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दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में तीन मंजिला घर में लगी भीषण आग, 5 बच्चों समेत सात लोगों को किया रेस्क्यू

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी से रविवार दोपहर एक रिहायशी इमारत में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। रविवार दोपहर तीन मंजिला मकान में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कई लोग अंदर ही फंस गए। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और 5 बच्चों समेत सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। शुरुआती दौर में सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस हादसे के दौरान एक मासूम बच्चे की मौत की खबरें तेजी से वायरल होने लगी थीं। हालांकि, दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग ने इस मामले में तत्काल स्थिति स्पष्ट करते हुए साफ किया है कि हादसे में बच्चे की मौत की खबरें पूरी तरह से गलत, भ्रामक और निराधार हैं। इस दुर्घटना में किसी भी इंसान की जान नहीं गई है और न ही कोई व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

जानकारी के अनुसार, दमकल विभाग को दोपहर 3:45 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद तुरंत दो फायर टेंडर मौके पर भेजे गए। दमकल विभाग और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

3 दिन पहले मालवीय नगर इलाके में लगी थी आग

गौरतलब है कि 3 जून (बुधवार) को दिल्ली में मालवीय नगर के फ्लरिश स्टे होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 10 भारतीय और 11 विदेशी नागरिक थे। इनमें 9 अफ्रीकी और 2 तुर्कमेनिस्तान के थे।

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दिल्ली में 6 साल में आग के हादसों में 543 लोगों की मौत

दिल्ली में आग लगने की घटनाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। इसी बीच, सरकारी आंकड़ों से पता चला है कि पिछले 6 साल में शहर में आग से जुड़ी घटनाओं में 543 लोगों की मौत हुई है। यह आंकड़ा साल 2019 से मार्च 2026 के बीच आग से जुड़ी घटनाओं का है। साल 2026 की पहले 6 महीनों आग लगने की घटनाओं में 65 लोगों की मौत हो चुकी है। हाल ही में विवेक विहार और पालम इलाकों में आग लगने की घटनाओं में नौ-नौ लोगों की मौत हुई थी। यह भी पता चला कि दिल्ली फायर सर्विस को आग से जुड़ी घटनाओं के लिए मिलने वाली इमरजेंसी कॉल की संख्या इन्हीं 6 सालों के दौरान 17,231 से बढ़कर पिछले फाइनेंशियल ईयर में 20,379 हो गई है।

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