Loading...

मॉब लिंचिंग केस में 14 हत्यारों को उम्रकैद, अब मुस्लिम-जज को मिली मर्डर की धमकी, जानें पूरा मामला

मॉब लिंचिंग केस में 14 हत्यारों को उम्रकैद, अब मुस्लिम-जज को मिली मर्डर की धमकी, जानें पूरा मामला

Follow us

Share

Narmadapuram Mob Lynching Case : सिवनी। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में मॉब लिंचिंग मामले में 14 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाने वाली मुस्लिम महिला जज तबस्सुम खान (एडीजे) को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। फैसले के बाद दो अलग-अलग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। जिनमें एक युवक मुस्लिम महिला जज के खिलाफ आपत्तिजनक और धमकी भरी बातें करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में युवक ये कह रहा है कि 10 दिन में हमारे सभी हिंदू भाई रिहा नहीं होते हैं, तो देश-प्रदेश में कत्लेआम होगा। वहीं दूसरे वीडियो में एक महिला भी जज को धमका रही है। वह कह रही है- एक मुस्लिम जज बन गई और उसने अपनी औकात दिखा दी। जिहादी जज बन गई। हमारे 14 हिंदू भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई। तुम्हें इसका दंड तो भोगना पड़ेगा। वीडियो वायरल होने के बाद गृह मंत्रालय की साइबर सेल ने आईटी एक्ट के तहत नोटिस भेजा है। साथ ही सिवनी मालवा पुलिस ने 2 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

वहीं इस मामले को लेकर कांग्रेस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अखिल भारतीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने भी इस वीडियो को री-ट्वीट करते हुए लिखा- दोषी ठहराए गए सभी व्यक्ति हिंदू हैं, लेकिन उन्हें धर्म के कारण दोषी नहीं ठहराया गया, बल्कि जांच में दंगा करने, हत्या के प्रयास और हत्या का दोषी पाया गया, इसलिए दोषी ठहराया गया।

जानें क्या है मामला

गौरतल है कि 3 अगस्त 2022 की रात महाराष्ट्र के अमरावती जा रहे ट्रक को सिवनी मालवा के बराखड़ गांव के पास रोक लिया गया था। ट्रक में करीब 30 मवेशी थे। आरोप है कि ग्रामीणों और गो-रक्षकों की भीड़ ने ट्रक में सवार तीन लोगों को घेरकर लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। हमले में घायल ट्रक ड्राइवर शेख लाला ने बताया था कि 50-60 लोग सड़क पर खड़े थे। उन्होंने ट्रक रुकवाया और बिना पूछताछ मारपीट शुरू कर दी। बाद में पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची, जहां नाजिर अहमद की मौत हो गई थी। घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें भीड़ लाठी-डंडों से हमला करती और “मारो-मारो” चिल्लाती दिखाई दी थी। करीब तीन साल चली सुनवाई के बाद 12 जून, 2026 को अदालत ने 14 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। सिवनी मालवा की एडीजे तबस्सुम खान की कोर्ट ने गो-तस्करी से जुड़े मॉब लिंचिंग केस में 14 आरोपियों को दोषी ठहराया था। उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने सभी आरोपियों को हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और रास्ता रोकने समेत कई धाराओं में दोषी पाया।

Advertisement

युवक ने सोशल मीडिया पर अपलोड किया वीडियो

फैसले के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक युवक मुस्लिम जज को लेकर धमकी भरे शब्द बोलता नजर आ रहा है। वीडियो में वह कहता है- हिंदू भाइयो देख लो, आज एक मुस्लिम जज बन गई है, तो हमारे 14 भाइयों को कारावास हो गया है। युवक आगे कहता है- सोचो, जिस दिन मुस्लिम पीएम बन गया, तो तुम हिंदुओं का क्या हाल होगा। हालांकि, वीडियो अपलोड करने वाले व्यक्ति की पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

दूसरे वीडियो में कहा- ‘तुम्हें इसका दंड तो भोगना पड़ेगा’

वहीं एक अन्य वीडियो में वही युवक जज पर टिप्पणी करते हुए कहता है- तुम्हें शर्म नहीं आई, तुमने अपना मजहब दिखा दिया। मध्यप्रदेश में 14 लोगों को उम्रकैद सुना दी। मुसलमान होकर के तुमने (जज का नाम) अपना मजहब दिखा दिया। तुम्हारा जिहादी मजहब सिखाता है। इसके बाद वह कहता है- हिंदू भाइयों से कहना चाहता हूं कि नीम और भीम वाले जो संविधान की दुहाई देते हैं, संविधान नहीं है। कहां गया, चंद्रशेखर रावण, वह भी उसी मजहब का है, वह नहीं आएगा।

महिला ने भी वीडियो जारी कर फैसले पर सवाल उठाए

वहीं एक और वीडियो में एक महिला ने भी कोर्ट के फैसले पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। वह कह रही है कि- एक मुस्लिम को जज बना दिया। उसने अपनी औकात दिखा दी। जिहादी ने हमारे 14 भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई दी।

पुलिस ने अज्ञात लोगों पर दर्ज किया केस

सिवनी मालवा थाना प्रभारी सुधाकर बारस्कर ने बताया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो साझा करने वाले दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उनकी पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक एडीजे तबस्सुम खान की ओर से कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है, लेकिन पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।