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राजस्थान के सबसे बड़े चुनाव का पूरा शेड्यूल जारी: 13 अक्टूबर से होंगे पंचायत चुनाव; जानें किस चरण की कब होगी वोटिंग?

राजस्थान के सबसे बड़े चुनाव का पूरा शेड्यूल जारी: 13 अक्टूबर से होंगे पंचायत चुनाव; जानें किस चरण की कब होगी वोटिंग?

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Rajasthan Panchayat And Nikay Chunav 2026 full schedule : जयपुर। लंबे इंतजार के बाद आखिर राजस्थान सरकार ने निकाय और पंचायत चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है। लोकतंत्र के सबसे बड़े जमीनी महापर्व को लेकर इस बार राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव की घोषणा करने से पहले उसे हाईकोर्ट को चुनाव की तारीख बतानी पड़ी है। करीब 1.54 लाख निर्वाचित पदों पर होने वाले इस चुनाव में लाखों दावेदार अपनी किस्मत आजमाएंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश में पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया 23 सितंबर 2026 से शुरू होगी। चुनाव प्रक्रिया 54 दिनों में पूरी करने का कार्यक्रम है। हाईकोर्ट में पेश किए गए पूरा चुनाव शेड्यूल के अनुसार, 23 सितंबर को चुनाव की आधिकारिक घोषणा होगी। इसके बाद 28 सितंबर को जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से निर्वाचन की अधिसूचना जारी की जाएगी।

राजस्थान में पंचायत चुनाव के लिए 13 अक्टूबर से 5 नवंबर तक अलग-अलग चरणों में मतदान होगा और 12 नवंबर तक परिणामों की घोषणा होगी। वहीं, नगरीय निकाय चुनावों की घोषणा 17 अगस्त को होगी।
6 और 9 सितंबर को मतदान होगा और 11 सितंबर को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। इसके बाद निकायों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होगा। इन तारीखों का उल्लेख निर्वाचन आयोग ने हाईकोर्ट में पेश किए जवाब में किया है, इसलिए हो सकता है कि निर्वाचन आयोग जब तारीखों की घोषणा करें तो इनमें कुछ परिवर्तन हों।

सरकार के अनुसार, नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में 10,245 वार्डों के 16,482 मतदान केंद्रों पर होंगे, जिनमें 1,43,75,806 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके बाद चार चरणों में होने वाले पंचायतीराज चुनाव 45,316 मतदान केंद्रों पर संपन्न होंगे, जिनमें 4,02,18,969 मतदाता मतदान करेंगे। यानी दोनों चुनावों में मिलाकर करीब 5.46 करोड़ मतदाता लोकतंत्र के इस महाअभियान में भाग लेंगे। चुनाव कराना प्रशासनिक दृष्टि से भी बड़ी चुनौती होगी। एक चरण के नगरीय निकाय चुनाव के लिए लगभग 60 हजार सरकारी कर्मचारियों और 50 हजार पुलिसकर्मियों की आवश्यकता होगी। वहीं पंचायतीराज चुनाव के प्रत्येक चरण में 80 हजार कर्मचारी और 70 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

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अप्रत्यक्ष रूप से होगा महापौर का चुनाव

इसी कारण दोनों चुनाव क्रमिक रूप से कराने का निर्णय लिया गया है। नगरीय निकाय चुनाव में मतदाता सीधे पार्षद (सदस्य) का चुनाव करेंगे, जबकि महापौर, सभापति, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होगा। दूसरी ओर पंचायतीराज चुनाव में मतदाता सीधे वार्ड पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य का चुनाव करेंगे। इसके बाद प्रधान, उपप्रधान, जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख का निर्वाचन अप्रत्यक्ष रूप से होगा।

चार चरणों में होंगे पंचायत चुनाव

राज्य सरकार के अनुसार पंचायत चुनाव की घोषणा 23 सितंबर को होगी, जबकि अधिसूचना 28 सितंबर को जारी की जाएगी। नामांकन की अंतिम तिथि 1 अक्टूबर और नाम वापसी 5 अक्टूबर निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों की अंतिम सूची भी 5 अक्टूबर को जारी होगी। पंचायत चुनाव का पहला चरण 12 अक्टूबर, दूसरा 23 अक्टूबर, तीसरा 28 अक्टूबर और चौथा चरण 2 नवंबर को प्रस्तावित है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव क्रमश: 13, 23, 29 अक्टूबर और 3 नवंबर को होंगे। वहीं पंच और सरपंच के चुनाव 14, 24, 30 अक्टूबर और 4 नवंबर को चार चरणों में कराए जाएंगे।

दो चरणों में निकाय चुनाव

नगर निकाय चुनाव की घोषणा 17 अगस्त को होगी और 22 अगस्त को अधिसूचना जारी की जाएगी। नामांकन 27 अगस्त तक लिए जाएंगे, जबकि 29 अगस्त को जांच और 31 अगस्त को नाम वापसी होगी। 1 सितंबर को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। पहले चरण का मतदान 6 सितंबर और दूसरे चरण का मतदान 9 सितंबर को होगा। मतगणना 11 सितंबर को होगी। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव के लिए 12 सितंबर को अधिसूचना, 14 सितंबर को नामांकन, 15 सितंबर को जांच, 16 सितंबर को नाम वापसी तथा 19 सितंबर को मतदान और मतगणना होगी। उपाध्यक्ष का निर्वाचन 20 सितंबर को होगा।

प्रदेश में पंचायतों की स्थिति

ग्राम पंचायत: 14,403 (1,30,282 वार्ड)
पंचायत समिति: 457 (8,221 वार्ड)
जिला परिषद: 41 (1,403 वार्ड)

प्रदेश में करीब 14,403 ग्राम पंचायतों, 457 पंचायत समितियों, 41 जिला परिषदों तथा 300 से अधिक नगर निकायों में चुनाव लंबे समय से लंबित हैं। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद अब चुनाव प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी होने की उम्मीद बढ़ गई है।

निकाय चुनाव के एक चरण में लगेंगे 60,000 कर्मचारी

नगरीय निकाय चुनाव दो चरण में करवाया जाना प्रस्तावित है। इसका कारण है कि नगरीय निकाय चुनाव के एक चरण के लिए 60,000 कर्मचारी और 50 हजार पुलिस कर्मी चाहिए। नगरीय चुनाव दो चरण में कुल 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्ड के 16,482 मतदान केन्द्रों पर होगा, जिसमें 14,375,806 मतदाता भाग लेंगे। नगरीय चुनाव प्रत्यक्ष रूप से केवल सदस्य पद के लिए होगा। इसके बाद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष का चुनाव होगा।

पंचायत चुनाव के एक चरण में 80,000 कर्मचारी लगेंगे

पंचायती राज चुनाव चार-चार चरण में होंगे। पंचायती राज चुनाव के एक चरण के लिए 80,000 कर्मचारी और 70,000 पुलिस कर्मी चाहिए । इसी प्रकार पंचायत में कुल 14,403 ग्राम पंचायतों, 457 पंचायत समितियों और 41 जिला परिषदों के कुल 45,316 मतदान केंद्रों पर होगा, जिसमे कुल 40,218,969 मतदाता भाग लेंगे। पंचायत चुनाव प्रत्यक्ष रूप से चार पदों वार्ड पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के लिए होगा। इसके बाद उपसरपंच, प्रधान, उप प्रधान, जिला प्रमुख, उप जिला प्रमुख के चुनाव होंगे।

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