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CJP प्रदर्शन पर संसद में हंगामा, समर्थकों की पिटाई पर अखिलेश यादव ने उठाए सवाल; दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन बंद

CJP प्रदर्शन पर संसद में हंगामा, समर्थकों की पिटाई पर अखिलेश यादव ने उठाए सवाल; दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन बंद

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Parliament Monsoon Session 2026 : नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन का आज 33वां दिन है। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को विपक्ष ने कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर हंगामा किया। मानसून सत्र के दौरान राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। विपक्षी पार्टियां 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार विरोध कर रहा है।

अखिलेश बोले- यह किसी दल नहीं, छात्रों का मुद्दा

वहीं सदन में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लोकसभा में पूछा कि पुलिस को बेटियों के कपड़े फाड़ने का अधिकार किसने दिया? लोकसभा में अखिलेश यादव ने कहा कि यह कांग्रेस, समाजवादी पार्टी या भाजपा का नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं का मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट की गई, जिसके विरोध में विपक्ष को प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करना पड़ा। अखिलेश ने कहा कि जब प्रधानमंत्री सदन के बाहर बयान दे सकते हैं, तो इस मुद्दे पर संसद में आकर जवाब क्यों नहीं देते।

वेणुगोपाल बोले- शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें

इधर, लोकसभा में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष की मांग बिल्कुल स्पष्ट है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार पिछले तीन दिनों से लगातार कह रही है कि वह NEET पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार नियमों के तहत सार्थक चर्चा चाहती है, ताकि देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बात हो सके। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होने के एक मिनट बाद ही स्थगित कर दी गई। दोपहर 12 बजे सदन दोबारा शुरू हुआ, लेकिन करीब 5 मिनट बाद फिर से दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा। राज्यसभा की कार्यवाही भी 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।

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सीजेपी का दावा- सरकार बातचीत को तैयार

प्रदर्शन के बीच सरकार ने दूसरी बार सीजेपी से बातचीत की पेशकश की है। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने इसकी पुष्टि की है। रांका का कहना है कि कोर टीम से चर्चा के बाद इस पर फैसला लिया जाएगा।

दिल्ली मेट्रो ने 16 स्टेशन बंद किए

उधर, सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राजधानी में कानून व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से दिल्ली के 16 मेट्रों स्टेशन बंद कर दिए गए है। बंद किए गए स्टेशनों में लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक और रामकृष्ण आश्रम मार्ग शामिल हैं। बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ और जनपथ स्टेशन पर भी प्रवेश वर्जित है। मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ और दिल्ली गेट भी इस सूची में हैं। इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम स्टेशन भी बंद रहेंगे। मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों से सहयोग की अपील की है। इन स्टेशनों पर प्रवेश और निकास दोनों ही बंद कर दिए गए हैं। यात्रियों को इन मार्गों से यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है।

मेट्रो सेवाओं पर असर

इन 16 स्टेशनों के बंद होने से दिल्ली मेट्रो की येलो, ब्लू, वायलेट और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइनों पर प्रभाव पड़ेगा। राजीव चौक और केंद्रीय सचिवालय जैसे इंटरचेंज स्टेशन बंद हो गए हैं। इससे यात्रियों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ेगा। कई यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक परिवहन साधनों का उपयोग करने को मजबूर होंगे। मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले अपडेट जांचने की सलाह दी है।

सुरक्षा व्यवस्था और निर्देश

दिल्ली पुलिस और मेट्रो सुरक्षा बल ने इन स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। यह स्टेशन तब तक बंद रहेंगे जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती। अगले निर्देश जारी होने पर ही इन्हें खोला जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य है।

बंगाल से दिल्ली रवाना CRPF की 20 कंपनियां

केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल से CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियों को दिल्ली में तैनात करने का आदेश दिया है। एक CRPF कंपनी में करीब 100 जवान होते हैं। गृह मंत्रालय के निर्देश पर करीब 2000 जवानों को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से एयरलिफ्ट कर लाया जा रहा है। इन कंपनियों को संसद का मानसून सत्र और दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया जाएगा। इससे पहले भी केंद्र सरकार दिल्ली पुलिस की मदद के लिए करीब 30 कंपनियां CRPF और उसकी दंगा-रोधी इकाई RAF की तैनाती कर चुकी है। ये बल 20 जुलाई से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र और CJP के प्रदर्शन को देखते हुए पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए हैं।

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