गोविंद सिंह डोटासरा का कांग्रेस पार्टी में बढ़ रहा है कद
कांग्रेस में मुख्यमंत्री बनने के सबसे प्रबल दावेदार
-आरएसएस की खुलकर आलोचना करने वाले नेता हैं कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं सचिन पायलट दोनों ही आरएसएस की आलोचना करने से बचते हैं।
मुन्ना खान
जयपुर (रॉयल पत्रिका)। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का जन्मदिन जयपुर में शक्ति प्रदर्शन का दिन बन गया। डोटासरा के जन्मदिन पर कांग्रेस पार्टी के सांसदों, विधायकों, पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भीड़ यह साबित करने के लिए काफी है कि डोटासरा ने कुशल राजनीतिक, कुशल वक्ता के साथ-साथ मजबूत संगठन बनाने की जबर्दस्त क्षमता रखते हैं। जन्मदिन पर प्रदेश भर से आई भीड़, पार्टी एवं संगठन में उनकी पकड़ की ओर इंगित करती है। कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा के नेतृत्व में राजस्थान के लोकसभा 2024 में 14 सीटों तक सीमित करके 10 सांसद कांग्रेस के जीता लिए। इससे पहले विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस ने डोटासरा के नेतृत्व में 69 सीटे जीती। गोविंद सिंह डोटासरा का प्रदर्शन पूर्ववर्ती कांग्रेस अध्यक्षों से बेहतर है। डोटासरा को 2020 में पीसीसी अध्यक्ष बनाया गया था। तब से आज तक प्रदेश में कांग्रेस संगठन काफी मजबूत हुआ है और पार्टी अपने कोर वोट बैंक दलित, पिछड़े, किसान एवं अल्पसंख्यकों में पकड़ मजबूत करने में कामयाब रही है।
आरएसएस की खुलकर आलोचना-
प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट मुख्यमंत्री के दावेदार माने जाते हैं। प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री की पार्टी में काफी लोकप्रियता है और राजनीति का लंबा अनुभव है। लेकिन गहलोत किसी भी परिस्थिति में आरएसएस की आलोचना नहीं करते हैं या करते हैं तो मामूली तरीके से। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट तो आरएसएस की और उसके विचारधारा की आलोचना करने से हमेशा ही बचते रहते हैं। जबकि कांग्रेस का कोर वोटर कभी भी आरएसएस की विचारधारा को पसंद नहीं करता है। दूसरी तरफ पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा आरएसएस के मुखर आलोचक हैं और राजनीतिक मंचों से आरएसएस की आलोचना करने में कभी पीछे नहीं रहते हैं। यही कारण है कि किसान, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों में डोटासरा को काफी पसंद किया जाता है। डोटासरा प्रदेश की भाजपा सरकार की और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जिस तरह आलोचना और विरोध करते हैं उतना कोई दूसरा कांग्रेसी नेता सोच भी नहीं सकता है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तरह डोटासरा आरएसएस और भाजपा की तीव्र आलोचना और उनमें कमियां निकालने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। यही कारण है कि प्रदेश कांग्रेस में कार्यकर्ताओं में भाजपा विरोध की भावना दिखाई देने लगी है। कांग्रेस में ऐसे वरिष्ठ नेताओं की कमी नहीं है जो कांग्रेस में रहकर भाजपा और आरएसएस से दोस्ती रखते हैं और मदद भी करते हैं। लेकिन गोविंद सिंह डोटासरा में ऐसा दिखाई नहीं देता है। यही कारण है कि डोटासरा कांग्रेस आलाकमान के चहेते बने हुए हैं। डोटासरा की कांग्रेस पार्टी में सक्रियता और आलाकमान की पसंद के कारण उन्हें पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी दिला सकती है।
कांग्रेस में मुख्यमंत्री बनने की प्रबल संभावना-
पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा में मजबूत संगठन बनाए रखने और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की क्षमता है। डोटासरा ने क्षमतावान विभिन्न कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पार्टी मंचों पर आगे बढ़ाया है। डोटासरा के पीसीसी अध्यक्ष रहते ऐसा कभी नहीं लगा कि प्रदेश में विपक्ष कमजोर है। इसके अलावा डोटासरा जाट वर्ग के कांग्रेस नेता हैं जो उनकी मजबूती का कारण है। डोटासरा के कारण ही जाट वर्ग अब कांग्रेस की पूरी तरह साथ है। दलित नेता और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से उनकी अच्छी ट्यूनिंग है। कांग्रेस विचारधारा को जिस तरह डोटासरा ने मजबूत किया है पहले कोई पीसीसी अध्यक्ष नहीं कर पाया है। आगामी विधानसभा में अगर कांग्रेस जीत कर आती है तो यह भी निश्चित माना जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट एक दूसरे को मुख्यमंत्री नहीं बनने देंगे। ऐसी स्थिति में पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा एवं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के भाग्य का फैसला हो सकता है। लेकिन डोटासरा की मेहनत, विचार, संगठन में पकड़ और आरएसएस की आलोचन खुलकर करना उनके नंबर बढ़ाता है। इसलिए कहा जा सकता है कि वर्तमान पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की भविष्य में मुख्यमंत्री बनने की प्रबल संभावना हो सकती है।
Disclaimer
Royal Patrika is an independent news portal and weekly newspaper. Content is published for informational purposes only. Royal Patrika does not take responsibility for errors, omissions, or actions taken based on published information.
Royal Patrika एक स्वतंत्र समाचार पोर्टल और साप्ताहिक समाचार पत्र है। यहां प्रकाशित सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से है। प्रकाशित जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय, त्रुटि या नुकसान के लिए Royal Patrika जिम्मेदार नहीं होगा।
