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चारधाम यात्रा में बढ़ता मौत का आंकड़ा! 39 दिनों में 105 श्रद्धालुओं की जान गई… अक्षय तृतीया पर खोले गए थे कपाट

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देहरादून। उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस बार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के साथ-साथ बढ़ते मौत के आंकड़ों को लेकर भी चिंता का विषय बन गई है। यात्रा शुरू होने के केवल 39 दिनों के भीतर 100 से ज्यादा श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 105 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 104 श्रद्धालुओं की मौत स्वास्थ्य खराब होने की वजह से हुई, जबकि एक यात्री की मौत प्राकृतिक आपदा के कारण हुई। सबसे ज्यादा मौतें केदारनाथ धाम में दर्ज की गई हैं। इसके अलावा बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की जान गई है। लगातार बढ़ते मौत के आंकड़ों ने यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं और हाई एल्टीट्यूड से जुड़ी समस्याओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

केदारनाथ में सबसे ज्यादा मौतें

इस साल 14 मई को यह आंकड़ा 40 का था, यानी बीते 14 दिन में 65 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा मौतें केदारनाथ धाम में 50 हुई है। जबकि बद्रीनाथ में 30, यमुनोत्री में 15 और गंगोत्री-गौमुख क्षेत्र में 10 मौतें दर्ज की गई हैं। पिछले 24 घंटों में टिहरी के देवप्रयाग में महाराष्ट्र के दो तीर्थयात्रियों (49 वर्षीय किशन नरहरि और 81 वर्षीय विमल ज्ञानोबा) की हार्ट अटैक से मौत हो गई।

सरकार लगातार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और मेडिकल तैयारियों का दावा कर रही है, लेकिन बढ़ते मौत के आंकड़े यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य चुनौतियों और हाई एल्टीट्यूड से जुड़ी परेशानियों की गंभीरता भी दिखा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अधिकांश मौतें हार्ट अटैक, हाई एल्टीट्यूड सिकनेस, हाइपरटेंशन और अन्य स्वास्थ्य कारणों से हुई हैं।

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23 लाख से ज्यादा श्रद्धालु चारधाम में पहुंचे

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 19 अप्रैल से अब तक चारधाम यात्रा में 23 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। हर साल की तरह इस बार भी देशभर से बड़ी संख्या में लोग बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

केदारनाथ में 9.01 लाख से ज्यादा, बद्रीनाथ में 6.42 लाख , यमुनोत्री में 4 लाख से ज्यादा और गंगोत्री में भी 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। अब तक यात्रा के लिए 42 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। केदारनाथ के लिए 14.84 लाख, बद्रीनाथ में 12.68 लाख, गंगोत्री 7.41 लाख, यमुनोत्री 6.86 लाख और श्री हेमकुण्ड साहिब के लिए 57 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

मौतों के पीछे हाई एल्टीट्यूड

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, चारधाम यात्रा में अब तक हुई अधिकांश मौतें स्वास्थ्य खराब होने, हार्ट अटैक और हाई एल्टीट्यूड सिकनेस जैसी समस्याओं के कारण हुई हैं। यात्रा मार्ग ऊंचाई वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जहां ऑक्सीजन का स्तर कम होने और लगातार चढ़ाई की वजह से बुजुर्गों और पहले से बीमार यात्रियों की तबीयत बिगड़ने के मामले सामने आ रहे हैं।

सरकार ने जारी की थी एडवाइजरी

चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले सरकार ने कई समीक्षा बैठकें की थीं। सभी विभागों को यात्रा शुरू होने से पहले तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। सरकार का दावा है कि यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं, डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। यात्रियों के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई थी, जिसमें बुजुर्गों, हाई ब्लड प्रेशर, शुगर और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई थी। स्वास्थ्य मंत्री ने भी यात्रियों से सावधानी बरतने और शरीर में परेशानी होने पर तुरंत रुकने की अपील की है।

स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा?

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सुबोध उनियाल ने कहा कि कई यात्री शरीर के संकेतों को नजरअंदाज कर तेजी से यात्रा पूरी करने की कोशिश करते हैं। इससे हार्ट अटैक और हाई एल्टीट्यूड की समस्या बढ़ जाती है।

19 अप्रैल से शुरू हुई थी चारधाम यात्रा

चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ शुरू हुई थी। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इसी दिन यमुनोत्री धाम में पहली पूजा पीएम मोदी के नाम की थी। रुद्रप्रयाग स्थित केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए थे। कपाट खुलने के मौके पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने धाम में पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम की पहली पूजा कराई थी। कपाट खुलने के बाद से ही बाबा के दर पर भक्तों का भारी सैलाब उमड़ रहा है। बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। कपाट खुलने के बाद से ही बद्री विशाल के दर्शन के लिए भक्तों में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है।

19 अप्रैल को खोले गए थे यमुनोत्री धाम के कपाट

चारधाम यात्रा के दूसरे पड़ाव यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। कपाट खुलने के बाद से ही यमुना मैया के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है।

गंगोत्री धाम के कपाट के साथ शुरू हुई थी चारधाम यात्रा

चारधाम यात्रा के पहले पड़ाव गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए थे। दोपहर 12: 15 बजे गंगोत्री और 12: 35 बजे यमुनोत्री के कपाट खोल दिए गए थे। गंगोत्री में पहली पूजा पीएम मोदी के नाम की हुई थी, जिसमें सीएम पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए थे। कपाट खुलने के बाद से ही भागीरथी गंगा के दर्शन और पवित्र स्नान के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।

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