछे छिपने की जरूरत नहीं है I आपको सिर्फ केवल मुसलमानों के मुद्दे ही नहीं देखने हैं साथ में एससी, एसटी एवं ओबीसी वर्ग के मुद्दों को भी निडरता से उठाना है I लेकिन अफसोस मुस्लिम लीडर्स अभी भी मुस्लिम मुद्दों पर बोलने से डर रहे हैं I उनको ईडी, सीबीआई, इन्कम टैक्स विभाग की कार्यवाहियों का डर दूसरों से ज्यादा है I लेकिन हां राहुल गांधी के निर्देश के बाद मुस्लिम लीडर्स पहले से कुछ ज्यादा बोलने लगे हैंI

मुस्लिम लीडर्स को हाशिये पर धकेला

एक समय हुआ करता था कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी में कई बड़े-बड़े मुस्लिम चेहरे होते थे, लेकिन इस वक्त एक दो से ज्यादा कोई मुस्लिम चेहरा नहीं है I एक दौर था जब अहमद पटेल के हाथों में पूरी कांग्रेस होती थी, लेकिन अब कांग्रेस के डिसीजन मेकर्स में कोई भी मुसलमान चेहरा शामिल नहीं हैI मुसलमान लीडर्स को कांग्रेस पार्टी में अल्पसंख्यक विभाग बनाकर हाशिये पर धकेल दिया गया I उनकी पार्टी में अहमियत समाप्त कर दी गई I सरकार बनने पर और मौजूदा स्थिति में उनकी बातों को गंभीरता से नहीं सुना जाता है I सभी राजनीतिक दलों ने अल्पसंख्यक विभाग बना रखे हैंI यह अल्पसंख्यक विभाग मुस्लिम लीडर्स और कार्यकर्ताओं को दोयम दर्जे का लीडर्स बनाने की साजिश हैI कांग्रेस की तर्ज पर भाजपा भी ऐसा कर रही है I भाजपा ने भी अल्पसंख्यकों के लिए अलग से एक मंच बना रखा हैI सभी पार्टियों में शामिल मुस्लिम कार्यकर्ताओं को पार्टियों के अल्पसंख्यक विभागों के गठन का विरोध करना चाहिएI

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