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जंतर-मंतर पर फिर जुटे हजारों प्रदर्शनकारी: उपद्रव करने वालों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की सख्त कार्रवाई

जंतर-मंतर पर फिर जुटे हजारों प्रदर्शनकारी: उपद्रव करने वालों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की सख्त कार्रवाई

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CJP Protest In Jantar Mantar : नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन का आज 33वां दिन है। प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों के अडिग संकल्प का प्रतीक बने हुए हैं। सोमवार को हुए कथित पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस के बाद भी प्रदर्शनकारियों का हौसला नहीं टूटा। अगले ही दिन दुगुनी ऊर्जा के साथ जंतर-मंतर पहुंचे, जहां उन्होंने रातोंरात मंच फिर से खड़ा कर आंदोलन को नई जान दी। वहीं, दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के संसद मार्च के दौरान जमकर उपद्रव करने के मामले में अब तक 9 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें RAF जवानों पर जानलेवा हमला, पथराव, तोड़फोड़ और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान के लिए 250 से ज्यादा वीडियो खंगाले जा रहे हैं। इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मंगलवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक से मिले। वांगचुक 28 जून से अनशन पर हैं और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर उन्हें मंगलवार को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता में भर्ती कराया गया है।

संसद मार्च के दौरान RAF जवान पर हमले के आरोप में FIR दर्ज

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने CJP के प्रदर्शन के दौरान RAF के एक जवान पर हमले के मामले में FIR दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, वायरल वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी RAF जवान के साथ मारपीट करते, RAF के वाहन पर पथराव करते और उसमें तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं।

CJP प्रवक्ता बोले- हम FIR से डरने वाले नहीं

वहीं सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यह आजादी के बाद भारत का सबसे बड़ा आंदोलन है। 20 जुलाई को जो हुआ, वह सिर्फ ट्रेलर था। अगर सरकार नहीं मानी तो लाखों युवा दिल्ली आएंगे। इस बार हम पीछे नहीं हटेंगे और न ही चुप बैठेंगे। आशुतोष रांका ने कहा कि 20 जुलाई को जब सरकार ने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया तो उन्हें 4 घंटे तक बैठाकर रखा गया। आशुतोष ने कहा- मुझे और सौरव दास को दो घंटे तक फोन इस्तेमाल करने नहीं दिया। हमें बाहर भी नहीं जाने दे रहे थे। हमें ऐसा लग रहा था कि जैसे हाउस अरेस्ट किया गया है। सरकार ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पहली बार CJP से बात की थी। जेपी नड्डा CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका से मिले। 10 मिनट की मुलाकात में CJP ने 3 मांगें रखीं। पहली, सोनम वांगचुक को हॉस्पिटल से रिहा किया जाए। दूसरी, शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान का इस्तीफा और तीसरी, आत्महत्या करने वाले नीट छात्रों के परिवार को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए।

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‘अगर सरकार नहीं मानी, तो लाखों और लोग दिल्ली आएंगे’

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका कहते हैं, “यह भारत के आजादी के बाद के इतिहास का सबसे बड़ा आंदोलन है। हमने यह बात स्पष्ट रूप से कही है कि 20 तारीख को जो हुआ वह तो बस एक ट्रेलर था। अगर सरकार नहीं मानती, तो लाखों और लोग दिल्ली आएंगे क्योंकि इस बार हम चुप नहीं बैठेंगे। सरकार को वाकई में अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, वरना देश के युवा उन्हें बुरी तरह से सबक सिखाएंगे। एक ऐसी कहानी गढ़ने की कोशिश की जा रही है कि हम शांतिपूर्ण नहीं रहेंगे, लेकिन हम शांतिपूर्ण हैं। 20 तारीख का मार्च भी शांतिपूर्ण था, लेकिन अराजकता केवल उस समय फैली जब पुलिस ने बर्बरता दिखाई और छात्रों की पिटाई की। युवा 31 दिनों से यहां शांतिपूर्वक बैठे हैं क्योंकि हम गांधी और अंबेडकर के सिद्धांतों का पालन करते हैं।”

मुंबई के शख्स ने दिल्ली में खाना भेजा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर जारी सीजेपी के आंदोलन के बीच मंगलवार तड़के एक फूड डिलीवरी पार्टनर की ओर से प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन पहुंचाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में डिलीवरी पार्टनर ने बताया कि मुंबई निवासी अनुज रावत ने ऑनलाइन भोजन ऑर्डर कर उसका भुगतान पहले ही कर दिया था। निर्देश दिया था कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद किसी भी भूखे या जरूरतमंद व्यक्ति में भोजन बांट दिया जाए। डिलीवरी पार्टनर ने अपने मोबाइल पर ऑर्डर की जानकारी दिखाते हुए कहा कि उसे विशेष रूप से जंतर-मंतर पहुंचकर भोजन वितरित करने के लिए कहा गया था। कई लोगों ने इसे प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता और मानवता की मिसाल बताया, जबकि कुछ लोगों ने कहा, इंसानियत अभी जिंदा है।

आरएमएल अस्पताल में भर्ती घायल छात्र

डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के एक सूत्र ने बताया कि करीब 110 छात्रों और 40 पुलिसकर्मियों को घायल अवस्था में उपचार के लिए लाया गया था। हालांकि यह औपचारिक आंकड़ा नहीं है। सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, न्यूरोसर्जरी और मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों की टीम ने घायलों का उपचार किया है। ज्यादातर चोट डंडे से लगने वाली थी। जिसमें सिर फटने, आंख के पास चोट लगने, डंडे की मार से कमर, पैर और हाथ पर चोट के निशान थे। कुछ को फ्रैक्चर भी हुआ था। कुछ मामलों में टांके लगाने की नौबत आई। गले पर भी चोट के निशान देखने को मिले थे।

बंगाल से दिल्ली रवाना CRPF की 20 कंपनियां

केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल से CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियों को दिल्ली में तैनात करने का आदेश दिया है। एक CRPF कंपनी में करीब 100 जवान होते हैं। गृह मंत्रालय के निर्देश पर करीब 2000 जवानों को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से एयरलिफ्ट कर लाया जा रहा है। इन कंपनियों को संसद का मानसून सत्र और दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया जाएगा। इससे पहले भी केंद्र सरकार दिल्ली पुलिस की मदद के लिए करीब 30 कंपनियां CRPF और उसकी दंगा-रोधी इकाई RAF की तैनाती कर चुकी है। ये बल 20 जुलाई से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र और CJP के प्रदर्शन को देखते हुए पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए हैं।

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