Loading...

मजदूर की बेटी बन गई ‘करोड़पति’, कबाड़ के कारोबार से हुई ये कमाई! आयकर व‍िभाग ने भेजा 20 करोड़ का नोट‍िस

मजदूर की बेटी बन गई ‘करोड़पति’, कबाड़ के कारोबार से हुई ये कमाई! आयकर व‍िभाग ने भेजा 20 करोड़ का नोट‍िस

Follow us

Share

Income Tax Department Notice : उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मजदूर की बेटी को आयकर विभाग से ऐसा नोटिस मिला, जिसे देखकर पूरा परिवार घबरा गया। चंडीगढ़ से आयकर विभाग ने नोटिस भेजकर बीए पास युवती से आयकर विभाग ने 20 करोड़ रुपये की कमाई का हिसाब मांगा है। नोटिस में बताया गया है कि यह कमाई कबाड़ के कारोबार से हुई है। युवती का कहना है कि उसने कभी कोई कारोबार नहीं किया और उसे समझ नहीं आ रहा कि उसके नाम पर इतनी बड़ी रकम कैसे दिखाई गई।

मजदूरी करता है परिवार

यह मामला उन्नाव शहर के गिरजाबाग मोहल्ले का है। यहां रहने वाली रश्मि सविता (20) ने बताया कि वह स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद घर पर ही रहती हैं। उनके पिता अजय शंकर मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद साधारण है। दो कमरों के छोटे से घर में पूरा परिवार रहता है और गर्मी से बचने के लिए घर पर तिरपाल लगा रखा है।

चंडीगढ़ आयकर विभाग से मिला नोटिस

रश्मि सविता ने बताया कि 9 मई को उसे चंडीगढ़ आयकर विभाग का नोटिस मिला जिसमें उसके द्वारा 20 करोड़ की कमाई की बात कही गई है। यह देखकर वह घबरा गई। उसने नोटिस को पढ़ा और अपने हिसाब से जवाब भी भेजा है। उसका कहना है कि जिस कबाड़ के काम से यह कमाई दिखाई गई है, उसमें उसका आधारकार्ड और पैनकार्ड कहां से मिला। पीड़िता ने मोतीनगर मोहल्ले में संचालित कैफे संचालक पर ही इसका दुरुपयोग करने की आशंका जताई है।

बैंक खाता खुलवाने के लिए कैफे में दिया था आधार और पैनकार्ड

पीड़िता रश्मि ने बताया कि कई साल पहले इंडियन ओवरसीज बैंक में खाता खुलवाने के लिए आधार और पैनकार्ड की जरूरत थी। तब मोतीनगर मोहल्ले में जीजीआईसी स्कूल के पास स्थित कैफे में आधार और पैन कार्ड की फोटोकॉपी कराने के लिए दिया था। इसके अलावा कहीं भी इनका प्रयोग नहीं किया। पीड़िता को शक है कि वहीं से उसके अभिलेखों का गलत उपयोग किया गया।

Advertisement

जनसुनवाई पोर्टल और साइबर सेल में भी दिया प्रार्थनापत्र

रश्मि के अनुसार, यह फर्म 15 जनवरी 2025 को शुरू हुई थी और 9 मई 2025 को बंद कर दी गई। लगभग पांच महीने तक उनके दस्तावेजों के आधार पर कारोबार किए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, रश्मि का कहना है कि उन्हें इस फर्म या किसी भी प्रकार के करोड़ों रुपये के कारोबार की कोई जानकारी नहीं थी। पीड़िता ने बताया कि फिलहाल नोटिस का जवाब देने के साथ ही उसने जनसुनवाई पोर्टल और साइबर सेल में भी प्रार्थनापत्र दे दिया है। अब उसे अधिवक्ता जो सलाह दे रहे हैं, उसी आधार पर वह आगे की प्रक्रिया पूरी कर रही है।

नोटिस आने के बाद डरा पूरा परिवार

पीड़िता ने बताया कि पिता मजदूरी करते हैं, भाई अभी कुछ नहीं कर रहा है। एक बहन है उसकी शादी हो चुकी है। मां गृहिणी हैं, ऐसे में इतनी कमाई कहां से दिखा दी गई, वह परेशान है। नोटिस आने के बाद पूरा परिवार डरा है। पीड़िता ने प्रशासन से मामले की जांच कर जालसाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साइबर थाना प्रभारी राजेश मिश्र ने बताया कि ऐसी तहरीर नहीं मिली है। अगर आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

Disclaimer

Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.

Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।