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अमेरिका-सऊदी की इराक में ज्वॉइंट एयर स्ट्राइक, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

अमेरिका-सऊदी की इराक में ज्वॉइंट एयर स्ट्राइक, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

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US-Saudi Airstrikes In Iraq : वॉशिंगटन डीसी/तेहरान। मिडिल ईस्ट में अमेरिका (America) और ईरान के बीच बड़ी सैन्य हलचल देखने को मिली है। अमेरिका और सऊदी अरब की सेना ने इराक में समर्थित मिलिशिया (Ballistic Missile War) के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेना ने बताया कि इन हवाई हमलों में इराक के अंदर मौजूद ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों को निशाना बनाया गया। ये कार्रवाई ऐसे समय में की गई है, जब इराक के अंदर से मिलिशिया समूहों ने अमेरिकी सेना और सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाकर 30 से ज्यादा ड्रोन हमले किए हैं। इसके साथ ही ईरान की जंग पूरे मिडिल ईस्ट में बढ़ती दिखाई दे रही है।

अमेरिकी सेना के मुताबिक, इन ठिकानों से अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की तैयारी की जा रही थी। वहीं, इराक की पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (PMF) का दावा है कि इन हमलों में उसके 8 लड़ाके मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं। हमलों के कुछ घंटे बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ये मिसाइलें जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे की ओर दागी गई थीं, लेकिन सभी को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर लिया गया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, अमेरिका और सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने ईरान-समर्थित समूहों के कई लॉजिस्टिक्स और हथियारों के ठिकानों पर हमला किया। कमांड ने कहा कि यह अभियान पिछले 72 घंटों के दौरान ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के निर्देशन में किए गए हवाई हमलों के जवाब में चलाया गया।

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तेल ठिकानों की ओर बढ़ रहे कई ड्रोन मार गिराए

उधर, सऊदी अरब ने अपने पूर्वी प्रांत के तेल ठिकानों की ओर बढ़ रहे कई ड्रोन मार गिराने का दावा किया। वहीं, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट में तीन तेल टैंकर रोकने का दावा किया है। इसके अलावा, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में एक सऊदी तेल टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइल दागने की बात कही है।

जॉर्डन सेना ने ईरान की 5 बैलिस्टिक मिसाइलें मार गिराईं

जॉर्डन की सेना ने कहा है कि बुधवार तड़के ईरान से दागी गई 5 बैलिस्टिक मिसाइलों को उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही इंटरसेप्ट कर मार गिराया। सेना के मुताबिक, ये मिसाइलें जॉर्डन के इलाके को निशाना बनाकर दागी गई थीं। इससे पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया था कि उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के सेंटर पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।

भारत ने होर्मुज स्ट्रेट में हुए हमलों की निंदा की

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने होर्मुज स्ट्रेट में कारोबारी जहाजों पर हुए हालिया हमलों की निंदा की। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर जहाजों की सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही हर हाल में बहाल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि GFS गैलेक्सी, MT अल बहियाह और MT मोम्बासा समेत कई जहाजों पर हुए हमलों में कई भारतीय घायल हुए। इनमें एक भारतीय की मौत हो गई, जबकि एक अब भी लापता है।

हूतियों का दावा- सऊदी का टोही ड्रोन मार गिराया

यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब का एक टोही ड्रोन मार गिराया है। संगठन के मुताबिक, ड्रोन सादा गवर्नरेट के ऊपर उड़ान भर रहा था, तभी उसे निशाना बनाया गया।

IRGC का दावा- होर्मुज स्ट्रेट में 3 तेल टैंकर रोके

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट में तीन तेल टैंकरों को रोक दिया। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम के मुताबिक, IRGC का कहना है कि इन जहाजों ने चेतावनी के बावजूद ‘असुरक्षित और अवैध’ रास्ते पर आगे बढ़ना जारी रखा, जिसके बाद कार्रवाई की गई। IRGC ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी आदेशों या किसी भी तरह के ‘अवैध दखल’ का पालन करने वाले जहाजों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उसने इसे साफ शब्दों में चेतावनी बताया।

अमेरिका बोला, ईरान हमलों का दिया है जवाब

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि शाम 5:45 बजे (ईस्टर्न टाइम) आईआरजीसी ने ईरान से क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बलों पर अचानक हमला करने के उद्देश्य से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। कमांड ने कहा, “ईरान की सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया। अमेरिकी सेना सतर्क है और पूरी तरह तैयार है।” सेंट्रल कमांड ने यह नहीं बताया कि कितनी मिसाइलें दागी गईं, उन्हें कहां रोका गया या किन अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्हें रोकने के लिए कौन-सी रक्षा प्रणालियों का उपयोग किया गया। कमांड ने एक अन्य बयान में कहा कि 20 से अधिक अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत सैन्य मिशनों के समर्थन में मध्य पूर्व में तैनात हैं। उन अभियानों में ईरान के खिलाफ अमेरिका की ‘स्टील वॉल नाकेबंदी’ को सख्ती से लागू करना भी शामिल था।

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