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एक हादसा, चार जिंदगियां और 2 दशकों का इंतजार… 26 साल बाद भाखड़ा नहर से मिली वैन ने खोल दिए पुराने जख्म

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रूपनगर। पंजाब के रोपड़ में भाखड़ा नहर से एक मारुति ओमनी वैन बरामद की है। इस वैन देखते ही एक परिवार की 26 साल पहले हुए हादसे की यादें ताजा हो गई। आज से 26 साल पहले साल 2000 में थाना कीरतपुर साहिब के गांव कोटला के एक परिवार के चार सदस्य ओमनी वैन समेत भाखड़ा नहर में समा गए थे। हादसे के बाद महीनों तक तलाश चली थी, लेकिन न तो शव मिले थे और न ही वाहन का कोई पता चल पाया था। अब इलाके के समाजसेवी और गोताखोर कमलप्रीत सैनी ने हाल ही में भाखड़ा नहर में एक व्यक्ति के शव की तलाश के दौरान एक कार नहर की गहराई में मिली और उन्होंने कार को रस्सियों से बांध दिया था।

जानकारी के अनुसार, 20 अक्टूबर 2000 को कोटला गांव निवासी मुनि लाल, तेज राम, किसान सुरजीत सिंह और उनका बेटा कालू एक शादी समारोह से लौट रहा था। इसी दौरान उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर भाखड़ा नहर में गिर गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। वहीं घटना के बाद परिवारों और प्रशासन ने कई दिनों तक लगातार तलाश अभियान भी चलाया। हरिद्वार और देहरादून से विशेष गोताखोर बुलाए गए और नहर में दूर-दूर तक खोजबीन की गई। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद उस समय न तो वैन का पता चल सका और न ही लापता लोगों का कोई सुराग मिला। वक्त के साथ परिवारों ने भी उम्मीद छोड़ दी।

ऐसे मिला सुराग

हाल ही में इलाके के समाजसेवी और गोताखोर कमलप्रीत सैनी एक अन्य व्यक्ति के शव की तलाश में भाखड़ा नहर में उतरे थे। इसी दौरान उन्हें नहर की गहराई में एक वाहन दिखाई दिया। उन्होंने वाहन को रस्सियों से बांध दिया और बाद में स्थानीय लोगों तथा ट्रैक्टर की मदद से उसे बाहर निकाला गया।

वैन की छत हो चुकी थी क्षतिग्रस्त

गोताखोर कमलप्रीत सैनी ने बताया कि वैन का पिछला हिस्सा और छत जंग लगने के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं जबकि अगला हिस्सा कुछ हद तक सुरक्षित मिला। जब वैन की जांच की गई तो वह पूरी तरह जर्जर हालत में मिली। अंदर से इंसानी हड्डियां और एक बच्चे की स्कूल यूनिफॉर्म की शर्ट बरामद हुई। परिवार के लोगों ने उस शर्ट को कालू की यूनिफॉर्म के रूप में पहचान लिया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद परिवार के सदस्य भावुक हो गए।

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पुराने जख्म फिर से हो गए ताजा

परिवार वालों ने बताया कि उन्होंने वर्षों पहले ही अपनों के लौटने की उम्मीद छोड़ दी थी। अब अवशेष मिलने के बाद उन्होंने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन किया। इस घटना ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया है। 26 साल बाद वैन के बाहर आने से गांव में पुराने हादसे की यादें फिर ताजा हो गई हैं।

 

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