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बांदीकुई मॉब लिचिंग मामला, विपक्ष ने सरकार पर बोला हमला…पूर्व CM ने घटना को बताया जंगलराज

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Bandikui Mob Lynching : बांदीकुई। दौसा जिले के बांदीकुई विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार (28 मई) को बाइक चोरी के शक में भीड़ ने युवक की पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। युवक की मौत की घटना को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर हमलावर बोला। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने प्रदेश में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

पूर्व CM अशोक गहलोत ने लिखा- प्रदेश में जंगलराज

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर लिखा- बांदीकुई में बाइक चुराने के शक में युवक दिनेश कुमार मीणा की मॉब लिंचिंग होना प्रदेश में जंगलराज का उदाहरण है। लोग कानून अपने हाथ में लेकर किसी की जान ले लें, इसे कानून का राज नहीं कहा जा सकता। आने उन्होंने लिखा- इस घटना के दौरान पुलिस कहां थी, यह भी एक बड़ा प्रश्न है। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की तरह अब दोबारा प्रदेश में मॉब लिंचिंग की घटनाएं होने लगी हैं। यह गृह विभाग और पुलिस की असफलता को दिखाता है। यदि ऐसी घटनाएं होती रहीं, तो भाजपा का सत्ता में रहने का क्या नैतिक अधिकार रह जाएगा?

सचिन पायलट ने लिखा- मानवता शर्मसार

पूर्व डिप्टी सीएम पायलट में लिखा- बसवा थाना क्षेत्र में बाइक चोरी के संदेह में एक युवक को पेड़ से बांधकर पीटा गया, जिसके चलते उसकी मृत्यु हो गई। उन्होंने आगे लिखा- सरकार और प्रशासन को इस मामले की पूर्ण गहनता से जांच कर युवक के परिजनों को न्याय दिलाना चाहिए और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में दोबारा इस प्रकार की घटना नहीं हो।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने लिखा- दोषियों पर कब होगी कार्रवाई

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने लिखा- किसी राज्य में जब भीड़ फैसले करने लग जाए और शक के आधार पर दोषी समझकर किसी व्यक्ति को पीट-पीटकर मार दे, तो समझिए जंगलराज अपने चरम पर है। भाजपा के जंगलराज में राजस्थान के हालात भयावह होते जा रहे हैं। बांदीकुई की घटना भयावह और शर्मनाक घटना है। वो युवक दोषी था या नहीं, ये फैसला अदालत और कानून करता, लेकिन भीड़ ने खुद ही उसे दोषी मानकर सजा दे दी और पुलिस कानून का इकबाल कायम रखने में पूरी तरह विफल साबित हुई। उन्होंने लिखा- सबसे बड़ा सवाल ये कि जब युवक को बेरहमी से मारा गया तो पुलिस क्यों नहीं पहुंची। दोषियों पर कब कार्रवाई करेगी? ऐसी घटनाएं दिखाती हैं कि प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। आम आदमी खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा?

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नेता प्रतिपक्ष ने लिखा- अराजकता का राज

नेता प्रतिपक्ष जूली ने लिखा- “हाल-ए-राजस्थान” में कानून नहीं, अराजकता राज कर रही है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और भाजपा सरकार की नाकामी अब निर्दोष लोगों की जान ले रही है। बांदीकुई में दिनेश मीणा को चोर समझकर भीड़ ने डेढ़ घंटे तक बांधकर बेरहमी से पीटा, उनकी मां गिड़गिड़ाती रही, इंसाफ की गुहार लगाती रही, लेकिन ना भीड़ रुकी, ना सिस्टम जागा। पुलिस समय पर नहीं पहुंची और दिनेश मीणा की जान चली गई। यह राजस्थान की भयावह सच्चाई का आईना है, जहां कानून का इकबाल पूरी तरह खत्म हो चुका है। जब सरकार सो जाती है, तब अराजकता जाग जाती है और आज राजस्थान उसी अराजकता के शिकंजे में जकड़ चुका है। मुख्यमंत्री, इसे सुशासन नहीं, इसे खुला जंगलराज कहते हैं।

यह था मामला

बांदीकुई शहर के बसवा रोड निवासी युवक दिनेश मीणा को गुरुवार 28 मई की दोपहर बसवा थाना क्षेत्र के पंडितपुरा रोड पर कुछ लोगों ने बाइक चोरी की शक के आधार पर पेड़ से बांध दिया था। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ पिटाई की गई। युवक को काफी देर तक पानी भी नहीं पिलाया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को बसवा अस्पताल लेकर पहुंची। जहां गंभीर हालत होने पर बांदीकुई अस्पताल भेज दिया। जहां पर दिनेश मीणा की मौत हो गई थी। घटना को लेकर परिजनों ने बांदीकुई अस्पताल के बाहर धरना दिया।
प्रदर्शनकारियों ने मृतक के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने, पीड़ित परिवार को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने, मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करने और दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग रखी।

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