Loading...

10 साल में 152 पेपर लीक, किसी को सजा नहीं; राहुल गांधी ने पेपर लीक और लाठीचार्ज पर सरकार को घेरा

10 साल में 152 पेपर लीक, किसी को सजा नहीं; राहुल गांधी ने पेपर लीक और लाठीचार्ज पर सरकार को घेरा

Follow us

Share

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक और दिल्ली के इंदिरा भवन में छात्रों के खिलाफ लाठीचार्ज के मुद्दे पर सियासत तेज है। संसद का मानसून सत्र लगातार तीसरे दिन भी नहीं चल पाया। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस सांसदों के साथ मंगलवार को पीएम हाउस के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। वहीं अब राहुल गांधी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सबसे पहले उन्होंने अपने प्रेजेंटेशन में 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च में शामिल छात्रों के वीडियो चलाए। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि सुरक्षाबलों ने छात्रों को बुरी तरह पीटा। ऐसा क्यों किया गया। छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों की मांगें क्या थीं? वे एजुकेशन सिस्टम में सुधार की मांग कर रहे थे।

’10 साल में 152 पेपर लीक हुए’

नीट पेपर लीक से देश के 7.5 करोड़ स्टूडेंट्स और उनके परिवार इस घटना से प्रभावित हुए हैं। नीट मामले में किसी भी को सजा नहीं हुई। उन्होंने बताया कि 10 साल में 152 पेपर लीक देश में लीक हुए हैं। इनमें किसी भी मामले में किसी भी को सजा नहीं मिली। 1.4 लाख करोड़ भारत सरकार का एजुकेशन बजट है। 1.32 लाख करोड़ भारतीय परिवार नीट एग्जाम पर खर्च करते हैं। NEET का खर्च देश के शिक्षा बजट से ज्यादा है। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर हमला किया और उन्हें बुरी तरह पीटा।

‘धांधली वाला सिस्टम बन गया है एजुकेशन सिस्टम’

राहुल गांधी ने कहा कि हमारा एजुकेशन कभी दुनिया का सबसे बेहतरीन एजुकेशन सिस्टम माना जाता था आज वह धांधली वाला सिस्टम बन चुका है। देश में पिछले 10 साल में 152 पेपर लीक हो चुके हैं। अगर आप हिसाब लगाएं, तो लगभग हर महीने एक पेपर लीक हुआ है। हर महीने लाखों छात्रों से कहा जाता है कि जिस तनाव से वे गुजरे हैं, उससे उन्हें फिर से गुजरना होगा। उसके बाद उनसे कहा जाता है कि हमें कोई परवाह नहीं है। करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार इससे प्रभावित हुए हैं। ये मिडिल क्लास और गरीब परिवार हैं। वे अपनी मेहनत की कमाई इसमें लगाते हैं और फिर उनके साथ बहुत बुरा बर्ताव किया जाता है और सबसे बड़ी बात यह है कि किसी को भी सजा नहीं हुई है।

Advertisement

‘छात्रों की बस तीन मागें’

राहुल गांधी ने कहा कि छात्र केवल तीन मांग कर रहे हैं जो बिल्कुल जायज हैं और सरकार को इन्हें मानना होगा। हम छात्रों की इन मांगों का पूरा समर्थन करते हैं।

1. शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
2. छात्रों पर हमला करने वाले हर व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
3. प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।

क्या शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से सब सुधर जाएगा

राहुल गांधी ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा, देश के स्टूडेंट्स सड़क पर हैं तो विपक्ष को भी सड़क पर होना चाहिए। धरने पर जाने से पहले विपक्ष स्पीकर के पास गया, उनसे इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा कि मैं सरकार से पूछूंगा। लेकिन कोई डिस्कशन नहीं हुआ। पूरा इश्यू इग्नोर कर दिया गया। प्रधान एक सिंबल है, जिसे हटाना जरूरी है।

राहुल बोले- गरीबों के लिए यह घटना कभी ना भूलने वाली

राहुल गांधी ने कहा- स्टूडेंट्स 3 से 5 साल तक हर रोज 8 से 10 घंटे तैयारी करते हैं। फिर उन्हें बताया जाता है कि जिनके पास 40-40 लाख रुपए है वह पेपर खरीद सकता है। आपकी तैयारी और मेहनत का कोई मतलब है। जो पेपर लीक हुए हैं, यह इसको बताता है। स्टूडेंट्स यही सवाल कर रहे हैं कि पेपर लीक से 7.5 करोड़ स्टूडेंट्स का नुकसान हुआ, लेकिन किसी को सजा नहीं मिली। गरीबों के लिए यह घटना कभी ना भूलने वाली है।

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।